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    'भागवत के घर वापसी वाले बयान का गलत अर्थ निकाला':सहारनपुर में इसहाक गोरा बोले-मदनी का जो वीडियो दिखाया जा रहा, वो पुराना

    1 hour ago

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    मोहन भागवत के घर वापसी वाले बयान के बाद मामला तूल पकड़ने लगा है। इस पर राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी हैं। इसी कड़ी में जमीयत दावातुल मुस्लिमीन के संरक्षक एवं देवबंदी मौलाना कारी इसहाक गोरा का भी बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि घर वापसी पर मोहन भागवत की जुबान फिसल गई है। इसहाक गोरा ने धर्म आधारित फिल्मों, रमजान में माइक विवाद, एसआईआर सर्वे और अमेरिका के टैरिफ फैसले पर भी खुलकर बात की। आइये जानते हैं उन्होंने क्या कुछ कहा है। सवाल: मोहन भागवत के 'घर वापसी' वाले बयान पर देशभर में बहस छिड़ी है, आप कैसे देखते हैं? जवाब: देखिए, मोहन भागवत एक बुजुर्ग और बुद्धिजीवी व्यक्ति हैं। मुझे नहीं लगता कि उन्होंने जानबूझकर ऐसा बयान दिया होगा। संभव है कि उनकी जुबान फिसल गई हो या उनके कहने का आशय कुछ और रहा हो। लेकिन इस तरह के बयान जब बड़ी हस्तियों के मुंह से आते हैं तो स्वाभाविक रूप से चर्चा और विवाद का विषय बन जाते हैं। सवाल: उनके बयान के बाद मौलाना सैयद अरशद मदनी का एक वीडियो वायरल हो रहा है, क्या कहेंगे? जवाब: सैयद अरशद मदनी साहब का जो वीडियो दिखाया जा रहा है, वह पुराना है। उसे मौजूदा बयान के ठीक उलट दिखाकर माहौल बनाने की कोशिश की जा रही है। मेरी मीडिया से अपील है कि पुराने वीडियो को नए विवाद से जोड़कर पेश न करें। इससे समाज में अनावश्यक तनाव पैदा होता है। सवाल: 'दा केरला स्टोरी-2' को कैसे देखते हैं? जवाब: आज का बॉलीवुड पहले जैसा नहीं रहा। अब धर्म के नाम पर फिल्में बनाकर एक विशेष समुदाय को टारगेट किया जा रहा है। हाल में आई 'दा केरला स्टोरी-2 को लेकर भी हमने आपत्ति जताई है। इससे पहले भी इसी तरह की फिल्में आईं। मेरा मानना है कि ऐसी फिल्मों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। सरकार को प्रोड्यूसर और संबंधित लोगों पर कदम उठाना चाहिए, ताकि भविष्य में समाज में वैमनस्य फैलाने वाली फिल्में न बनें। सवाल: रमजान में माइक को लेकर सियासत तेज हो रही है, सदन में सपा नेता ने अनुमति की मांग की, जिसे सुरेश खन्ना ने खारिज कर दिया? जवाब: सुरेश खन्ना द्वारा अनुमति खारिज करने की बात आई, लेकिन मेरा मानना है कि इसकी जरूरत ही नहीं थी। जहां कोर्ट के आदेश के तहत अनुमति है, वहां माइक का इस्तेमाल हो रहा है। रमजान में इफ्तार और सहरी के समय माइक को लेकर राजनीति करना उचित नहीं। लोगों को अपना धर्म शांतिपूर्वक निभाने दिया जाना चाहिए। सवाल: एसआईआर को लेकर विपक्ष 3 करोड़ वोट कटने की आशंका जता रहा है, आप कैसे देखते हैं? जवाब: एसआईआर में लोगों की लापरवाही भी सामने आई है। विपक्ष आज आवाज उठा रहा है, लेकिन जब फॉर्म भरवाने का समय था तब उनके कार्यकर्ता मोहल्लों में क्यों नहीं पहुंचे? लोगों में भ्रम और डर था। तब उन्हें जागरूक करना चाहिए था। हालांकि अभी भी समय है, सरकार को गाइडलाइन जारी करनी चाहिए ताकि जो लोग छूट गए हैं वे अपनी प्रक्रिया पूरी कर सकें। सवाल: अमेरिका द्वारा लगाए गए 18% टैरिफ को आप कैसे देखते हैं? जवाब: अमेरिका को हमने जरूरत से ज्यादा महत्व दे रखा है। अगर वह टैरिफ लगाकर भारत को नुकसान पहुंचाने की सोच रहा है तो यह उसकी गलतफहमी है। भारत व्यापार के क्षेत्र में मजबूत देश है। थोड़ा असर यहां पड़ेगा तो उससे ज्यादा असर अमेरिका पर भी पड़ेगा। यह एक बड़े स्तर पर आर्थिक दबाव की रणनीति है, लेकिन भारत इससे निपटने में सक्षम है।
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