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    अंतरराष्ट्रीय छात्रों ने बरपार में समझा ग्रामीण उद्यमिता मॉडल:अमेरिका और भारत के विधि विद्यार्थियों ने जागृति उद्यम केंद्र का दौरा किया

    4 hours ago

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    देवरिया जिले के बरपार स्थित जागृति उद्यम केंद्र में शनिवार को एक अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक दल पहुंचा। अमेरिका के मिशिगन लॉ स्कूल के 17 और अशोका यूनिवर्सिटी के 5 विधि विद्यार्थियों ने ग्रामीण उद्यमिता मॉडल को समझने के लिए इस केंद्र का दौरा किया। यह दौरा उनके ग्रामीण इमर्शन कार्यक्रम का हिस्सा था। दल के दौरे की शुरुआत लगभग 300 वर्ष पुराने बरगद के पेड़ के नीचे आयोजित एक ध्यान सत्र से हुई। इस सत्र के माध्यम से प्रतिभागियों ने ग्रामीण वातावरण की शांति और सामुदायिक जुड़ाव का अनुभव किया। इसके बाद, जागृति उद्यम केंद्र की टीम ने ग्रामीण विकास और उद्यमिता पर आधारित अपने परिवर्तन मॉडल की विस्तृत प्रस्तुति दी। छात्रों ने महिला उद्यमिता सशक्तिकरण, इन्क्यूबेशन के आर्थिक प्रभाव, किसानों तक प्रौद्योगिकी पहुंचाने की रणनीतियों और सामुदायिक भागीदारी पर आधारित कार्यप्रणाली पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने विशेष रूप से यह जानने में रुचि दिखाई कि सीमित संसाधनों वाले ग्रामीण क्षेत्रों में नवाचार और उद्यमिता के माध्यम से आर्थिक परिवर्तन कैसे लाया जा रहा है। यह शैक्षणिक दल सीएसबीसी, अशोका यूनिवर्सिटी के निदेशक डॉ. पवन ममिडी के नेतृत्व में बरपार पहुंचा था। रणनीतिक संचार के एसोसिएट डायरेक्टर गोपिकृष्णन नायर और रिसर्च कम्युनिकेशंस की डिप्टी मैनेजर आनंदिता लिधू ने बताया कि ऐसे ग्रामीण अनुभव कार्यक्रम विद्यार्थियों को जमीनी वास्तविकताओं से जोड़ते हैं। ये कार्यक्रम उन्हें विकास के विभिन्न मॉडलों को समझने का अवसर प्रदान करते हैं। प्रतिभागियों ने ग्रामीण समुदाय की सहयोग भावना और उद्यमिता आधारित परिवर्तन मॉडल को प्रेरणादायक बताया। इस कार्यक्रम में जागृति के प्रोग्राम मैनेजर मनीष बजाज, महिला उत्कृष्टता केंद्र की प्रबंधक शिल्पी सिंह, अभिषेक भारद्वाज, नित्या सिंह और आनंद सिंह सहित अन्य सदस्य उपस्थित थे। ग्रामीण उद्यमिता मॉडल स्थानीय संसाधनों और कौशल पर आधारित विकास की अवधारणा प्रस्तुत करता है। यह छोटे स्तर के उद्यमों, सामुदायिक सहयोग और प्रशिक्षण-इन्क्यूबेशन के माध्यम से रोजगार सृजन को बढ़ावा देता है। इससे ग्रामीण पलायन में कमी आती है, महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ती है और किसानों को बाजार से सीधे जुड़ने का अवसर मिलता है। तकनीक और प्रशिक्षण के संयोजन से यह मॉडल सतत विकास की दिशा में प्रभावी पहल के रूप में उभर रहा है।
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