Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    बैडमिंटन वर्ल्ड कप- लंगूर के वेश में तैनात होंगे वोलेंटियर:बंदरों को भगाने का काम करेंगे, विदेशी मीडिया तक पहुंची खबर

    3 hours ago

    1

    0

    दिल्ली में 17 अगस्त से शुरू होने वाली वर्ल्ड चैंपियनशिप के दौरान बंदरों का उत्पात रोकने के लिए इंसानों को लंगूर के वेश में तैनात किया जाएगा। इसके लिए 3 कलाकारों को हायर किया गया है, जो मुकाबलों के दौरान लंगूर का गेटअप अपनाकर तैनात रहेंगे। बंदरों को लंगूरों से डर लगता है और वे उन जगहों पर नहीं टिकते जहां उन्हें लंगूर के होने का खतरा महसूस होता है। दिल्ली के कई इलाकों में बड़ी संख्या में बंदर मौजूद हैं। ये काम में बाधा पहुंचाते हैं और इनके उत्पात से लोग त्रस्त रहते हैं। इस साल जनवरी में इंडिया ओपन बैडमिंटन टूर्नामेंट के दौरान भी बंदरों ने परेशानी खड़ी की थी। इस बार ऐसा न हो इसके लिए ही इंसानों को लंगूर के वेश में तैनात किया जाएगा। लंगूर की आवाज सुनकर भागते हैं बंदर आयोजकों ने असली लंगूर रखने के बजाय उनकी आवाज निकालने वाले लोगों को काम पर लगाया है। इसकी वजह यह है कि बंदर लंगूरों से डरते हैं। लंगूर आकार में बड़े होते हैं और उनके आक्रामक होने की स्थिति में बंदर इलाके से दूर चले जाते हैं। मिमिक अपनी आवाज से लंगूर की गुर्राहट और दूसरे संकेतों की नकल करते हैं। जफर नाम के एक मंकी व्हिस्परर ने बताया कि आवाज सुनते ही कई बंदर भाग जाते हैं। उनके मुताबिक, आवाज निकालने का सही समय भी काफी महत्वपूर्ण होता है। मामला लीगल है में भी बंदरों से परेशान कोर्ट, निकाला था ऐसा ही जुगाड़ दिल्ली की इस असली समस्या की याद नेटफ्लिक्स की कॉमेडी-ड्रामा सीरीज मामला लीगल है के एक एपिसोड की कहानी भी दिलाती है। सीरीज में पटपड़गंज डिस्ट्रिक्ट कोर्ट परिसर में बंदरों के आतंक से वकील परेशान हो जाते हैं। एक बंदर वकील का बैग छीनकर पेड़ पर ले जाता है और उसमें रखे पैसे नीचे फेंक देता है। इसके बाद वकील बंदरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हैं और हड़ताल तक कर देते हैं। समस्या का समाधान निकालने के लिए सीरीज में वकील एक स्थानीय व्यक्ति को लंगूर की ड्रेस पहनाने का सुझाव देते हैं। उनका तर्क होता है कि बंदर लंगूरों से डरते हैं, इसलिए बंदरों को भगाया जा सकता है। शुरुआत में जज इस आइडिया को इंसानी गरिमा के खिलाफ बताते हैं। लेकिन बाद में इस प्रस्ताव को मंजूरी मिल जाती है और शंभू को कोर्ट का MRO यानी मंकी रीपीलिंग ऑफिसर बना दिया जाता है। विदेशी मीडिया में दिल्ली के ‘मंकी मैनेजमेंट’ की चर्चा विदेशी मीडिया साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट ने नो मंकी बिजनेस हेडलाइन के साथ रिपोर्ट किया है। वहीं, द ट्रिब्यून और द न्यूज मिल ने भी इसको यूनिक इंडियन सॉल्यूशन बताया है। 2012 से असली लंगूर के इस्तेमाल पर रोक पहले सरकारी और सार्वजनिक जगहों पर बंदरों को भगाने के लिए असली लंगूरों का इस्तेमाल किया जाता था। हालांकि, 2012 के बाद इस तरीके पर रोक लगा दी गई। इसके बाद लंगूर की आवाज निकालने वाले लोगों का इस्तेमाल किया जाने लगा। ऐसे मिमिक दिल्ली में पहले भी बड़े आयोजनों के दौरान काम कर चुके हैं। 2023 के G20 समिट के दौरान भी लंगूर की आवाज निकालने वाले लोगों और लंगूर के कटआउट का इस्तेमाल बंदरों को दूर रखने के लिए किया गया था। मंकी व्हिस्परर को एक असाइनमेंट के 20-25 हजार रुपए स्टेडियम में तैनात किए जा रहे इन मिमिक का काम सिर्फ आवाज निकालना नहीं है। उन्हें बंदरों की गतिविधियों पर नजर रखनी होगी। रिपोर्ट के मुताबिक, ऐसे मंकी व्हिस्परर को एक असाइनमेंट के लिए करीब 20 से 25 हजार रुपए तक मिलते हैं। जफर ने बताया कि यह काम उन्हें पीढ़ियों से मिला है और वे दिल्ली के कई बड़े सरकारी इलाकों और अन्य शहरों में भी यह काम कर चुके हैं। स्टेडियम के 16 एंट्री गेट पर डबल डोर बंदरों को रोकने के लिए सिर्फ मिमिक पर भरोसा नहीं किया गया है। स्टेडियम के सभी 16 एंट्री गेट पर ऑटोमैटिक डबल-डोर सिस्टम लगाया गया है। इसका उद्देश्य बंदरों और आवारा कुत्तों को अंदर आने से रोकना है। आयोजकों ने स्टेडियम की छत की लीकेज भी ठीक की है। पुराने भवन की कई जगहों पर मरम्मत