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    बरेली में निकली राम बारात:रात में नृसिंह मंदिर आकर खत्म होगी, 50 हजार लोगों के शामिल होने का अनुमान

    12 hours ago

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    बरेली में सोमवार को बमनपुरी के नृसिंह मंदिर से राम बारात निकली है। भगवान श्रीराम, लक्ष्मण, माता सीता रथ पर सवार शहर भ्रमण पर निकले हैं। इसमें बड़ी संख्या में बच्चे-महिलाएं और बड़े शामिल हैं। वे डीजे की धुन पर नाचते गाते धीरे-धीरे अगर बढ़ रहे हैं। उन्होंने हाथों में रंग और अबीर ले रखा है। वे हवा में उड़ाते हुए आगे बढ़ रहे हैं। लोग राम बारात को देखने के लिए घरों से बाहर निकल आए हैं। वे भगवान के ऊपर फूल बरसा रहे हैं। हाथ जोड़कर आशीर्वाद ले रहे हैं। सेल्फी लेने के बाद राम बारात में शामिल हो रहे हैं। राम बारात शहर के अलग -अलग चौराहों से गुजर ही है। शाम को 8 बजे के करीब राम बारात वापस बमनपुरी के नृसिंह मंदिर आकर खत्म होगी। अनुमान है कि रात करीब 50 हजार लोग राम बारात में शामिल होंगे। पारंपरिक पूजन के बाद निकली राम बारात राम बारात सुबह 10 बजे बमनपुरी के नृसिंह मंदिर से पारंपरिक पूजन के बाद निकली। जो रात तक मलूकपुर, बिहारीपुर ढाल और कुतुबखाना पहुंचेंगी। इसके बाद घंटाघर, नावेल्टी चौराहा और बरेली कॉलेज गेट होते हुए भक्त कालीबाड़ी पहुंचेंगे। बारात का स्वागत श्यामगंज चौराहा, साहू गोपीनाथ, मठकी चौकी और शिवाजी मार्ग पर होगा। यहां से कारवां पुनः कुतुबखाना चौराहा और बड़ा बाजार की ओर मुड़ेगा। अंतिम चरण में किला चौराहा और सिटी सब्जी मंडी होते हुए करीब 9 घंटे के भ्रमण के बाद शाम 7 बजे बारात वापस नृसिंह मंदिर पर संपन्न होगी। 2008 में यूनेस्को ने सूची में शामिल किया था बरेली की ऐतिहासिक रामलीला को 2008 में यूनेस्को अमूर्त सांस्कृतिक विरासत की सूची में शामिल किया गया था। यह देश की इकलौती ऐसी लीला है जो शरद ऋतु के बजाय फाल्गुन (होली) के महीने में आयोजित होती है। यूनेस्को ने इसकी सांस्कृतिक निरंतरता, सामुदायिक एकता और जीवंत विरासत को देखते हुए इसे यह वैश्विक सम्मान दिया है। आज का यह आयोजन उसी 166 साल पुराने गौरवशाली इतिहास का हिस्सा है। यहां पढ़िए पूरा शेड्यूल ​25 फरवरी: श्रीगणेश पूजन और भव्य पताका यात्रा (नृसिंह मंदिर)। ​26 फरवरी: नारद मोह और राम जन्म की लीला। ​27 फरवरी: सीता जन्म, विश्वामित्र आगमन और ताड़का-सुबाहु वध। ​28 फरवरी: अहिल्या उद्धार और नगर दिखावा (फूल बगिया)। ​01 मार्च: भव्य धनुष यज्ञ। ​02 मार्च (राम बारात): सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक प्रभु राम की भव्य बारात निकलेगी। ​03 - 05 मार्च: भजन संध्या, नृसिंह भगवान शोभायात्रा, राम विवाह और भावुक कर देने वाला राम वनवास प्रसंग। ​06 - 09 मार्च: निषाद गंगाघाट शोभायात्रा, दशरथ मरण, भरत मिलाप और सीता हरण की लीलाएं। ​10 - 12 मार्च: लंका दहन, अंगद-रावण संवाद और मेघनाथ वध। ​13 मार्च (रावण वध): अधर्म पर धर्म की विजय का पर्व 'दशहरा' मनाया जाएगा। ​14 मार्च (श्री राम शोभा यात्रा): साहूकारा में ऐतिहासिक भरत मिलाप का आयोजन। ​15 मार्च: प्रभु श्रीराम का भव्य राज्याभिषेक।
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