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    चित्रकूट में मंदाकिनी का रौद्र रूप:रामघाट की 400 दुकानें डूबीं, सड़कों पर चलीं नावें; यूपी-एमपी का संपर्क टूटा

    2 hours ago

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    चित्रकूट में शनिवार सुबह मंदाकिनी नदी ने इस साल का सबसे रौद्र रूप दिखाया। देर रात हुई भारी बारिश के बाद नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा और रामघाट समेत नदी किनारे के कई इलाकों में बाढ़ का पानी भर गया। रामघाट की करीब 400 दुकानें बाढ़ की चपेट में आ गईं। सड़कों पर पानी भरने से कई जगह नावें चलने लगीं और उत्तर प्रदेश-मध्य प्रदेश के बीच सड़क संपर्क टूट गया। लगातार बारिश से जलस्तर और बढ़ने की आशंका है। रात में अचानक आई बाढ़ से रामघाट की कई दुकानों में पानी घुस गया। पानी के तेज बहाव में बड़ी संख्या में दुकानदारों का सामान बह गया। अचानक पानी बढ़ने के कारण कई दुकानदारों को सामान सुरक्षित स्थान पर ले जाने का मौका भी नहीं मिला। सुबह होते ही लोग बचे हुए सामान को ऊंचे स्थानों पर पहुंचाते नजर आए। रामघाट की कई एक मंजिला इमारतें भी पूरी तरह पानी में डूब गई हैं। घाट से जुड़े रास्तों पर पानी भरने के कारण कई जगह सड़कें दिखाई नहीं दे रही हैं। लोगों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक जाने के लिए नावों का सहारा लेना पड़ रहा है। देखें 10 तस्वीरें- धार्मिक स्थलों तक पहुंचा बाढ़ का पानी मंदाकिनी के उफान का असर चित्रकूट के प्रमुख धार्मिक स्थलों पर भी पड़ा है। सती अनुसुइया और गुप्त गोदावरी क्षेत्र में भी बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए इन धार्मिक स्थलों की ओर आवाजाही रोक दी गई है। रास्तों पर पानी भरने से दर्शन और पर्यटन गतिविधियां प्रभावित हुई हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, अगस्त में मंदाकिनी नदी में यह आठवीं बार बाढ़ आई है। लगातार बारिश से जिले में बाढ़ का संकट बढ़ता जा रहा है। राजापुर और मऊ तहसील क्षेत्र में यमुना नदी का जलस्तर भी लगातार बढ़ रहा है। इससे नदी किनारे बसे गांवों के लोगों की चिंता बढ़ गई है। प्रशासन बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों पर नजर बनाए हुए है। वहीं स्थानीय लोग भी जलस्तर और पानी के बहाव की स्थिति पर लगातार निगरानी कर रहे हैं।
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