की गई है और टॉयलेट्स को भी रिफर्बिश किया गया है। बारिश के दौरान छत की स्थिति को भी टेस्ट किया गया है। कबूतरों को भगाने के लिए अमेरिका से मशीन, नॉन-टॉक्सिक जेल जनवरी के इंडिया ओपन में बंदरों के अलावा कबूतर भी बड़ी समस्या बने थे। एक मैच के दौरान कबूतर की बीट कोर्ट पर गिरने से खेल रोकना पड़ा था। इसके बाद आयोजकों ने वर्ल्ड चैंपियनशिप से पहले कबूतरों को रोकने के लिए भी इंतजाम किए हैं। स्टेडियम की छत और डक्टिंग के आसपास अमेरिका से मंगाई गई नॉन-टॉक्सिक पिजन रिपेलेंट जेल लगाई गई है। इसके अलावा ऐसी मशीनें लगाई गई हैं जो शिकारी पक्षियों की आवाज निकालती हैं। इनका मकसद कबूतरों को स्टेडियम से दूर रखना है। करीब 20 करोड़ रुपए में स्टेडियम का रेनोवेशन वर्ल्ड चैंपियनशिप से पहले इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम को बड़े स्तर पर तैयार किया गया है। स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (SAI) ने रेनोवेशन पर करीब 20 करोड़ रुपए खर्च किए हैं। स्टेडियम में नई और रिफर्बिश्ड कुर्सियां लगाई गई हैं। इमारत की पेंटिंग की गई है। वेंट्स को सील किया गया है और एंट्री सिस्टम को भी बदला गया है। इसके अलावा रूफ लीकेज, कोर्ट लाइटिंग और एयरफ्लो से जुड़ी समस्याओं पर भी काम किया गया है। PV सिंधु बोलीं- समाधान पर हंस सकते हैं, लेकिन कोशिश की तारीफ करनी चाहिए पीवी सिंधु ने लंगूर की आवाज निकालने वाले मिमिक के इंतजाम पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि समाधान सुनने में मजेदार लग सकता है, लेकिन भारत को वर्ल्ड चैंपियनशिप के लिए तैयार करने के पीछे हो रही मेहनत की तारीफ करनी चाहिए। सिंधु ने कहा कि दुनिया के सामने भारत की मेजबानी और तैयारियों को बेहतर बनाने के लिए कई लोग पर्दे के पीछे काम कर रहे हैं। उन्होंने इसे यूनिकली इंडियन समाधान बताया। 17 से 23 अगस्त तक होगी वर्ल्ड चैंपियनशिप BWF वर्ल्ड चैंपियनशिप 17 से 23 अगस्त तक नई दिल्ली के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में खेली जाएगी। भारत 17 साल बाद इस टूर्नामेंट की मेजबानी कर रहा है। दिल्ली में बंदरों से परेशानी बढ़ी दिल्ली में सार्वजनिक स्थानों पर बंदरों को खाना खिलाना भी प्रतिबंधित है। दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा है कि बंदरों को खाना खिलाने से वे इंसानी बस्तियों की ओर आकर्षित होते हैं, जिससे स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ सकती हैं। नगर निगम और वन विभाग के नियमों के तहत बंदरों को पकड़ना या उन्हें परेशान करना वन्यजीव संरक्षण कानून के दायरे में आता है। प्रशासन का जोर बंदरों को शहरी इलाकों से हटाकर उनके प्राकृतिक आवास, जैसे असोला भट्टी वन्यजीव अभयारण्य, में वापस भेजने पर रहता है। -------------- स्पोर्ट्स से जुड़ी ये खबरें भी पढ़िए… क्यों वर्ल्डकप के लिए क्वालिफाई नहीं कर पा रही वेस्टइंडीज, जानिए 5 कारण 2 बार की वर्ल्ड चैंपियन वेस्टइंडीज वनडे वर्ल्डकप 2027 के लिए सीधे क्वालिफाई नहीं कर सकी है। सोमवार को अफगानिस्तान की टीम से उसका क्वालिफायर खेलना तय हो गया है। टीम ICC वनडे रैंकिंग में नंबर-10 पर है। उसे कट ऑफ डेट से पहले इंडिया के खिलाफ दो मैच खेलने हैं। लेकिन इन्हें जीतकर भी टीम टॉप-8 में नहीं आ सकेगी। पढ़ें पूरी खबर 2027 वनडे वर्ल्डकप के फॉर्मेट पर स्कॉटलैंड-नीदरलैंड्स नाराज; ICC पर अपमान का आरोप 2027 वनडे वर्ल्ड कप के नए फॉर्मेट को लेकर ICC और एसोसिएट देशों के बीच विवाद शुरू हो गया है। स्कॉटलैंड और नीदरलैंड्स के क्रिकेट बोर्ड ने टूर्नामेंट के नए फॉर्मट पर आपत्ति जताई है। दोनों बोर्ड ने ICC पर फैसले लेने की प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं रखने का आरोप लगाया है। पढ़ें पूरी खबर
    Click here to Read more
    Prev Article
    ‘उसकी बुद्धि भ्रष्ट हो गई है’:गोविंदा के एक्ट्रेस कोमल के साथ दिखने पर पत्नी सुनीता भड़कीं, बोलीं- क्या घटिया स्टैंडर्ड है
    Next Article
    मेसी ने फुटबॉल से ब्रेक लिया:पिता की मौत के बाद परिवार के साथ रहने का फैसला; संन्यास लेने के संकेत नहीं

    Related स्पोर्ट्स Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment