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    'बहुत मारती है UP पुलिस, अब नहीं आएंगे':वाराणसी में मुठभेड़ में पकड़े गए, व्हीलचेयर पर बैठकर 27 किलो चांदी लूट के आरोपियों ने माफी मांगी

    4 hours ago

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    वाराणसी में 27 किलो चांदी की लूट में शामिल दो अपराधियों को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया। दोनों बदमाशों के दोनों पैर में गोली लगी है। पकड़े गए दोनों आरोपी ईरानी गैंग के हैं। भोपाल के रहने वाले हैं। पुलिस उन्हें वर्क आउट के लिए लेकर पहुंची तो दोनों व्हीलचेयर पर थे। इस दौरान दोनों ने एक सुर में कहा-'अब UP नहीं आएंगे। यहां की पुलिस बहुत मारती है।' पुलिस ने इनके पास से चोरी की 4 किलो चांदी रिकवर की है। इनके अन्य साथियों की तलाश की जा रही है। मंगलवार की शाम इन्हें जेल भेज दिया गया। एडीसीपी काशी जोन वैभव बांगर ने बताया - 16 जुलाई को क्राइम ब्रांच बनकर भोपाल के फेमस ईरानी गैंग के दो शातिर मोहम्मद अली उर्फ शब्बीर और मसल्लाह ने सर्राफा व्यवसायी के कर्मचारी से 27 किलो चांदी की लूट किया था। इन्हे कई टीमें तलाश का रही थीं। सोमवार की रात को पुलिस और एसओजी टीम ने पुलिस मुठभेड़ में लंका थानाक्षेत्र से गिरफ्तार किया है। 2 तस्वीर देखिए… अब विस्तार से पूरा मामला जानिए… क्राइम ब्रांच बनकर की थी लूट वाराणसी में पिछले महीने 16 जुलाई को 27 किलो से ज्यादा चांदी की लूट हो गई थी। आभूषण मंडी सुड़िया में हेमा ज्वेलर्स के नाम से शॉप चलाने वाले विनय सोनी के मुताबिक - 16 जुलाई 2026 की शाम 7 बजे के बाद मेरी दुकान का कर्मचारी रेशम कटरा में मौजूद दूकान महालक्ष्मी ज्वेलर्स जा रहा था। उसके पास झोले में 27 किलो 327 ग्राम चांदी थी। जो कुल 26 पीस में थी। मेरे कर्मचारी के साथ महालक्ष्मी ज्वेलर्स का कर्मचारी भी था। यो दोनों गोविंदपुरा मोड़ पर पहुंचे थे की दो अज्ञात बाइक सवारों ने उन्हें रोका और अर्दब में लेते हुए पूछा झोले में क्या है। इन्होंने बताया चांदी है तो उन्होंने उसका झोला ले लिया और खुद को क्राइम ब्रांच का ऑफिसर बताया। इसके मालिक को बुलाकर लाने को कहा। विनय जब अपने कर्मचारियों के साथ वहां पहुंचा तो दोनों व्यक्ति फरार हो चुके थे। इस बात की सूचना उन्होंने थाने पर दी। इसके बाद पुलिस ने बीएएस की धारा 318(4), 319 (2), 303 (2), 115 (2) और 351 (2) में अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। इसके बाद से ही आरोपियों की तलाश की जा रही थी । अब मुठभेड़ की 2 तस्वीर देखिए… 300 सीसीटीवी फुटेज और क्राइम रिकाॅर्ड से पहचान हुई काशी जोन के एडीसीपी वैभव बांगर ने बताया - घटना की सूचना के बाद वाराणसी पुलिस, एसओजी की कई टीमें इनकी तलाश में लग गई थीं। सीसीटीवी में दिखे कद-काठी और जिन रास्तों से ये गुजरे उन रास्तों की करीब 300 सीसीटीवी फुटेज और क्राइम रिकाॅर्ड के अनुसार एमपी के ईरानी गैंग के होने का शक हुआ और दो संदिग्धों की तलाश शुरू की गई थी। इसी बीच सोमवार की रात एसओजी को सूचना मिली कि दो शातिर किसी घटना के लिए लौटुबीर में कार से मौजूद हैं। इसके बाद मुठभेड़ में दोनों को गिरफ्तार किया गया है। मुंबई निवासी दो साथी और एक महिला की तलाश एडीसीपी ने बताया - दोनों ने इस लूट में मुंबई के ईरानी डेरा के हाफिज और जुल्फेकार की मदद ली थी। साथ ही शब्बीर की पत्नी पाकीजा की भी पुलिस को तलाश है। पाकीजा ही सर्राफा के यहां पहुंचकर चांदी बेचती है। इन्होंने रांची के अमान अली की बलेनो बुक कराई थी। उससे वाराणसी और लूट के बाद प्रयागराज चले गए थे। वहां कार छोड़ दी थी और बस से जबलपुर और फिर वहां से पिपरिया गए थे। मुठभेड़ में पकड़े गए शब्बीर के ऊपर 11 मुकदमे और तो मसल्लाह के ऊपर 2 मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस बनकर कारोबारियों को निशाना बनाता है ईरानी गैंग ईरानी गैंग का वारदात करने का तरीका अलग किस्म का है। यह गैंग पुलिसकर्मी, क्राइम ब्रांच, एसटीएफ बनकर ही लोगों, कारोबारियों को अपना शिकार बनाता है। पुलिस की पूछताछ में पता चला है कि गिरोह का नेटवर्क देश के कई शहरों में फैला हुआ है। इसका सरगना अनुज डेहरा और मेहंदी हसन के इशारे पर बदमाश कई राज्यों में वारदात करते हैं। लूट के जेवर को बेचने के बाद गिरोह के बदमाश दूसरे राज्य या शहरों में फरार हो जाते हैं। इस गैंग का मुख्य गढ़ मध्य प्रदेश के भोपाल में 'ईरानी डेरा' माना जाता है, जहां से पूरे गैंग नेटवर्क संचालित होता है। पुलिस के मुताबकि वाराणसी में ईरानी गैंग इसके पहले भी वारदात को अंजाम दे चुका है। साल 2022 में 24 मार्च को कबीरचौरा-पियरी मार्ग पर गाजीपुर के कारोबारी से पुलिस चेकिंग के नाम पर गैंग ने 8 लाख रुपए से भरा बैग उड़ा लिया था। इसके बाद कमिश्नरेट पुलिस ने 500 सीसीटीवी कैमरों की मदद से गैंग को नैब किया और 11 को जेल भेजा था। इसके अलावा अर्दली बाजार में भी कई महिलाओं से कंगन और हार की लूट की थी। -------------------------------- ये खबर भी पढ़िए- प्रयागराज में पति-पत्नी और महिला की हत्या:तीनों बोल-सुन नहीं पाते थे, एक ही बिस्तर पर खून से सनी लाशें मिलीं प्रयागराज में मंगलवार को ट्रिपल मर्डर की सनसनीखेज वारदात हुई। एक ही कमरे के अंदर पति, पत्नी और एक महिला की बेरहमी से हत्या कर दी गई। बिस्तर पर तीनों का खून से लथपथ शव मिला। तीनों बोल-सुन नहीं सकते थे। वारदात का पता तब चला, जब सुबह कमरे का दरवाजा आधा खुला देख पड़ोसियों ने अंदर झांका। लाशें देखकर चीख-पुकार मच गई। आनन-फानन में पुलिस को सूचना दी गई। पूरी खबर पढ़िए…
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