Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    भागवत बोले- भारत में बांग्लादेश-फ्रांस जैसे हालात बनाने की कोशिश:सत्ता बदलकर अपने पिट्ठू बैठाना चाहते हैं, कुछ नेता देश तोड़ने में मदद कर रहे

    12 hours ago

    1

    0

    RSS प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि भारत में भी बांग्लादेश और फ्रांस जैसे हालात बनाने की कोशिश हो रही है। दुनिया में ऐसी शक्तियां हैं, जो भारत को दबाना चाहती हैं। उनका मकसद सत्ता परिवर्तन कर हालात सुधारना नहीं, बल्कि अपने पिट्ठू बैठाना है। भागवत मंगलवार को नागपुर संघ मुख्यालय में आयोजित विजयादशमी उत्सव में बोल रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि कुछ लोग भारत और हिंदू समाज को तोड़ना चाहते हैं और उन्हें ऐसे नेताओं का भी समर्थन मिलता है। RSS हर साल विजयादशमी पर अपना स्थापना दिवस मनाता है। 1925 में इसी दिन संघ की स्थापना हुई थी। भागवत ने कार्यक्रम में शस्त्र पूजन किया। भागवत के भाषण की 5 बड़ी बातें 1. आंदोलन का उद्देश्य समाधान हो, समाज में विभाजन नहीं समस्याओं के कारण आंदोलन होते हैं, लेकिन उनका उद्देश्य समाधान होना चाहिए, न कि समाज में द्वेष और विभाजन पैदा करना। कई बार आंदोलनों को दूसरे उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल किया जाता है और वे राजनीति का साधन बन जाते हैं। समाज और देश को सिर्फ नेता नहीं चलाते, बल्कि समाज की सक्रियता से भी समस्याओं का समाधान होता है। 2. एकता के सूत्र में बंधे रहेंगे तो कोई हमारा कुछ नहीं बिगाड़ सकता दुनिया में ऐसी शक्तियां हैं, जो भारत को दबाना चाहती हैं। उनके प्रभाव में आकर हमें उत्तेजित नहीं होना चाहिए। लॉर्ड कर्जन ने हिंदू-मुस्लिम आधार पर बंगाल का विभाजन किया था, जिसे चार साल बाद वापस लेना पड़ा। लेकिन 1947 में देश का विभाजन नहीं रुक सका, क्योंकि लोगों के मन में आ गया था कि जो अलग दिखते हैं, वे अलग ही हैं। 3. हमारे पूर्वज एक, सबको साथ लेकर चलना जरूरी हम सभी के पूर्वज एक हैं और हमारी संस्कृति का मूल भी एक है। किसी की अलग पहचान मिटाए बिना सभी को साथ लेकर चलना चाहिए। भारत की परंपरा और विचारों में दुनिया की समस्याओं का समाधान देने की क्षमता है। 4. विकास हो, लेकिन प्रकृति का नुकसान न हो भागवत ने नेपाल बाढ़ का उदाहरण देते हुए कहा कि विकास के लिए तकनीक को बढ़ावा देना जरूरी है, लेकिन इससे प्रकृति को नुकसान नहीं होना चाहिए। विकास ऐसा हो, जिसमें इकोनॉमी के साथ इकोलॉजी और एथिक्स का भी ध्यान रखा जाए। 5. OTT के नियम तय हों, AI का सही इस्तेमाल हो आज लोगों को हर तरह की जानकारी मिल रही है, लेकिन सही-गलत समझे बिना उसका इस्तेमाल करने से नुकसान हो सकता है। OTT प्लेटफॉर्म पर नियम होने चाहिए और सरकार-प्रशासन को इस पर ध्यान देना चाहिए। इसके अलावा AI का सही इस्तेमाल करना जरूरी है। कार्यक्रम में इजराइल के काउंसल जनरल भी पहुंचे कार्यक्रम में पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ और उनकी पत्नी डॉ. सुदेश धनखड़, इजराइल के काउंसल जनरल यानिव रेवाच, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी भी मौजूद रहे।
    Click here to Read more
    Prev Article
    'पानीपत का पंडित' आज लॉरेंस क्राइम सिंडिकेट का चेहरा, डंकी रूट से पहुंचा अमेरिका, जानें अपराध की दुनिया में कैसे पहुंचा
    Next Article
    BJP का दावा- राहुल गांधी वियतनाम गए:फ्लाइट का वीडियो पोस्ट कर लिखा- झूठ फैलाते-फैलाते थक गए; कांग्रेस बोली- दूसरे लोग भी विदेश जाते हैं

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment