Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    CJI Surya Kant से इस्तीफे की मांग पर भड़की BJP, कांग्रेस पर लगाया संस्थाओं को ध्वस्त करने का आरोप

    2 hours from now

    1

    0

    भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने सोमवार को प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) के इस्तीफे की मांग को लेकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला और आरोप लगाया कि पार्टी अब हर संवैधानिक संस्था को ‘‘ध्वस्त’’ करके भारत में अराजकता पैदा करने की कोशिश में जुट गई है जो बेहद ‘‘शर्मनाक’’ है। केंद्रीय मंत्री किरेन रीजीजू ने कहा कि विरोध करना हर नागरिक का अधिकार है, लेकिन संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों का ‘‘खुलेआम अपमान’’ करना निंदनीय है। भाजपा के प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने भी इस मुद्दे पर विपक्षी दल पर हमला बोला।उन्होंने कहा, ‘‘मुस्लिम लीग की माओवादी कांग्रेस में पूरी तरह बदल चुकी और चरम ‘दिमागी नक्सल’ मानसिकता अपना चुकी कांग्रेस अब हर संवैधानिक संस्था को ध्वस्त करके भारत में अराजकता पैदा करने की कोशिश में जुट गई है, जो शर्मनाक है।’’ इससे पहले, पिछले कुछ दिनों से दिल्ली में मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) के खिलाफ जारी प्रदर्शनों और उनसे जुड़ी पाबंदियों के मद्देनजर स्थिति के बारे में पूछे जाने पर प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा था, ‘‘ये कानून-व्यवस्था का मुद्दा है। ये मेरा विषय नहीं है।’’ प्रधान न्यायाधीश ने यहां राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) की स्थापना की 33वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम से इतर पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि ‘‘उच्चतम न्यायालय के दरवाजे हर किसी के लिए खुले हैं’’, चाहे वह आम नागरिक हो या कानून बनाने वाला कोई व्यक्ति। उनसे पूछा गया था कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से मुलाकात करने से इनकार किए जाने के बाद विपक्षी नेता अपनी शिकायतें उनके सामने कैसे रख सकते हैं।प्रधान न्यायाधीश की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस की केरल इकाई ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘प्रिय सूर्यकांत, अगर कानून-व्यवस्था आपका विषय नहीं है, तो अभी इस्तीफा दे दीजिए। हम आपका स्थान लेने के लिए किसी ऐसे व्यक्ति को ढूंढ लेंगे जो इसे संभाल सके।’’ हालांकि, बाद में इस पोस्ट को हटा दिया गया। इस पर पलटवार करते हुए रीजीजू ने ‘एक्स’ पर कहा, ‘‘मैंने पहले ही कहा था कि कांग्रेस पार्टी का अगला निशाना न्यायपालिका है।’’ उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस भारत की सभी संवैधानिक और लोकतांत्रिक संस्थाओं को नष्ट करना चाहती है।उन्होंने कहा, ‘‘भारत विरोधी सभी गुट एकजुट हो रहे हैं। सभी देशभक्त भारतीय भी एक साथ आएंगे।’’ रीजीजू ने ‘एक्स’ पर एक अन्य पोस्ट में कहा कि कांग्रेस अब ‘‘दिशाहीन’’ हो गई है। भाजपा प्रवक्ता सिद्धार्थ यादव ने भी कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि उसकी मानसिकता ‘‘पूरी तरह अराजकतावादी’’ हो गई है।यादव ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘अब कांग्रेस पार्टी के आधिकारिक हैंडल से प्रधान न्यायाधीश के इस्तीफे की मांग की जा रही है।’’ उन्होंने सवाल किया, ‘‘संवैधानिक संस्थाओं पर हमला करने और साथ ही संविधान की दुहाई देने से बड़ी राजनीतिक पाखंड की मिसाल क्या हो सकती है?’’ उन्होंने कहा, ‘‘अगर चुनाव हारते हैं, तो निर्वाचन आयोग पर सवाल उठाते हैं। अगर फैसला उनके खिलाफ आता है, तो न्यायपालिका को निशाना बनाते हैं।’’ भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने भी केरल कांग्रेस की ओर से प्रधान न्यायाधीश के इस्तीफे की मांग को लेकर राहुल गांधी पर हमला बोला। दुबे ने ‘एक्स’ पर कहा, ‘‘राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे की मांग करने के बाद ‘महाराजा’ राहुल गांधी ने अब उच्चतम न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश के इस्तीफे की भी मांग कर दी है।’’ भाजपा सांसद ने तंज कसते हुए कहा, ‘‘सूत्रों के अनुसार, इन इस्तीफों के बाद राहुल गांधी प्रधानमंत्री बनेंगे, शरजील इमाम राष्ट्रपति बनेंगे, अभिजीत दीपके उपराष्ट्रपति बनेंगे, प्रियंका गांधी उच्चतम न्यायालय की प्रधान न्यायाधीश बनेंगी और खालिस्तानी पन्नून को मुख्य निर्वाचन आयुक्त नियुक्त किया जाएगा।’’ उन्होंने कहा, ‘‘इस बीच, (जॉर्ज) सोरोस भारत के अमेरिका में राजदूत होंगे।’’ भाजपा के एक अन्य प्रवक्ता गौरव भाटिया ने कहा कि प्रधान न्यायाधीश द्वारा गांधी और विपक्षी नेताओं से मिलने से इनकार किए जाने से यह महत्वपूर्ण संदेश गया है कि न्यायपालिका को रोजमर्रा की राजनीतिक लड़ाइयों से ऊपर रहना चाहिए।भाटिया ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘शक्तियों के पृथक्करण से लेकर सत्ता के लिए बेचैनी तक, राहुल गांधी ने संवैधानिक कानून को राजनीतिक नाटकबाजी के साथ गड्डमड्ड कर दिया है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘संवैधानिक संस्थाओं को राजनीतिक नाटकबाजी में नहीं घसीटा जा सकता।
    Click here to Read more
    Prev Article
    Kochi जा रहे जहाज में बच्ची से यौन उत्पीड़न, मदरसा शिक्षक गिरफ्तार
    Next Article
    उत्तर प्रदेश में 2 लाख Motor Accident दावे लंबित, बीमा अफसरों को दी जा रही Mediation ट्रेनिंग

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment