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    बलरामपुर स्वास्थ्य विभाग में घोटाले की फाइलों के पन्ने गायब:3 सदस्यीय एसआईटी ने पड़ताल की, कर्मचारियों के बयान दर्ज

    3 hours ago

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    बलरामपुर में 2016 से 2024 के बीच स्वास्थ्य विभाग में हुए कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच अब निर्णायक दौर में पहुंच गई है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर गठित तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) ने दो दिनों तक जिले में गहन पड़ताल की। सीएमओ कार्यालय में छानबीन जांच अधिकारी हंसलाल के नेतृत्व में एसआईटी ने सबसे पहले मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) कार्यालय के उन अनुभागों की जांच की, जहां से कथित रूप से घोटाले को अंजाम दिए जाने की बात सामने आई थी। जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण अभिलेख गायब पाए गए, जिस पर टीम ने कड़ी नाराजगी जताई। आधा दर्जन लिपिकों, चीफ फार्मासिस्ट और अन्य कर्मचारियों से पूछताछ कर उनके बयान दर्ज किए गए। सूत्रों के मुताबिक, एसआईटी कुछ अहम दस्तावेज अपने साथ ले गई है, जबकि कई रिकॉर्ड अभी भी उपलब्ध नहीं कराए जा सके हैं। संयुक्त जिला चिकित्सालय में भी अनियमितताएं मेडिकल कॉलेज के अधीन संयुक्त जिला चिकित्सालय में भी वित्तीय गड़बड़ियों के संकेत मिले हैं। चिकित्सकों, फार्मासिस्टों और स्टाफ नर्सों के आवासीय क्वार्टरों के रखरखाव पर करोड़ों रुपये खर्च किए जाने का दावा किया गया था, लेकिन मौके पर मरम्मत कार्य के ठोस प्रमाण नहीं मिले। इस मामले में लगभग 30 पैरामेडिकल कर्मचारियों और कुछ चिकित्सकों के बयान दर्ज किए गए हैं। नौ सीएचसी में दस्तावेजों की जांच सोमवार और मंगलवार को एसआईटी ने जिले के सभी नौ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) में भी रिकॉर्ड की जांच की। रखरखाव, फर्नीचर और उपकरणों की आपूर्ति से जुड़े कई कागजात सुनियोजित तरीके से गायब मिले। अधिकांश वर्तमान अधीक्षक नए पदस्थ होने के कारण केवल उपलब्ध दस्तावेज ही प्रस्तुत कर सके। जल्द शासन को सौंपी जाएगी रिपोर्ट जांच अधिकारी हंसलाल ने कहा कि गायब अभिलेख इस बात का संकेत देते हैं कि सरकारी धन का सुनियोजित दुरुपयोग किया गया हो सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच अंतिम चरण में है और विस्तृत रिपोर्ट शीघ्र ही शासन को सौंप दी जाएगी। एसआईटी की सक्रियता से जिले के स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप की स्थिति बनी हुई है।
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