Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    भीम आर्मी ने राष्ट्रपति-PM के नाम भेजा ज्ञापन:लोकतंत्र के चारों स्तंभों में आरक्षण लागू करने की मांग, रिक्तियां भरने पर जोर

    17 hours ago

    2

    0

    कानपुर देहात में भीम आर्मी जय भीम संगठन ने डीएम कार्यालय पहुंच राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा है। इसमें दलित, पिछड़े, अल्पसंख्यक और आदिवासी वर्गों के लिए लोकतंत्र के चारों स्तंभों – विधायिका, कार्यपालिका, न्यायपालिका और पत्रकारिता में पूर्ण आरक्षण लागू करने की मांग की गई है। संगठन ने तर्क दिया कि संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर द्वारा आरक्षण की व्यवस्था किए जाने के बावजूद, वंचित वर्गों की सामाजिक और आर्थिक स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हो पाया है। ज्ञापन में सरकारी और निजी क्षेत्रों में आबादी के अनुपात के आधार पर आरक्षण लागू करने की मांग की गई है। इसके अतिरिक्त, पदोन्नति में आरक्षण और बैकलॉग रिक्तियों को तत्काल भरने पर जोर दिया गया। संगठन ने लैटरल एंट्री व्यवस्था समाप्त करने और जातिगत जनगणना कराकर संख्या के आधार पर हिस्सेदारी तय करने की भी मांग की। शिक्षा के क्षेत्र में, संगठन ने अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) और अल्पसंख्यक वर्गों के लिए आरक्षण को प्रभावी ढंग से लागू करने की मांग की। उन्होंने स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में संविधान की शिक्षा अनिवार्य करने तथा आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को प्रवेश में विशेष सुविधाएं प्रदान करने की भी वकालत की। अन्य मांगों में नगर निकायों में कार्यरत संविदा कर्मचारियों को नियमित करना, ठेका प्रथा समाप्त करना और सीवर व नालों की सफाई में आधुनिक मशीनों का उपयोग शामिल है। संगठन ने सफाई कर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कड़े कानून बनाने पर भी जोर दिया। इसके अतिरिक्त, ज्ञापन में मॉब लिंचिंग रोकने के लिए सख्त कानून बनाने, कथित फर्जी एनकाउंटरों और गोकशी से जुड़े मामलों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की गई। भूमिहीनों को भूमि पट्टा देने, मजदूरी बढ़ाकर एक हजार रुपये प्रतिदिन करने, तथा स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों के अनुसार न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कानूनी गारंटी और फसल बीमा प्रदान करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई।
    Click here to Read more
    Prev Article
    कानपुर देहात में कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम बढ़े:खाने-पीने की चीजें महंगी, कारोबारियों की बढ़ी चिंता
    Next Article
    राज्यमंत्री प्रतिभा शुक्ला के पति धरने पर बैठे; VIDEO:कानपुर देहात में कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन, अंबेडकर प्रतिमा के पास गंदगी से नाराज थे

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment