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    Ballia में जितिया व्रत से पहले रागी की रोटी खाकर 63 लोग बीमार, जांच में जुटी फूड सेफ्टी टीम

    8 hours ago

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    बलिया (उप्र), तीन अक्टूबर बलिया जिले में जितिया व्रत से पहले रागी के आटे की रोटी के सेवन के बाद बीमार पड़े लोगों की संख्या बढ़कर 63 हो गई है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी। जिलाधिकारी ज्ञानेन्द्र सिंह ने बताया कि बांसडीह तहसील क्षेत्र के चोकन और आसचौरा गांवों में शुक्रवार को रागी के आटे की रोटी खाने के बाद बड़ी संख्या में महिला, बच्चे और पुरुष बीमार हो गए थे।उन्होंने बताया कि शनिवार को बीमार लोगों की कुल संख्या 63 हो गई। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अभय नारायण राय ने बताया कि रागी के आटे की रोटी खाने के बाद बीमार हुए 63 लोगों में से तीन जिला मुख्यालय के एक निजी अस्पताल और तीन बांसडीह के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती हैं, जबकि बाकी मरीज जिला चिकित्सालय में भर्ती हैं। उन्होंने बताया कि बीमार लोगों में 11 बच्चे, 15 पुरुष और बाकी महिलाएं हैं।बांसडीह तहसील क्षेत्र के चोकन और आसचौरा गांवों में लोगों के बीमार होने की जानकारी मिलने के बाद प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने उन्हें जिला चिकित्सालय समेत अन्य अस्पतालों में भर्ती कराया गया। जिलाधिकारी ने शुक्रवार को जिला चिकित्सालय पहुंचकर भर्ती मरीजों का हाल जाना और चिकित्सकों से उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली थी। उन्होंने मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए थे।जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह ने शुक्रवार को प्रभावित गांवों का दौरा कर बीमार लोगों और उनके परिजनों से बातचीत भी की थी। जिला प्रशासन के अनुसार, परिजनों ने अधिकारियों को बताया कि उन्होंने दुकानदार सोनू वर्मा की दुकान से रागी का आटा खरीदा था और इसी आटे की रोटी बनाकर सतपुतिया की सब्जी के साथ प्रसाद के रूप में खाई थी। इसके बाद उन सभी लोगों की तबीयत बिगड़ गई जिन्होंने यह रागी के रोटी का सेवन किया था।प्रशासन के अनुसार, सभी मरीजों को आवश्यक चिकित्सकीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। जिलाधिकारी के अनुसार, घटना के कारणों की जांच के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग के दल और संबंधित अधिकारियों को मौके पर भेजा गया है। जितिया को जीवित्पुत्रिका व्रत भी कहा जाता है।इस दौरान माताएं अपने बच्चों की भलाई, सुख-समृद्धि और लंबी उम्र के लिए व्रत रखती हैं और पूजा-पाठ करती हैं। व्रत शुरू करने से पहले बलिया जिले में महिलाएं परंपरागत रूप से रागी के आटे की रोटी के साथ सतपुतिया की सब्जी का सेवन करती हैं।
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