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    जब धार्मिक संस्थाए शिक्षा, स्वास्थ्य और समाज सेवा से जुड़ती है, तो सांदीपनि आश्रम की झलक दिखाई देती है: मगनभाई पटेल

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    हाल ही में गुजरात के वापी जिले में श्री स्वामीनारायण ज्ञानपीठ-सलवाव और अहमदाबाद की ओमकार अंधजन सेवा संस्थान ने ब्लाइंड महिला क्रिकेट टूर्नामेंट का आयोजन जी.एम. बिलखिया स्टेडियम, वापी मे किया था। इस टूर्नामेंट की अध्यक्षता गुजरात के जाने-माने उद्योगपति और समाजसेवी मगनभाई पटेलने की थी और उन्होंने मुख्यदाता के रूप में इस संस्था को वित्तीय सहयोग दिया एव टूर्नामेंट की सभी 6 टीमों को भी प्रोत्साहक पुरस्कार देकर सभी खिलाड़िओ का उत्साह बढ़ाया था। इस अवसर पर श्री स्वामीनारायण ज्ञानपीठ के पू.कपिलदासजी स्वामीजीने श्री मगनभाई पटेल को स्मृतिचिन्ह एव शॉल देकर सम्मानित किया था।इस कार्यक्रम में पद्मश्री गफूरभाई बिलाखिया (गफूर चाचा) जिनकी विश्व की नंबर वन कंपनी "मेरिल" सर्जिकल रोबोट और मेडिकल इक्विपमेंट बनाती है, और जिसके वे फाउंडर हैं और इस संस्था के बड़े डोनर भी हैं। उन्होंने इस क्रिकेट टूर्नामेंट के लिए अपनी कंपनी का स्टेडियम निःशुल्क दिया और फाइनेंशियल मदद भी की। पद्मश्री गफूरभाई बिलाखिया गुजरात के उन कुछ इंडस्ट्रियलिस्ट में से एक हैं जिन्हें "पद्मश्री" अवॉर्ड से सन्मानित किया गया है।इस कार्यक्रम में ऑल इंडिया MSME फेडरेशन के सेक्रेटरी श्री चिंतनभाई महेता और उनकी धर्मपत्नी श्रीमती अदितिबेन महेता भी उपस्थित थे और उन्होंने पू.कपिलदासजी स्वामीजी को वापी इंडस्ट्रियल एरिया में स्थित कंपनीओ के साथ अपने बिज़नेस रिलेशन के बारे में जानकारी प्रदान की थी।इस क्रिकेट प्रतियोगिता को सफल बनाने के लिए श्री स्वामीनारायण ज्ञानपीठ,साल्वाव के पूज्य कपिलजीवनदासजी स्वामीजी के मार्गदर्शन में, पू.रामकृष्णदासजी स्वामीजी, पू.हरिकृष्णदासजी स्वामीजी, ट्रस्टी श्री बाबूभाई सोडवाडिया, श्री मनसुखभाई गोंडलिया, श्री हरेशभाई,एकेडमिक डायरेक्टर डॉ. शैलेश लुहार,एडमिन डायरेक्टर डॉ.हितेन उपाध्याय और पूरे श्री स्वामीनारायण ज्ञानपीठ परिवार,सल्वावने बहुत मेहनत की। वलसाड-डांग के MP श्री धवलभाई पटेल, वलसाड जिले के SP श्री युवराजसिंह जडेजा को भी खास मेहमान के तौर पर आमंत्रित किया गया था। श्री मगनभाई पटेलने गुरुकुल के सभी सेवाकिय प्रोजेक्ट्स का माइक्रो-इंस्पेक्शन किया और सभी सर्विस प्रोजेक्ट्स की तारीफ़ की और पू.कपिलदासजी स्वामीजी और उनकी टीम को बधाई दी और अपने उदबोधन में कहा कि श्री स्वामीनारायण ज्ञानपीठ, जो 1983 से कार्यरत है, समाज के उत्थान, धर्म की रक्षा और सनातन हिंदू संस्कृति के प्रचार के लिए एक बेहतरीन मिसाल है। यह संस्था समाज के ज़रूरतमंद लोगों की सेवा के लिए नॉन-प्रॉफिट हेतु से काम करती है और यह संस्था शिक्षा और व्यक्तित्व विकास के लिए तन, मन और धन से समर्पित है। उन्होंने आगे कहा कि प्राचीन युग में जब स्कूल और कॉलेज जैसे एजुकेशनल इंस्टिट्यूट नहीं थे, तब गुरुकुल में धार्मिक शिक्षा प्रदान की जाती थी। कृष्ण-बलराम सांदीपनि ऋषि के आश्रम में रहे, जबकि राम-लक्ष्मण वशिष्ठ गुरु के आश्रम में रहे और उन्होंने वेद,उपनिषद और धर्म का ज्ञान और शिक्षा हासिल की।इस संस्था की मुलाकात के दौरान सांदीपनि ऋषि के आश्रम की अनुभूति होती है।श्री मगनभाई पटेलने इस संस्था के महिला सशक्तिकरण और शिक्षा में मदद के कार्य की तारीफ़ करते हुए अपने भाषण में कहा कि “सुकन्या समृद्धि योजना” के तहत लगभग 54 बेटियों के अकाउंट में हर महीने पाँच साल तक पैसे जमा किए जाते हैं ताकि बेटी जब 18 साल की हो जाए तो इस पैसे का इस्तेमाल आगे की पढ़ाई या व्यक्तित्व विकास के लिए किया जा सके। निराधार कन्या केलवाणी सेवा प्रकल्प के तहत इस संस्था में अनाथ एव आर्थिक रूप से कमज़ोर परिवारों की 65 बेटियाँ रहती हैं, जिन्हें शिक्षा के साथ-साथ संस्कार भी दिए जाते हैं।इस संस्था के बारे में जानकारी देते हुए श्री मगनभाई पटेलने आगे कहा कि इस संस्था के ट्रस्टी पू.कपिलजीवनदासजी के मार्गदर्शन में इस संस्था द्वारा गरीब कल्याण के कार्य और राष्ट्रीय स्तर के कार्य भी किए जा रहे हैं। जिसमें 1992 से गुजरात के वलसाड जिले के धरमपुर और कपराडा इलाकों के आदिवासी बच्चों के भविष्य की चिंता करते हुए उन्हें मुफ्त शिक्षा दी जा रही है। श्री स्वामीनारायण गुरुकुल,साल्वाव में अभी कुल 5300 छात्र बाल मंदिर से लेकर 12वीं कक्षा तक B.Pharm और M.Pharm (बाल भवन, गुजरात बोर्ड इंग्लिश मीडियम, गुजरात बोर्ड गुजराती मीडियम, CBSC और फार्मेसी कॉलेज) में पढ़ रहे हैं और करीब 500 छात्रों को फार्मेसी कॉलेजों में B.Pharm, M.Pharm और मास्टर डिग्री कोर्स के लिए प्रवेश मिल रहा है।यह संस्था द्वारा एक नर्सिंग कॉलेज का निर्माण कार्य भी हो रहा है,जो न सिर्फ़ हेल्थ सेक्टर में एक एजुकेशनल संस्था है, बल्कि सोशल ट्रांसफॉर्मेशन के सपने की दिशा में पहला कदम भी है। इस इलाके के आदिवासी बच्चों को अपना गांव और घर छोड़ना न पड़े,इसके लिए इस नर्सिंग कॉलेज में लगभग 400 से 500 स्टूडेंट्स की कैपेसिटी के साथ ANM,GNM,B.Sc,M.sc, नर्सिंग और Ph.D जैसे कोर्स चलाए जाएंगे। इसके साथ ही, इस नर्सिंग कॉलेज में कंप्यूटर और टेक्निकल इक्विपमेंट से सज्ज लैब बनाने का काम भी चल रहा है।इस नर्सिंग कॉलेज का काम साल 2026 के अंत तक पूरा हो जाएगा।