Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    भारत-अमेरिका व्यापार समझौता रद्द करने की मांग:संभल में भाकियू टिकैत बोले- बच्चों के हाथ में कटोरा नहीं आने देंगे

    11 hours ago

    1

    0

    संभल के बहजोई स्थित जिला कलेक्ट्रेट पर भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के सैकड़ों किसानों ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के विरोध में प्रदर्शन किया। उन्होंने राष्ट्रपति के नाम संबोधित एक ज्ञापन डिप्टी कलेक्टर को सौंपा, जिसमें समझौता रद्द करने की मांग की गई। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि समझौता रद्द नहीं किया गया तो 2020-21 की तरह बड़ा किसान आंदोलन किया जाएगा। भाकियू टिकैत के जिलाध्यक्ष मनपाल यादव के नेतृत्व में गुरुवार दोपहर करीब 1 बजे यह प्रदर्शन हुआ। किसानों ने इस व्यापार समझौते को किसान विरोधी कदम बताया। उनका तर्क है कि अमेरिका की खेती भारी सब्सिडी, मशीनरी और बड़े कोऑपरेटिव फार्म मॉडल पर आधारित है। किसानों ने आशंका जताई कि यदि भारत सोयाबीन, मक्का, गेहूं, डेयरी उत्पाद और दालों पर आयात शुल्क घटाता है, तो सस्ती अमेरिकी फसलें भारतीय बाजारों में आ जाएंगी। इससे भारतीय किसान, जो पहले से ही न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के लिए संघर्ष कर रहे हैं, प्रतिस्पर्धा में टिक नहीं पाएंगे। किसानों का कहना है कि यह समझौता ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर सीधा आघात करेगा, सार्वजनिक वितरण प्रणाली और खाद्य आत्मनिर्भरता पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालेगा। इसके अतिरिक्त, भारत के किसान आज भी अपनी पारंपरिक बीज संचय और संरक्षण पर निर्भर हैं। बीज कंपनियों के हाथों में नियंत्रण आने से भारतीय किसान अपनी पारंपरिक बीज स्वतंत्रता खो देंगे। किसानों के प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस-प्रशासन पहले से ही अलर्ट पर था और सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रखी गई। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष विजेंद्र सिंह यादव ने इस समझौते को किसानों के लिए 'डेथ वारंट' करार दिया। उन्होंने कहा कि पहले भारत सरकार अमेरिकी सामान पर 70-80 प्रतिशत टैरिफ लगाती थी, जबकि अब यह केवल 18 प्रतिशत रह गया है, जिस पर सरकार खुशी मना रही है। प्रदर्शन में शामिल प्रमुख किसानों में देशराज सिंह यादव, महीदेव सिंह, युसूफ अली, डॉ. शुभम चौधरी, महेश यादव, अमर सिंह, प्रवेश यादव, नरेश शर्मा, सतेंद्र शर्मा, राजपाल सिंह, रामनिवास, उदयवीर सिंह, अमरपाल यादव, कृष्ण गोपाल, राजू यादव, तेजपाल सिंह, रामवीर सिंह यादव और जसवीर सिंह यादव आदि मौजूद रहे।
    Click here to Read more
    Prev Article
    एपी सेन कॉलेज में दयानंद सरस्वती जयंती:छात्राओं ने स्वामी दयानंद के आदर्शों को अपनाने का संकल्प लिया
    Next Article
    प्रॉपर्टी के लालच में मामा की हत्या:हरदोई कोर्ट ने भांजे को सुनाई आजीवन कारावास की सजा

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment