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    चंद्रशेखर का धरना खत्म, पूर्व गर्लफ्रेंड बोलीं- निकल गई हवा:छात्रों को पिटवाकर भागे, पराठे खाकर संसद में अनशन किया

    16 hours ago

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    यूपी में नगीना से सांसद और भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर ने गुरुवार को धरना खत्म कर दिया। वे छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में तीन दिनों से संसद में अकेले धरने पर बैठे थे। एक्टिविस्ट डॉ. रोहिणी घावरी ने वीडियो जारी कर चंद्रशेखर पर तंज कसा है। उन्होंने कहा- ‘निकल गई हवा। अनशन तुम्हारे बस की बात नहीं, तुम वहां पर पराठे खा रहे थे।’ रोहिणी ने आरोप लगाया कि चंद्रशेखर जंतर-मंतर पर 20 जुलाई को छात्रों की 25 दिन की मेहनत का फल खाने गए थे। घटिया बयान दिए। जिससे छात्र भड़क गए, बाद में पुलिस ने लाठीचार्ज किया। अगर इतने बड़े शुभचिंतक थे, तो वहां से भागते नहीं। पुलिस के सामने खड़े होते और लाठियां खाते। जैसे ही मैंने पूछा कि गृहमंत्री अमित शाह का इस्तीफा मांगो, तो धरने से उठ गए। रोहिणी घावरी मध्य प्रदेश के इंदौर की रहने वाली हैं। दावा करती हैं कि उनका चंद्रशेखर से अफेयर रहा है। स्विट्जरलैंड में पढ़ाई के दौरान ही रोहिणी की मुलाकात भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर से हुई थी। चंद्रशेखर के धरने की 2 तस्वीरें… रोहिणी बोलीं- लाठियां खाते तो नेशनल लीडर बन जाते रोहिणी घावरी ने कहा- जंतर-मंतर पर 20-25 दिनों से छात्र और अन्य लोग शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन कर रहे थे, लेकिन बाद में चंद्रशेखर राजनीतिक लाभ लेने के लिए वहां पहुंचे। आंदोलन के दौरान छात्रों को उकसाने वाले बयान दिए, जिससे माहौल बिगड़ा और हिंसा की स्थिति बनी। उनका दावा है कि जब पुलिस कार्रवाई हुई, तब सांसद छात्रों के साथ खड़े रहने के बजाय वहां से चले गए। अगर सांसद वास्तव में छात्रों के हितैषी होते तो पुलिस कार्रवाई के दौरान छात्रों के साथ खड़े रहते और उनकी सुरक्षा के लिए आगे आते। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि आंदोलन में शामिल होने का उद्देश्य केवल राजनीतिक लाभ और श्रेय लेना था। रोहिणी ने कहा- मैं तुम्हें ट्रोल करने के लिए वीडियो नहीं बना रही हूं। बस मैं तुम्हें तुम्हारी असलियत से वाकिफ करा रही हूं कि तुम जो कर रहे हो ना, वह सही नहीं है। तुम्हें उस जंतर-मंतर के प्रोटेस्ट से हटा दिया गया। अब तुम बोल रहे हो कि 'मैं उस प्रोटेस्ट का हिस्सा ही नहीं हूं, मैं तो उस प्रोटेस्ट से दूर हूँ।' क्योंकि तुम्हें उस प्रोटेस्ट में वह लोग खड़ा नहीं होने देंगे, क्योंकि उन लोगों ने देखा तुम्हारी वजह से वहां पर हिंसा भड़की। सोचो क्या मंजर होता कि एक सांसद छात्रों को बचाने के लिए लाठियां खा रहा है। उसी दिन नेशनल लीडर बन जाते, उसी दिन प्रशंसा होती। लेकिन अंदर हिम्मत नहीं है, बेवजह का क्रेडिट लेने आ गए। तुमसे यह मेहनत हो ही नहीं सकती, तुमसे बेहतर तुम्हें कौन जानता है? मैं तुम्हारी ना आंखों को देखकर पहचान जाती हूं कि आदमी करने वाला क्या है। VIDEO देखिए… रोहिणी ने दिया था चैलेंज कहा था- गृहमंत्री अमित शाह का इस्तीफा मांगो रोहिणी घावरी ने सांसद चंद्रशेखर को गुरुवार सुबह चैलेंज दिया था। कहा था- स्टूडेंट्स के इतने शुभचिंतक हैं तो मेरी एक मांग है कि उनके ऊपर लाठीचार्ज करने वाले दिल्ली पुलिस के लोग थे। दिल्ली पुलिस गृहमंत्री अमित शाह के अधीन है। तो उनका इस्तीफा क्यों नहीं मांगते? अगर आप यह करोगे ना, तो मैं सच में सराहना करूंगी कि आपके अंदर हिम्मत है। शिक्षा मंत्री का इस्तीफा तो मांगिए, अब गृह मंत्री का भी इस्तीफा मांगिए। नौटंकी बंद करो। मैं देखना चाहती हूं आप उठोगे कैसे, कौन उठाने आएगा? या तो तुम वहीं बैठे रहोगे। तुम्हें वहां पर परेशान देखकर मुझे बड़ी खुशी होगी और सुकून मिलेगा। जानिए कौन हैं रोहिणी घावरी, चंद्रशेखर से क्या है विवाद? डॉ. रोहिणी घावरी इंदौर की हैं। मध्य प्रदेश सरकार की फेलोशिप स्कीम के तहत उन्हें स्विट्जरलैंड में पढ़ाई का मौका मिला। वहीं से उन्होंने PhD की और ‘जनपॉवर’ नाम से NGO बनाया। स्विट्जरलैंड में ही रहती हैं। रोहिणी के मुताबिक, चंद्रशेखर ने अपने शादीशुदा होने की बात भी छिपाई और शादी का झांसा देकर शारीरिक शोषण किया। जब वे नगीना से सांसद बने तो उन्होंने दूरी बनानी शुरू कर दी। रोहिणी ने महिला आयोग में चंद्रशेखर के खिलाफ शिकायत भी दी थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। दूसरी ओर, चंद्रशेखर और उनके समर्थकों की ओर से रोहिणी के खिलाफ FIR दर्ज कराई गई है। रोहिणी पिछले एक साल से सोशल मीडिया पर चंद्रशेखर के खिलाफ अभियान चला रही हैं। जंतर-मंतर की घटना जानिए… कॉकरोच जनता पार्टी समर्थकों का संसद मार्च, लाठीचार्ज कॉकरोच जनता पार्टी ने सोमवार, 20 जुलाई को जंतर-मंतर से संसद तक मार्च निकाला। सुबह 8 से शाम 5 बजे तक चले प्रदर्शन के दौरान कई बार प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हुई। सुबह 8 बजे शुरू हुए प्रदर्शन में 10 बजे प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड तोड़कर संसद की ओर मार्च किया। आंदोलनकारी जंतर-मंतर से संसद मार्ग, जनपथ चौराहा, वॉर मेमोरियल, कर्तव्य पथ, विजय चौक होते हुए संसद के करीब पहुंचे। संसद में घुसने की कोशिश की, जिसके बाद संसद की सुरक्षा बढ़ा दी गई, मुख्य द्वार बंद कर दिया गया। पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े। देर शाम को पथराव की तस्वीरें भी सामने आईं। इसमें 50 से ज्यादा पुलिसकर्मी और इतने ही प्रदर्शनकारी भी घायल हुए। CJP ने आरोप लगाया कि निहत्थे आंदोलनकारियों पर पुलिस ने लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोल दागे। इस दौरान कई लोगों के घायल होने की फोटो सामने आईं। पुलिस ने शाम 5 बजे तक जंतर-मंतर को खाली करा लिया। हालांकि रात करीब 11 बजे CJP समर्थक जंतर-मंतर पहुंचे और फिर से प्रदर्शन शुरू कर दिया। *******************
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