इस प्रोग्राम में श्री स्वामीनारायण ज्ञानपीठ साल्वाव द्वारा चलाए जा रहे श्रीमती B.N.B स्वामीनारायण फार्मेसी कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. सचिन नरखेड़े भी मौजूद थे। इस कॉलेज में पू.कपिलदासजी स्वामीजी और उनकी टीम के मार्गदर्शन में B.Pharm. M.Pharm से लेकर मास्टर डिग्री तक के कोर्स चलाए जा रहे हैं। डॉ. सचिन नरखेड़े और उनकी टीम की लगातार कोशिशों से यहां परिणामलक्षी कार्य हो रहा है। पिछले 12 सालों से यह फार्मेसी कॉलेज GTU में प्रथम क्रमांक पर है। एजुकेशन के फील्ड में डॉ.सचिन नरखेड़े जैसा नेक और निस्वार्थ व्यक्तित्व शायद ही देखने को मिलता है। इसके अलावा यह संस्था खास त्योहारों के मौके पर आदिवासी इलाकों में रहनेवाले गरीबों के लिए अन्नक्षेत्र भी लगाती है। हर साल सर्दी के मौसम में आदिवासी इलाकों में बड़ी मात्रा में कंबल भी बांटे जाते हैं।इस मौके पर श्री मगनभाई पटेलने हमारे देश के बहादुर सैनिकों को याद किया और इस संस्था की सेवा के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि जब हमारे देश के बहादुर सैनिक अक्सर मुंबई-अहमदाबाद हाईवे से गुज़रते हैं, तो वे गुरुकुल मे आश्रय लेते हैं। यह संस्था उनके रहने, खाने-पीने का इंतज़ाम करती है, जो बहुत  काबिले तारीफ है।श्री मगनभाई पटेल ने इस संस्था के गौरवशाली सेवा प्रोजेक्ट "आदिवासी बेटियों का सामूहिक विवाह" के बारे में बताया कि आज तक इस संस्था द्वारा समाज के अलग-अलग दानदाताओं के सहयोग से 16 सामूहिक विवाह आयोजित किए जा चुके हैं, जिनमें अब तक लगभग 1470 नए जोड़े विवाह के बंधन में बंधे हैं। इस सामूहिक विवाह कार्यक्रम में सभी नए शादीशुदा जोड़े को घर का सारा ज़रूरी सामान जैसे बर्तन, कपड़े,कटलरी,रसोई घर का सारा सामान,राशन और ज़रूरी फ़र्नीचर दिया जाता है। जब धर्म और समाज सेवा को मिलाया जाता है, तब भारत की एक महान राष्ट्र की छवि सामने आती है। इस संस्था के परिसर में एक गौ शाला भी बनाई गई है, जहाँ गिर गायें हैं, जिनका शुद्ध दूध और घी इस संस्था को प्राप्त होता है। जहाँ चारे से लेकर मेडिकल ट्रीटमेंट तक हर तरह का इलाज किया जाता है। हर साल मकरसंक्रांति के दिन गौ शाला में गौमाता की पूजा की जाती है और यज्ञ भी किया जाता है। जानवरों के डॉक्टर द्वारा उनका समय-समय पर इलाज भी किया जाता है।इस संस्था के बारे में और जानकारी देते हुए श्री मगनभाई पटेल ने कहा कि आज भी वलसाड जिले के कपराडा तालुका में कई गरीब इलाके हैं, जहां कई परिवारों को घर तो दूर, दो वक्त का खाना भी नहीं मिलता। यहां कई परिवार टूटी हुई छते या छोटे टेंट में अपना जीवन व्यतीत कर रहे हैं। ऐसी मुश्किल और लाचारी के बीच इस संस्थाने कई परिवारों के लिए मजबूत और पक्के मकान बनाए हैं, साथ ही राशन,पानी,कपड़े और खाना पकाने के बर्तन भी दिए हैं। आज वे सभी उन घरों में खुशी-खुशी रहते हैं। यह सेवा बलिदान समाज के लिए एक प्रेरणा है। हर साल की तरह इस साल भी दिनांक:15.2.2026 को इस संस्था द्वारा महाशिवरात्रि पर्व के मौके पर 300 ब्राह्मणों के भोजन के साथ एक धार्मिक कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया। इसके अलावा, इस संस्था द्वारा हर साल एक सामूहिक यज्ञोपवीत संस्कार भी आयोजित किया जाता है। इस टूर्नामेंट के मुख्यदाता श्री मगनभाई पटेल और श्री स्वामीनारायण ज्ञानपीठ,सल्वाव के पू.कपिलदासजी स्वामीजीने प्रोत्साहन पुरस्कार भी दिए। इस अवसर पर अमरिका से आई बहनों का भी स्वागत किया गया। पारडी,वापी के प्रसिद्ध नेत्र चिकित्सक डॉ.उषा हर्ंजल और अभिषेक हर्ंजल द्वारा इन दृष्टिबाधित महिला खिलाड़ियों की मुफ्त आंखों की जांच भी की गई और अन्य दानदाताओं द्वारा खिलाड़ियों और उनके सहायकों को विभिन्न आवश्यक वस्तुओं की किट भी दी गई। इस टूर्नामेंट में गुजरात राज्य की कुल 6 टीमों ने भाग लिया था,जिसमें गुजरात के अहमदाबाद की वस्त्रापुर,मेमनगर और राणिप, वलसाड जिले की तापी, अंधजन महिला मंडल, जी.डांग शामिल थी। इस क्रिकेट टूर्नामेंट के फाइनल में गुजरात की अंधजन मंडल, वस्त्रापुर की टीम अंतिम विजेता टीम थी। यहां महत्वपूर्ण बात यह थी कि पहली बार गुजरात के वलसाड जिले में नेत्रहीन महिलाओं के लिए क्रिकेट टूर्नामेंट का आयोजन किया गया था।श्री स्वामीनारायण ज्ञानपीठ में हिंदू धर्म के सभी देवताओं की तस्वीरें रखी जाती हैं और उनकी पूजा की जाती है। स्वामीनारायण की यह संस्था महिलाओं को मां, बहन और बेटी मानती है और स्वामीजी उनकी समस्याओं को सुलझाने में उनकी मदद करते हैं। यहां महिलाओं को पुरुषों के बराबर सम्मान दिया जाता है, जिससे दूसरे धार्मिक संस्थानों को सीखने और ऐसी व्यवस्था करने की ज़रूरत है जिससे माता एव बहनो का सम्मान बना रहे।इस अंधजन क्रिकेट टूर्नामेंट में श्री स्वामीनारायण ज्ञानपीठ,साल्वाव के पू.स्वामी रामकृष्णदासजी और एडमिन डायरेक्टर डॉ. हितेनभाई उपाध्याय अहमदाबाद में श्री मगनभाई पटेल साहब से मिलने आए और संस्था की एजुकेशनल, धार्मिक और सामाजिक कार्यो पर चर्चा की। श्री मगनभाई पटेल साहब इस संस्था की सेवा गतिविधियों से बहुत प्रभावित हुए और इस क्रिकेट टूर्नामेंट में अध्यक्ष और मुख्य महमान के तौर पर मौजूद रहे और डॉ. हितेनभाई उपाध्याय और पू.राम कृष्णदासजी स्वामीजी को इन दोनों संगठनों के बीच एक सेतु बनने के लिए बधाई दी। इसी तरह, अगर देश के नागरिक, धार्मिक और सामाजिक NGOs और सरकार ऐसे संगठनों के साथ एक सेतु के रूप में काम करते हैं, तो अवश्य परिणामलक्षी कार्य हो सकता है जिसमे कोई संदेह नहीं है।
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