Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    भारत ने जम्मू-कश्मीर पर चीन-पाकिस्तान का बयान खारिज किया:कहा- दूसरे देश को टिप्पणी का हक नहीं; चीन ने इतिहास से जुड़ा विवाद बताया था

    10 hours ago

    1

    0

    भारत ने चीन और पाकिस्तान के संयुक्त बयान में जम्मू-कश्मीर के जिक्र को पूरी तरह खारिज कर दिया है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत के अभिन्न और अविभाज्य हिस्से हैं। भारत ने चीन-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर (CPEC) परियोजनाओं पर भी कड़ी आपत्ति जताई। यह बयान पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की चीन यात्रा के बाद जारी संयुक्त बयान के जवाब में आया है। इसमें कहा गया था कि पाकिस्तान ने चीन को जम्मू-कश्मीर के हालात की जानकारी दी। इसके बाद चीन ने कहा कि जम्मू-कश्मीर मुद्दा इतिहास से जुड़ा विवाद है और इसका समाधान संयुक्त राष्ट्र चार्टर, UNSC प्रस्तावों और द्विपक्षीय समझौतों के तहत शांतिपूर्ण तरीके से होना चाहिए। भारत ने चीन के CPEC का विरोध भी किया विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि CPEC के कुछ प्रोजेक्ट भारत के उस क्षेत्र से गुजरते हैं, जिस पर पाकिस्तान ने अवैध और जबरन कब्जा कर रखा है। भारत किसी भी ऐसी कोशिश का विरोध करता है, जो पाकिस्तान के कब्जे को मजबूत या वैधता देने की कोशिश करे। भारत ने चीन और पाकिस्तान के बीच कथित ट्रांस-बाउंड्री वाटर रिसोर्सेज कोऑपरेशन पर भी सवाल उठाए और कहा कि दोनों देशों के बीच कोई साझा सीमा नहीं है। भारत ने यह भी दोहराया कि उसने 1963 के चीन-पाकिस्तान सीमा समझौते को कभी मान्यता नहीं दी। इस समझौते के तहत पाकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर की शक्सगाम घाटी का इलाका चीन को सौंप दिया था, जिस पर उसने 1948 में अवैध कब्जा किया था। CPEC प्रोजेक्ट में चीन सड़क, पोर्ट, रेल लाइन बनाएगा चाइना-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की महत्वाकांक्षी योजना है। इसकी शुरुआत 2013 में की गई थी। इसमें चीन के शिंजियांग प्रांत से पाकिस्तान के ग्वादर पोर्ट तक 60 बिलियन डॉलर (करीब 5 लाख करोड़ रुपए) की लागत से आर्थिक गलियारा बनाया जा रहा है। इसके जरिए चीन की अरब सागर तक पहुंच हो जाएगी। CPEC के तहत चीन सड़क, बंदरगाह, रेलवे और ऊर्जा प्रोजेक्ट्स पर काम कर रहा है। भारत को CPEC से एतराज CPEC से चीन को क्या फायदा?
    Click here to Read more
    Prev Article
    रिपोर्ट- ईरान फिर जंग की तैयारी में जुटा:कहा- अमेरिका पर भरोसा नहीं; होर्मुज स्ट्रेट को सबसे बड़ा हथियार बताया
    Next Article
    वर्ल्ड अपडेट्स:रिपोर्ट- ट्रम्प सरकार की पूर्व वकील पैम बॉन्डी कैंसर से जूझ रहीं, एक महीने पहले ही पद से हटाया था

    Related विदेश Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment