Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    भास्कर के कैमरे पर बेटा पैदा होने की 100% गारंटी:दुबई में बैठे डॉ. गौतम हैं यूट्यूबर रणवीर इलाहबादिया के पिता, एक्शन लेगी एमपी सरकार

    13 hours ago

    1

    0

    आप तो सिर्फ स्पर्म और एग डोनेट करो… 100 फीसदी लड़का होगा, ये मेरी गारंटी। भास्कर रिपोर्टर से बातचीत में ये दावा करने वाले दुबई के डॉ. गौतम इलाहबादिया और कोई नहीं बल्कि यूट्यूबर रणवीर इलाहबादिया के पिता बताए जा रहे हैं। रणवीर ने ही कॉमेडियन समय रैना के ‘इंडिया गॉट लैटेंट शो’ में गेस्ट जज बनकर पेरेंट्स को लेकर बेहद आपत्तिजनक और विवादित टिप्पणी की थी। इस टिप्पणी पर रणवीर को कोर्ट ने भी फटकार लगाई थी और उन्हें सार्वजनिक माफी मांगनी पड़ी थी। अब भास्कर के इन्वेस्टिगेशन में उनके पिता डॉ. गौतम इलाहबादिया बेटा पैदा करने का सौदा करते हुए कैमरे में कैद हुए हैं। दरअसल, 26 फरवरी को भास्कर ने अपने इन्वेस्टिगेशन में एक्सपोज किया है कि दुबई से संचालित आईवीएफ सेंटर्स भारत के कपल्स को बेटा होने की गारंटी देकर बुला रहे हैं और इसके एवज में 35 लाख रुपए तक वसूल रहे हैं। ये इंटरनेशनल रैकेट सोशल मीडिया के जरिए जेंडर सिलेक्शन की इस नई तकनीक का प्रचार-प्रसार कर रहा है। डॉ. गौतम इलाहबादिया इस इंटरनेशनल रैकेट का एक अहम हिस्सा हैं। दूसरी तरफ, अब इस रैकेट के खुलासे के बाद एमपी सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। नेशनल हेल्थ मिशन यानी एनएचएम ने साइबर इंटेलिजेंस के साथ मिलकर एक स्पेशल टीम बनाई है, जो ऐसे रील्स, विज्ञापन और कंटेंट को ब्लॉक करेगा। इसके अलावा एमपी सरकार की तरफ से केंद्र सरकार को लिखित में शिकायत की गई है कि भारत के जेंडर बैलेंस को डिस्टर्ब किया जा रहा है। अब जानिए, भास्कर की खबर का असर… पहला राज्य, जिसने भारत सरकार को पत्र लिखा एनएचएम की वरिष्ठ संयुक्त संचालक डॉ. प्रज्ञा तिवारी ने बताया कि बेटा पैदा होने की गारंटी देने वाला इंटरनेशनल रैकेट काम कर रहा है, ये शिकायत विभाग को भी मिली थी। जब जांच की गई तो पाया कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर जेंडर सिलेक्शन से जुड़ी रील्स और प्रतिबंधित सामग्री पोस्ट की जा रही हैं। इनमें दावा किया जा रहा है कि इन-विट्रो फर्टिलाइजेशन (IVF) के साथ जुड़ी एक एडवांस तकनीक प्रीइम्प्लांटेशन जेनेटिक डायग्नोसिस (PGD) की मदद से केवल लड़का या केवल लड़की का जन्म सुनिश्चित किया जा सकता है। डॉ. तिवारी के मुताबिक, अब ऐसे विज्ञापनों पर कंट्रोल करने के लिए आईजी साइबर इंटेलिजेंस के साथ मिलकर एक स्पेशल टीम बनाई गई है। जो ऐसे कंटेंट को प्रदेश स्तर पर डी-लिंक और ब्लॉक कराने की कार्रवाई करेगा। मध्य प्रदेश पहला राज्य है, जिसने ‘फैमिली बैलेंसिंग’ के नाम पर चल रही गतिविधियों को लेकर भारत सरकार को औपचारिक पत्र भेजा। एमपी ने केंद्र को दिए 5 सुझाव राज्य सरकार ने केंद्र सरकार को भेजे पत्र में नई मेडिकल तकनीकों के रेगुलेशन को लेकर 5 सुझाव भी दिए हैं। जेंडर सिलेक्शन रील्स ब्लॉक होंगी साइबर इंटेलिजेंस एडीजी ए. साई मनोहर ने स्पष्ट किया कि देश में पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत गर्भधारण से पहले या प्रसव के दौरान लिंग चयन व पहचान करने पर पूरी तरह प्रतिबंध है। यह कानून किसी भी माध्यम से जेंडर सेलेक्शन से जुड़े विज्ञापन को भी प्रतिबंधित करता है। हालांकि, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की नीतियां और उनका अंतरराष्ट्रीय संचालन इन मामलों में चुनौती बनता है। कई बार विदेश में बैठे लोग इसका फायदा उठाते हैं। अब जानिए, डॉ. गौतम इलाहबादिया ने कैसे की भास्कर रिपोर्टर से डील… 5 बार दुबई आना पड़ेगा, 35 लाख लगेंगे भास्कर रिपोर्टर ने एक ऐसे दंपती के तौर पर इलाहबादिया IVF सेंटर से संपर्क साधा था, जिसे बेटे की चाह थी। कुछ शुरुआती बातचीत और रिपोर्ट्स भेजने के बाद सेंटर के प्रमुख डॉ. गौतम इलाहाबादिया के साथ एक जूम मीटिंग तय हुई। मीटिंग में डॉ. इलाहबादिया ने रिपोर्टर की पत्नी की मेडिकल रिपोर्ट्स का हवाला देते हुए कहा, ‘आपकी वाइफ का एएमएच (एंटी-मुलरियन हार्मोन) बहुत लो है। अगर हमें टेस्टिंग के लिए नौ भ्रूण (एंब्रियो) चाहिए, तो कम से कम छह बार IVF करना पड़ेगा, जिसके लिए आपको चार से पांच बार दुबई आना होगा।’ जब रिपोर्टर ने पूछा कि नौ भ्रूण क्यों चाहिए, तो जवाब और भी चौंकाने वाला था। डॉ. इलाहबादिया ने कहा- हां, नौ करेंगे तो उसमें एक या दो लड़के निकलते हैं। उन्होंने इस पूरी प्रक्रिया का खर्च 30 से 35 लाख रुपए बताया। जब रिपोर्टर ने इतनी बार दुबई आने में असमर्थता जताई, तो डॉ. इलाहाबादिया ने तुरंत एक और रास्ता सुझाया। उन्होंने कहा- साइप्रस में हम लोग एक काम करते हैं, यहां के पेशेंट सब साइप्रस जाते हैं, टर्की का पार्ट है। वहां जाकर डोनर एग से लड़का हो सकता है। मामले से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… स्पर्म देकर जाओ, लड़का होगा...ये मेरी गारंटी प्रेग्नेंसी पॉजिटिव हो जाएगी तो हंड्रेड परसेंट बॉय आएगा... गर्ल विल बी डिस्कार्ट। ये कहते हुए डॉ. गौतम इलाहबादिया के चेहरे पर 100 फीसदी कॉन्फिडेंस नजर आता है। डॉ. इलाहबादिया दुबई में खुद के नाम से आईवीएफ सेंटर चलाते हैं। भास्कर रिपोर्टर ने उन्हें एक ग्राहक बनकर वीडियो कॉल किया था। पढ़ें पूरी खबर…
    Click here to Read more
    Prev Article
    प्रेमी से शादी के लिए 250 फीट टावर पर चढ़ी:महाराजगंज में बोली- शादी नहीं करनी तो प्यार क्यों किया?
    Next Article
    सड़क पर लिखा- यह सड़क मुसलमानों के लिए नहीं:सहारनपुर में 2 युवतियां लिखती दिखीं; हिंदू रक्षा दल ने कहा- टैक्स नहीं देते तो चलेंगे क्यों

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment