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    अधिवक्ताओं ने विवेचक के ट्रांसफर की मांग की:उन्नाव में अधिवक्ता भवन निर्माण मामले में रिश्वतखोरी का आरोप

    4 hours ago

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    उन्नाव में बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने पुलिस अधीक्षक की मौजूदगी में सीओ सिटी से मुलाकात कर अधिवक्ता भवन निर्माण मामले की जांच कर रहे विवेचक को हटाने की मांग उठाई। अधिवक्ताओं ने विवेचक पर रिश्वत लेकर पक्षपातपूर्ण कार्रवाई करने और निष्पक्ष जांच न करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। अधिवक्ताओं के अनुसार, कचहरी परिसर में अधिवक्ताओं की सुविधाओं के लिए राजा राव राम बक्श, आचार्य चाणक्य और परशुराम अधिवक्ता भवनों का निर्माण कराया गया था। वर्तमान बार एसोसिएशन कार्यकारिणी ने पूर्व कार्यकारिणी पर इन भवनों के निर्माण में वित्तीय अनियमितता और घालमेल के आरोप लगाए हैं। इसी संबंध में दर्ज मुकदमे में पूर्व बार एसोसिएशन अध्यक्ष सतीश शुक्ला और पूर्व महामंत्री अरविंद कुमार दीक्षित नामजद हैं। अधिवक्ताओं का कहना है कि अपराध संख्या 1052/2025 के तहत दर्ज यह मुकदमा तथ्यों से परे और दुर्भावनापूर्ण है। पूर्व पदाधिकारियों ने जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि विवेचक ने निष्पक्षता के बजाय पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाया और जल्दबाजी में आरोप पत्र दाखिल करने का प्रयास किया। साथ ही यह भी आरोप लगाया गया कि विवेचक ने पूर्व महामंत्री के भाई से कथित रूप से रिश्वत लेकर मामले में पक्ष विशेष को लाभ पहुंचाया। अधिवक्ताओं ने मांग की कि जांच की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए वर्तमान विवेचक को हटाकर किसी अन्य अधिकारी को जांच सौंपी जाए। उनका कहना है कि मौजूदा जांच अधिकारी के रहते निष्पक्ष जांच संभव नहीं है। सीओ सिटी ने अधिवक्ताओं की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए आश्वासन दिया है कि लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र जांच कराई जाएगी। यदि आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए जाते हैं तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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