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    बैंक-अकाउंट से 42.5 लाख की साइबर ठगी:वाराणसी के व्यापारी को फर्जी लिंक भेजा, धनबाद से कार बरामद; 5 गिरफ्तार

    16 hours ago

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    वाराणसी के व्यापारी को फर्जी लिंक भेजकर खाते से 42.50 लाख की ठगी करने वाले गिरोह को साइबर क्राइम टीम ने गिरफ्तार कर लिया। सभी साइबर ठगों को सर्विलांस लोकेशन के बाद धनबाद से गिरफ्तार किया गया। उनके कब्जे से ठगी गए रुपयों से खरीदी कार भी पुलिस ने कार बरामद की। इनके कब्जे से 4 अदद एंड्रायड मोबाइल, 1 अदद सिम कार्ड, 2 अदद नोटिस 41ए सीआरपीसी (दिल्ली पुलिस), 1 अदद मोहर (मुखिया) मय पैड, 5 अदद ब्लैंक आधार अपडेशन फार्म, 1 अदद चार पहिया वाहन ब्रेजा बिना नंबर की बरामद की। मौके पर महज 66हजार रुपए बरामद हुए। साइबर अपराधी पहले सोशल मीडिया के जरिए कई लालच भरे मैसेज भेजते हैं फिर APK File भेजकर उनके मोबाइल फोन का एक्सेस ले लेते हैं। जिसके माध्यम से उनके बैंक खातो मे अनधिकृत पहुंच कर उनके मोबाइल से बैंक खातो का एक्सेस लेकर पूरी वारदात को अंजाम देते है। वाराणसी में साइबर ठगी के एक बड़े मामले का खुलासा करते हुए साइबर क्राइम पुलिस ने अंतरराज्यीय गिरोह के पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने लोगों को फोन पर फर्जी लिंक भेजकर बैंक अकाउंट हैक किया और खाते से करीब 42.5 लाख रुपये की ठगी कर ली थी। साइबर ठग लोगों को कॉल कर बैंक या अन्य संस्थान का कर्मचारी बनकर बात करते थे और उन्हें एक लिंक भेजते थे। जैसे ही पीड़ित लिंक पर क्लिक करता, उसका बैंक अकाउंट हैक कर लिया जाता था और खाते से रकम अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर ली जाती थी। चौबेपुर के तिवारीपुर निवासी मदन मोहन मिश्रा पुत्र स्वर्गीय त्रिभुवन मिश्रा ने पुलिस को साइबर ठगी की शिकायत की थी। बताया कि उनके बैंक खाते को साइबर अपराधियों द्वारा अवैध रूप से हैक कर कुल 42.50 लाख रुपए ठगने की बात कही, जिस पर पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी। पुलिस ने जांच के दौरान पुलिस को गिरोह की लोकेशन झारखंड के धनबाद में मिली, जिसके बाद टीम ने कार्रवाई करते हुए पांच अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने ठगी की रकम से खरीदी गई एक कार भी बरामद की है। पूछताछ में पता चला कि लिया जाता है जिसके माध्यम से खातो मे उपलब्ध पैसों Mule Bank Accounts में ट्रान्सफर कर कैश निकाल लिया जाता है। इसके अतिरिक्त इनके द्वारा ग्राम प्रधान के फर्जी लेटर पैड, मुहर तथा आधार अपडेशन फार्म का अवैध रूप से प्रयोग करते हुए विभिन्न व्यक्तियों का आधार का पता आदि बदल दिया जाता था। एसीपी साइबर क्राइम विदुष सक्सेना ने बताया कि उन्हीं आधार कार्ड के माध्यम से विभिन्न बैक मे खाता खुलवाया जाता है और इसका प्रयोग साइबर अपराध में किया जाता है। गिरोह सुनियोजित तरीके से साइबर ठगी की घटनाओं को अंजाम दे रहा था। तकनीकी साक्ष्यों और बैंकिंग ट्रेल के आधार पर आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया गया है। इन आरोपियों को किया गिरफ्तार
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