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    बिठूर विधानसभा में पूर्व विधायक के सामने 2 दावेदार:आशीष चौबे और बृजेंद्र यादव बोले- टिकट मांगना हमारा अधिकार

    7 hours ago

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    कानपुर की बिठूर विधानसभा सीट पर सपा से टिकट को लेकर दावेदारी तेज हो गई है। पूर्व विधायक मुनींद्र शुक्ला के बाद अब दो नए नामों ने सक्रियता बढ़ा दी है। प्रदेश सचिव आशीष चौबे और सपा नेता बृजेंद्र यादव अलग-अलग गांवों में सभा और चौपाल कर रहे हैं। बृजेंद्र यादव ने बिठूर में कार्यालय खोलकर अपनी चुनावी तैयारी का भी खुला संकेत दे दिया है। वहीं, मुनींद्र शुक्ला ने टिकट को लेकर फैसला राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर छोड़ने की बात कही है। तीनों नेताओं की सक्रियता से बिठूर में सपा की अंदरूनी सियासत और टिकट की दावेदारी चर्चा में आ गई है। बता दें अभी बिठूर विधानसभा में करीब 4 लाख मतदाता हैं। यहां मौजूदा समय में इस सीट से भाजपा के अभिजीत सिंह सांगा विधायक हैं। 2027 का चुनाव नजदीक आने के साथ ही यहां राजनीतिक गतिविधियां भी तेज हो गई हैं। पहले सपा के दो नए दावेदारों के बारे में जानिए… सपा के दो नए दावेदारों में पहला नाम सपा के प्रदेश सचिव आशीष चौबे का है, जबकि दूसरा नाम सपा नेता बृजेंद्र यादव का है। दोनों नेता क्षेत्र में लगातार संपर्क कर रहे हैं और गांवों में सभा-चौपाल के जरिए अपनी मौजूदगी दर्ज करा रहे हैं। आशीष चौबे ने 1995 में शुरू की थी राजनीति सपा के प्रदेश सचिव आशीष चौबे करीब 30 साल से पार्टी से जुड़े हैं। उन्होंने 1995 में कार्यकर्ता के तौर पर सपा की राजनीति शुरू की थी और इसके बाद पार्टी में अलग-अलग जिम्मेदारियां संभालीं। आशीष चौबे को शिवपाल यादव का करीबी माना जाता है। अखिलेश यादव ने भी उन्हें प्रदेश स्तर पर महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी है। ब्राह्मण सम्मेलन की तैयारियों के दौरान वह सनातन पांडेय के साथ प्रदेश के अलग-अलग जिलों का दौरा कर चुके हैं। आशीष चौबे ने कहा कि वह 1995 से समाजवादी पार्टी में हैं और पार्टी ने उन्हें कई जिम्मेदारियां दी हैं, जिन्हें उन्होंने निभाया है। उन्होंने कहा- टिकट मांगना मेरा काम है, लेकिन निर्णय लेना राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव का काम है। टिकट जिसे भी मिले, 2027 में तन-मन-धन से चुनाव लड़ा जाएगा। 2003 से सपा में सक्रिय हैं बृजेंद्र यादव दूसरे दावेदार बृजेंद्र यादव 2003 से समाजवादी पार्टी से जुड़े हैं। उन्होंने पार्टी में अलग-अलग पदों पर जिम्मेदारियां संभाली हैं। 2019 में उन्हें किदवई नगर विधानसभा का प्रभारी बनाया गया था। 2022 के विधानसभा चुनाव में उनकी पत्नी ममता तिवारी को किदवई नगर से सपा का टिकट मिला था, लेकिन बाद में टिकट रद्द हो गया। बृजेंद्र यादव ने कहा- 2024 में अखिलेश यादव ने उन्हें बिठूर विधानसभा से चुनाव की तैयारी करने के लिए कहा था। उन्होंने कहा कि टिकट मांगना उनका अधिकार है। बिठूर में अब परिवर्तन की जरूरत है। इसी को लेकर उन्होंने 'बिठूर मांगे परिवर्तन' नाम से मुहिम भी शुरू कर रखी है। मुनींद्र शुक्ला 2012 में बिठूर विधानसभा से विधायक बने बिठूर विधानसभा सीट परिसीमन के बाद 2012 में अस्तित्व में आई थी। इसी चुनाव में मुनींद्र शुक्ला ने सपा के टिकट पर जीत दर्ज कर विधानसभा में पहुंचे थे। इससे पहले वह सपा के टिकट पर चौबेपुर विधानसभा से चुनाव लड़ चुके थे, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। 2017 और 2022 के विधानसभा चुनाव में भी मुनींद्र शुक्ला ने बिठूर से सपा के टिकट पर चुनाव लड़ा, लेकिन दोनों बार हार गए। वह करीब 18 साल तक सपा कानपुर ग्रामीण के जिलाध्यक्ष भी रहे हैं। हाल ही में उन्होंने जिलाध्यक्ष पद से इस्तीफा दिया और कहा कि उन्होंने राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर इस्तीफा दिया है। मुनींद्र बोले- टिकट देना राष्ट्रीय अध्यक्ष का अधिकार पूर्व विधायक मुनींद्र शुक्ला ने कहा- टिकट किसे देना है, यह राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव तय करेंगे। उनके मुताबिक, किसी के टिकट मांगने या झंडा उठाने से कोई फर्क नहीं पड़ता। मुनींद्र शुक्ला ने कहा- जो लोग परिवर्तन की बात करते हैं, जिसको जो बात करनी है, राष्ट्रीय अध्यक्ष से कहें। मेरी गिनती में कोई नहीं है। राष्ट्रीय अध्यक्ष जो निर्णय करेंगे, वह मेरे लिए सर्वमान्य होगा।" उन्होंने कहा कि उन्होंने जिलाध्यक्ष पद से भी राष्ट्रीय अध्यक्ष के कहने पर ही इस्तीफा दिया था। शुक्ला ने कहा कि वह 18 साल तक पार्टी के जिलाध्यक्ष रहे हैं और पार्टी की रीति-नीति को अच्छी तरह समझते हैं।
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