Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    बंगाल की खाड़ी में 9 मछुआरों के शव मिले:बॉडी सड़ जाने से पहचान मुश्किल; 8 दिन पहले बोट पलटी थी; 6 अब भी लापता

    10 hours ago

    1

    0

    पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना के पास बंगाल की खाड़ी में डूबे एक ट्रॉलर से आठ दिन बाद नौ मछुआरों के शव बरामद किए गए हैं। छह मछुआरे अब भी लापता हैं और उनकी तलाश जारी है। 'जय मां काली' नाम का ट्रॉलर 2 जुलाई को पूर्व मेदिनीपुर जिले के शंकरपुर मछली बंदरगाह से 15 मछुआरों को लेकर समुद्र में मछली पकड़ने निकला था। 6 जुलाई के बाद ट्रॉलर से संपर्क टूट गया था। अधिकारी ने बताया कि समुद्र में कई दिन रहने के कारण शव बुरी तरह सड़ चुके हैं और उनकी पहचान करना मुश्किल है। अब उनकी पहचान डीएनए (DNA) जांच के बाद ही हो सकेगी। पीएम मोदी ने हादसे पर दुख जताते हुए मृतकों के परिजनों को पीएमएनआरएफ (PMNRF) से दो-दो लाख रुपये की सहायता देने का ऐलान किया है। आठ दिन की तलाश के बाद मिला डूबा ट्रॉलर जिला प्रशासन के मुताबिक, पुलिस और भारतीय तटरक्षक बल ने आठ दिन की तलाश के बाद शनिवार को बक्खाली तट से करीब 35 किलोमीटर दूर बाघेर चार के पास डूबे ट्रॉलर का पता लगाया। रविवार को कई मछली पकड़ने वाले ट्रॉलरों की मदद से इसे पाथरप्रतिमा के सीतारामपुर तट तक लाया गया। इसके बाद पूरी रात चले राहत अभियान में ट्रॉलर के अंदर से नौ मछुआरों के शव निकाले गए। प्रारंभिक जांच में माना जा रहा है कि बंगाल की खाड़ी में खराब मौसम के कारण ट्रॉलर पलट गया होगा। हालांकि, हादसे की असली वजह जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगी। ओडिशा के तीन सगे भाई भी लापता लापता मछुआरों में ओडिशा के बालासोर जिले के तीन सगे भाई- रवींद्र माझी (52), जयराम माझी (49) और जगन्नाथ माझी (45) शामिल हैं। उनके रिश्तेदार संन्यासी माझी ने बताया कि तीनों पहले भी कई बार मछली पकड़ने के लिए शंकरपुर जाते रहे थे। अधिकारी ने बताया कि ट्रॉलर पर शुरुआत में 16 लोगों के जाने की योजना थी, लेकिन एक व्यक्ति किसी कारणवश नहीं गया। बाकी मृतक और लापता मछुआरे पूर्व मेदिनीपुर, हावड़ा और नदिया जिलों के रहने वाले हैं। काकद्वीप उप-मंडलीय अस्पताल की मोर्चरी के बाहर उनके परिजन अब भी इंतजार कर रहे हैं। ---------------------------------- ये खबर भी पढ़ें… वृंदावन में यमुना में नाव डूबी, 10 पर्यटकों की मौत:इनमें 7 एक ही परिवार के; लाइफ जैकेट नहीं पहनी थी; सभी पंजाब के रहने वाले मथुरा के वृंदावन में 37 श्रद्धालुओं से भरी प्राइवेट नाव (स्टीमर) यमुना नदी में पलट गई। हादसे में 10 की डूबने से मौत हो गई। इनमें मां-बेटे, चाचा-चाची और बुआ-फूफा समेत एक ही परिवार के 7 सदस्य शामिल थे। युवती समेत 5 लोग अभी भी लापता हैं। नाव में सवार सभी श्रद्धालु पंजाब से घूमने आए थे। पूरी खबर पढ़ें…
    Click here to Read more
    Prev Article
    केरलम- डॉक्टर की सैलरी ₹20 हजार, इतनी ही सफाईकर्मी की:जरूरत से 10 गुना ज्यादा डॉक्टर; इंडियन मेडिकल एसोसिएशन बोला- 66% डॉक्टर की हालत बंधुआ मजदूरों जैसी
    Next Article
    खबर हटके- रील के लिए दादी का स्कॉर्पियो पर स्टंट:सुबह शादी, शाम तक हो गया तलाक; चलती ट्रेन में रुद्राभिषेक, रेलवे बोला- ₹3 लाख दिए

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment