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    BJP का झंडा उतारने वाले को अखिलेश ने टिकट दिया:संजयन त्रिपाठी ने कल मुलाकात की थी, सपा ने अचानक 2 MLC प्रत्याशी बदले

    13 hours ago

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    यूपी में होने वाले विधान परिषद (एमएलसी) चुनाव से पहले सपा ने बड़ा दांव खेला है। अखिलेश यादव ने दो सीटों पर अपने प्रत्याशी बदल दिए हैं। गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक सीट से पूर्व घोषित प्रत्याशी कमलेश यादव की जगह डॉ. संजयन त्रिपाठी को प्रत्याशी बनाया गया है। संजयन बीजेपी में टिकट के दावेदार थे, लेकिन पार्टी ने उन्हें टिकट नहीं दिया। इसके बाद उन्होंने बगावत करते हुए बीजेपी का झंडा उतार दिया था। इस दौरान वह फूट-फूटकर रोए थे। शुक्रवार को लखनऊ में डॉ. संजयन ने सपा जॉइन की थी। इसके अगले ही दिन शनिवार को सपा ने उन्हें प्रत्याशी घोषित कर दिया। सपा ने आगरा शिक्षक सीट पर भी अपना प्रत्याशी बदला है। यहां घोषित उम्मीदवार राम प्रकाश गुप्ता का टिकट काटकर वर्तमान एमएलसी आकाश अग्रवाल को प्रत्याशी बनाया गया है। उत्तर प्रदेश विधान परिषद की 11 सीटों के लिए 23 अक्टूबर को मतदान और 27 अक्टूबर को मतगणना होनी है। 4 तस्वीरें देखिए… दो बार स्नातक एमएलसी चुनाव में दूसरे नंबर पर रह चुके हैं डॉ.संजयन शिक्षक नेता डॉ. संजयन त्रिपाठी करीब 4 साल से भाजपा में सक्रिय थे। डॉ. संजयन त्रिपाठी ने 2022 में भाजपा की सदस्यता ली थी। 2023 में गोरखपुर-फैजाबाद खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव होने थे। उस समय भी वह टिकट के दावेदार थे, लेकिन अंतिम समय में भाजपा ने तत्कालीन एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह को प्रत्याशी बनाया। टिकट की घोषणा के बाद डॉ. त्रिपाठी ने भाजपा प्रत्याशी देवेंद्र प्रताप सिंह को समर्थन देने का ऐलान किया था। इससे पहले वह इसी सीट से दो बार चुनाव लड़ चुके थे और दोनों बार देवेंद्र प्रताप सिंह के सामने दूसरे स्थान पर रहे थे। 2010 में डॉ. त्रिपाठी पहली बार चुनाव मैदान में उतरे थे। उस समय देवेंद्र प्रताप सिंह सपा के प्रत्याशी थे और उन्होंने जीत हासिल की थी, जबकि डॉ. संजयन त्रिपाठी दूसरे स्थान पर रहे थे। इसके बाद 2016 में वह फिर निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर मैदान में उतरे। इस चुनाव में उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ (शर्मा गुट) ने उनका समर्थन किया था। हालांकि, इस बार भी वह दूसरे स्थान पर रहे। वह इस बार गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से टिकट के दावेदार थे। भाजपा ने एमएलसी ध्रुव त्रिपाठी को प्रत्याशी बनाया तो संजयन नाराज हो गए। उन्होंने सार्वजनिक रूप से अपनी कार से भाजपा का झंडा उतार दिया था। इस दौरान वह फूट-फूटकर रोए थे। अब जानिए क्या कहते हैं शिक्षक राजनीति के जानकार... उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ (आरएन ठकुराई गुट) के प्रदेश उपाध्यक्ष राजेश मिश्रा का कहना है कि सपा ने डॉ. संजयन त्रिपाठी को प्रत्याशी बनाकर मास्टर स्ट्रोक खेला है। उनके मुताबिक, संजयन शिक्षक होने के साथ-साथ स्कूल संचालक भी हैं। इससे सीबीएसई, आईसीएसई और डिग्री कॉलेजों के शिक्षकों का समर्थन उन्हें मिल सकता है। साथ ही, वह जातीय समीकरण साधने में भी सफल हो सकते हैं। राजेश मिश्रा के अनुसार, सपा के पारंपरिक वोट बैंक यादव और मुस्लिम हैं। इन वर्गों के शिक्षकों का समर्थन संजयन को मिल सकता है। इसके साथ ही ब्राह्मण बिरादरी के वोट भी उन्हें मिल सकते हैं। उनका कहना है कि एमएलसी चुनाव में दो बार रनर रहने और दो बार टिकट कटने की वजह से संजयन को सहानुभूति का लाभ भी मिल सकता है। संजयन का शिक्षक संपर्क, पिछले चुनावों का अनुभव और भाजपा से जुड़े रहे होने की पृष्ठभूमि इस बार चुनाव के वोट समीकरण को प्रभावित कर सकती है। एमएलसी आकाश अग्रवाल को भी प्रत्याशी बनाया गया डॉ. आकाश अग्रवाल इससे पहले निर्दलीय और शिक्षक संघ के प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ते रहे हैं। शिक्षक वर्ग के बीच उनकी पकड़ बताई जाती है। आगरा मंडल में भी उनका स्थानीय जनाधार और सांगठनिक प्रभाव मजबूत माना जाता है। आगामी एमएलसी चुनाव से ठीक पहले डॉ. आकाश अग्रवाल सपा में शामिल हुए थे। इसके बाद सपा ने उन्हें आगरा मंडल की शिक्षक एमएलसी सीट से चुनाव मैदान में उतारा है। ------------------------------- ये खबर भी पढ़ें… यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय क्यों हटाए गए?:आराधना ब्राह्मण चेहरा, अखिलेश से तालमेल अच्छा; मुस्लिमों को साधेंगे इमरान यूपी में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस नेतृत्व ने बड़ा सियासी दांव खेल दिया। अजय राय को प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाकर आराधना मिश्रा ‘मोना’ को कमान सौंप दी। इमरान मसूद को कार्यकारी अध्यक्ष बनाया है। देवेंद्र प्रसाद महरा और आलोक प्रसाद को उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी है। चार नियुक्तियों के जरिए कांग्रेस ने यूपी में 'ब्राह्मण-मुस्लिम-ओबीसी-दलित' का एक नया और संतुलित समीकरण तैयार किया है। पूरी खबर पढ़िए…
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