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    भाकियू टिकैत ने अमेरिका-भारत व्यापार समझौते को बताया किसान विरोधी:इसे रद्द करने की मांग, राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन

    1 hour ago

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    भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) टिकैत गुट ने अमेरिका-भारत व्यापार समझौते को किसान विरोधी करार दिया है। संगठन ने इस समझौते को तत्काल रद्द करने की मांग की है। यूनियन ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को संबोधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी हरदोई के माध्यम से भेजा। यूनियन के जिला अध्यक्ष परगट सिंह के नेतृत्व में किसानों ने कलेक्ट्रेट परिसर में जमकर नारेबाजी की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि यह समझौता रद्द नहीं किया गया, तो देशभर के किसान संगठन अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन करेंगे। भाकियू का कहना है कि अमेरिका की खेती भारी सब्सिडी, मशीनों और बड़े कॉर्पोरेट फार्म मॉडल पर आधारित है। यदि भारत सोयाबीन, मक्का, गेहूं, डेयरी उत्पाद और दालों पर आयात शुल्क घटाता है, तो सस्ती विदेशी उपज भारतीय बाजार में आ जाएगी। इससे भारतीय किसान तबाह हो जाएंगे। संगठन ने विशेष रूप से डेयरी सेक्टर पर खतरे की आशंका जताई। यूनियन के अनुसार, भारत का डेयरी मॉडल छोटे किसानों और सहकारी व्यवस्था पर टिका है। अमेरिकी डेयरी उत्पादों के प्रवेश से लाखों दुग्ध उत्पादक सीधे तौर पर प्रभावित होंगे। इसके अतिरिक्त, यूनियन ने न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी), खाद्य सुरक्षा, सार्वजनिक खरीद प्रणाली और बीजों पर कॉर्पोरेट नियंत्रण बढ़ने जैसी चिंताओं को भी उठाया। भाकियू टिकैत ने स्पष्ट किया कि यह समझौता केवल व्यापार का मामला नहीं है, बल्कि किसानों की आय, ग्रामीण रोजगार और राष्ट्रीय खाद्य आत्मनिर्भरता से जुड़ा है। इसलिए इसे रद्द करना अत्यंत आवश्यक है।
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