Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    भारत पर 100% टैरिफ लगेगा या नहीं,10 दिन में फैसला:ट्रम्प तय करेंगे रूसी तेल खरीदने वाले किन देशों पर प्रतिबंध; खुद डीजल खरीद रहे

    18 hours ago

    1

    0

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प भारत पर 100% टैरिफ लगाने को लेकर करीब 10 दिन में फैसला ले सकते हैं। यह बात अमेरिकी दूत सर्जियो गोर ने ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम में कही। गोर ने कहा कि भारत को प्रतिबंधों से छूट मिलेगी या नहीं, यह भी ट्रम्प ही तय करेंगे। अमेरिकी संसद ने 16 सितंबर को रूस से तेल-गैस खरीदने वाले देशों पर 100% टैरिफ लगाने का बिल पास किया था। ट्रम्प ने भी 18 सितंबर को इस कानून को मंजूरी दे दी है, लेकिन किसी देश पर प्रतिबंध नहीं लगाया है। हालांकि कानून पारित होने के 30 दिनों के भीतर फैसला लेना जरूरी है। खास बात यह है कि अब ट्रम्प खुद रूस से डीजल खरीदने वाले हैं। उन्होंने रूस से डीजल खरीदने पर लगी रोक 7 अप्रैल 2027 तक हटा दी है। कानून में प्रतिबंध लगाने के तीन आधार सर्जियो गोर ने कहा कि संसद ने प्रतिबंधों के तीन विकल्प दिए हैं। इनमें तेल, गैस और प्रतिबंधों से बचने में मदद करना शामिल है। उन्होंने कहा, “इन प्रतिबंधों का निशाना किसी एक देश पर नहीं है। कांग्रेस ने तीन अलग-अलग श्रेणियां तय की हैं। पहली तेल, दूसरी गैस और तीसरी प्रतिबंधों से बचने में मदद करना है।” गोर ने कहा कि इन श्रेणियों में शामिल लोगों की पहचान आंकड़ों के आधार पर की जाती है। उन्होंने कहा कि भारत भी कई अन्य देशों के साथ इनमें से एक श्रेणी में आता है। ईरान जंग से अमेरिका में महंगा हुआ डीजल अमेरिका में ईरान जंग के बाद डीजल की कीमतें बढ़कर 6.28 डॉलर प्रति गैलन हो गई हैं। माना जा रहा है कि कीमतें कम करने के लिए ट्रम्प ने रूस से डीजल खरीदने का फैसला लिया है। अमेरिका में जंग से पहले डीजल करीब 3.70 डॉलर प्रति गैलन बिक रहा था। अब इसकी कीमत 6.28 डॉलर हो गई है। 3 नवंबर को होने वाले मिडटर्म चुनाव से पहले ईंधन की बढ़ती कीमतें ट्रम्प प्रशासन के लिए चुनौती बनी हुई हैं। ट्रम्प के मुताबिक, रूस तुरंत 3 लाख टन से ज्यादा डीजल भेजेगा। इसके बाद नवंबर में 5 लाख टन और फिर 10 लाख टन डीजल की आपूर्ति की जाएगी। आगे चलकर यह मात्रा 30 लाख टन तक पहुंच सकती है। भारत से ट्रेड डील पर भी बातचीत जारी गोर ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर कहा कि बातचीत में काफी प्रगति हुई है और बड़े मुद्दों पर सहमति बन चुकी है। अब कुछ छोटे मुद्दों पर चर्चा बाकी है। दोनों देशों के बीच करीब डेढ़ साल से बातचीत चल रही है। उन्होंने कहा कि अमेरिका भारत के साथ डिफेंस, आईटी, डेटा सेंटर और चिप मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाना चाहता है। गोर ने भारत को AI डेवलपमेंट का बड़ा केंद्र बनने के लिए उपयुक्त बताया। उनके मुताबिक, भारतीय और अमेरिकी टेक कंपनियों की साझेदारी से दोनों देशों को फायदा होगा। -------------------- ये खबर भी पढ़ें…. यूरोप ने रूस से 30 लाख करोड़ का तेल-गैस खरीदा:इस साल भी इम्पोर्ट जारी, 2025 में भारत की रिफाइनरी पर प्रतिबंध लगाए थे रूस से तेल खरीदने पर भारत पर दबाव बनाने वाला यूरोप खुद भी उससे बड़े पैमाने पर तेल-गैस खरीद रहा है। 2022 से अब तक यूरोपीय देशों ने रूस से करीब 30 लाख करोड़ रुपए का ईंधन खरीदा है। पूरी खबर यहां पढ़ें…
    Click here to Read more
    Prev Article
    यूरोप में युवाओं पर बुजुर्ग भारी पड़ रहे:पेंशन पर सरकारी खजाना खर्च; Gen Z नौकरी-घर और अच्छी शिक्षा मांग रहे
    Next Article
    हूती विद्रोहियों ने यमन के राष्ट्रपति भवन पर हमला किया:5 बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं, 4 की मौत; प्रधानमंत्री मौजूद थे, बाल-बाल बचे

    Related विदेश Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment