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    भारत ने भेजी पहली बड़ी खेप, ईरान बोला शुक्रिया!

    3 hours from now

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    एक तरफ दुनिया के कई हिस्सों में तनाव और संघर्ष बढ़ रहा है तो वहीं दूसरी तरफ भारत ने एक बार फिर दुनिया को इंसानियत का सबसे बड़ा संदेश दिया। जी हां, भारत से भेजी गई मेडिकल सहायता की पहली खेप अब ईरान पहुंच चुकी है और ईरान ने खुले दिल से भारत को धन्यवाद कहा है। ईरानियन रेड क्रिसेंट सोसाइटी ने इस मदद को स्वीकार करते हुए भारत के लोगों के प्रति आभार जताया। दरअसल भारत में ईरान के दूतावास के आधिकारिक हैंडल ईरान एंबेसी इन इंडिया ने एक्स पर एक ट्वीट करके जानकारी दी कि भारत के लोगों की ओर से भेजी गई मेडिकल सहायता की पहली किम सफलतापूर्वक ईरान पहुंच चुकी है और इसे ईरानियन रेड क्रिसेंट सोसाइटी को सौंप दिया गया है।इसे भी पढ़ें: होर्मुज में लाल झंडे वाले दो जहाज देख चौंका अमेरिका, ट्रंप ने तुरंत जिनपिंग को घुमाया फोन!इस ट्वीट में खास बात यह थी कि इसमें भारत के लोगों का विशेष रूप से धन्यवाद किया गया। यानी यह सिर्फ सरकार की मदद नहीं बल्कि भारत की जनता की ओर से एक मानवीय सहयोग है। ईरान ने अपने इस संदेश में साफ कहा कि हम भारत के दयालु लोगों का धन्यवाद करते हैं और यह शब्द सिर्फ औपचारिक नहीं बल्कि एक गहरी कूटनीतिक भावना को दिखाता है। दरअसल जब कोई देश मुश्किल समय में होता है और उसे दूसरे मुल्क से मदद मिलती है तो वह संबंध सिर्फ राजनीतिक नहीं रहता बल्कि मानवीय रिश्तों में बदल जाता है। अब अगला सवाल ये है कि ईरान को भारत की मदद की जरूरत क्यों पड़ी? इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं। पहला स्वास्थ्य सेवाओं पर दबाव। किसी भी आपदा संकट या संघर्ष के दौरान मेडिकल संसाधनों की भारी कमी हो जाती है और इस वक्त ईरान अमेरिका और इजराइल के वॉर से जूझ रहा है।इसे भी पढ़ें: Mosaic Doctrine के सहारे 10 साल तक युद्ध लड़ सकता है ईरान! जीत भले ही न हो, लेकिन हार इतनी भी आसान नहीं जितना अमेरिका ने सोचाजहां अमेरिका और इजराइल मिलकर ईरान पर टूट पड़े हैं। दूसरा है आर्थिक प्रतिबंधों का असर। ईरान पर लंबे समय से लगे अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों का असर उसकी स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी पड़ता दिखाई दे रहा है और तीसरा है आपातकालीन जरूरतें। अचानक बढ़ती बीमारियों या आपदाओं के कारण दवाइयों और उपकरणों की मांग बढ़ जाती है। ऐसे में जब ईरान जंग से जूझ रहा है तब भारत की यह मदद बेहद अहम बन जाती है। भारत लंबे समय से मानवीय कूटनीति को बढ़ावा देता है। भारत ने पहले भी कई देशों को वैक्सीनें भेजी हैं। प्रागतिक आपदाओं में राहत सामग्री पहुंचाई है और युद्धग्रस्त क्षेत्रों में सहायता दी है और अब ईरान जब जंग में उलझा है तब भारत ने सबसे बड़ी मदद भेज दी है और अब ईरान को मेडिकल सहायता भेजकर भारत ने एक बार फिर यह दिखा दिया कि भारत सिर्फ अपनों के लिए नहीं बल्कि पूरी दुनिया के लिए सोचता है।इसे भी पढ़ें: Iran ने लिया Ali Larijani की मौत का बदला, दहल उठा पूरा Israel, बेरूत से बगदाद तक भी जमकर हो रहा युद्ध ऐसे में यह मदद इन रिश्तों को और गहरा कर सकती है और एक्सपर्टों का मानना है कि इससे दोनों देशों के बीच भरोसा बढ़ेगा। भविष्य में सहयोग के नए रास्ते खुल जाएंगे। अब अगला सवाल यह उठता है क्या यह भारत की सबसे बड़ी मदद है?हालांकि आधिकारिक आंकड़े सामने नहीं आए हैं। लेकिन जिस तरह से इसे पहली खेप कहा जा रहा है उससे साफ है कि आगे और भी सहायता भेजी जाएगी। 
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