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    Siddharth Khera भगोड़ा घोषित, 400 करोड़ के Maritime फ्रॉड में दिल्ली कोर्ट का बड़ा आदेश

    4 hours from now

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    दिल्ली की एक अदालत ने कथित 400 करोड़ रुपये के सीगल मैरीटाइम एजेंसीज प्राइवेट लिमिटेड धोखाधड़ी मामले में सिद्धार्थ खेड़ा को भगोड़ा घोषित कर दिया है और पुलिस को उनके खिलाफ मामला दर्ज करने का निर्देश दिया है। न्यायिक मजिस्ट्रेट (प्रथम श्रेणी) दीपाक्षी राणा ने कहा कि दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 82 के तहत 30 दिनों की कार्यवाही की अवधि बीत जाने के बाद भी सिद्धार्थ खेड़ा अदालत में पेश नहीं हुए। अदालत ने 30 सितंबर के अपने आदेश में कहा, ‘‘इन परिस्थितियों में आरोपी सिद्धार्थ खेड़ा को इस मामले में भगोड़ा घोषित किया जाता है।संबंधित थाने के थाना प्रभारी (एसएचओ) को आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया जाता है।’’ यह घटनाक्रम उच्चतम न्यायालय द्वारा जांच एजेंसी को सिद्धार्थ खेड़ा के प्रत्यर्पण के अनुरोध के लिए कूटनीतिक माध्यमों का सहारा लेने की अनुमति दिए जाने के एक साल बाद सामने आया है। उच्चतम न्यायालय ने 18 सितंबर, 2025 के अपने आदेश में कहा था कि जांच एजेंसी ‘‘मुख्य आरोपी सिद्धार्थ खेड़ा के प्रत्यर्पण का अनुरोध करने के लिए कूटनीतिक माध्यमों का सहारा ले सकती है।’’ उच्चतम न्यायालय ने जांचकर्ताओं को इस मामले के अन्य आरोपियों से अतिरिक्त दस्तावेज प्राप्त करने और जांच में उनका सहयोग लेने की अनुमति भी दी थी। आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने जनवरी 2022 में भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की थी।इनमें धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक साजिश से संबंधित धाराएं शामिल थीं। आरोपों के अनुसार सिद्धार्थ खेड़ा और उनके पिता अजय खेड़ा ने सीगल की व्यावसायिक गतिविधियों और उससे होने वाले भुगतानों को एज्योर इंटरनेशनल एलएलसी तथा उससे जुड़ी एक अन्य कंपनी की ओर स्थानांतरित कर दिया था। सेंट्रल वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन के पूर्व कार्यकारी निदेशक अजय खेड़ा को 22 सितंबर, 2022 को गिरफ्तार किया गया था और उसी वर्ष दिसंबर में उनके खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया गया था।दिल्ली उच्च न्यायालय ने अप्रैल 2023 में उन्हें जमानत दे दी थी।
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