Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    CSJMU के स्कूल ऑफ फार्मास्युटिकल साइंसेज में प्रवेश शुरू:फार्मेसी में करियर का मौका, 100 सीटों पर एंट्रेंस से मिलेगा दाखिला

    5 hours ago

    2

    0

    अगर आप स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में एक जिम्मेदार और सम्मानजनक करियर बनाना चाहते हैं, तो छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (CSJMU) आपके लिए सुनहरा अवसर लेकर आया है। विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ फार्मास्युटिकल साइंसेज ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए बी.फार्मा, डी.फार्मा और एम.फार्मा जैसे प्रमुख पाठ्यक्रमों में प्रवेश की प्रक्रिया शुरू कर दी है। संस्थान की साख का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसे पिछले दो वर्षों से लगातार एनआईआरएफ (NIRF) रैंकिंग में स्थान मिल रहा है। बी.फार्मा में एंट्रेंस से मिलेगा दाखिला विश्वविद्यालय प्रशासन के मुताबिक,बी.फार्मा के चार वर्षीय कोर्स के लिए कुल 100 सीटें निर्धारित की गई हैं। इस कोर्स में प्रवेश के लिए छात्रों को विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित प्रवेश परीक्षा पास करनी होगी। वहीं, डी.फार्मा और एम.फार्मा जैसे पाठ्यक्रमों में दाखिला मेरिट और व्यक्तिगत साक्षात्कार के आधार पर दिया जाएगा। इसके अलावा बी.फार्मा के दूसरे वर्ष में सीधे प्रवेश यानी लेटरल एंट्री के लिए भी 10 सीटें रखी गई हैं। इच्छुक अभ्यर्थी विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट csjmu.ac.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। फीस का पूरा गणित और जरूरी योग्यता कोर्स की फीस और योग्यता की बात करें तो बी.फार्मा के लिए 1,11,200 रुपये वार्षिक शुल्क तय किया गया है। इसके लिए उम्मीदवार का इंटरमीडिएट में विज्ञान वर्ग से उत्तीर्ण होना अनिवार्य है। वहीं डी.फार्मा की 60 सीटों के लिए सालाना फीस 1,01,200 रुपये और एम.फार्मा की 60 सीटों के लिए 90,200 रुपये रखी गई है। एम.फार्मा के चार अलग-अलग स्पेशलाइजेशन में प्रवेश के लिए बी.फार्मा में कम से कम 55 प्रतिशत अंक होना जरूरी है। 100 प्रतिशत प्लेसमेंट का रिकॉर्ड और शानदार रिसर्च संस्थान की सबसे बड़ी मजबूती यहां का प्लेसमेंट रिकॉर्ड है। पिछले सत्र में बी.फार्मा, एम.फार्मा और डी.फार्मा के लगभग सभी छात्रों का चयन देश की नामी दवा कंपनियों और अस्पतालों में हुआ है। पढ़ाई के साथ-साथ यहां शोध कार्य पर भी काफी जोर दिया जाता है। पिछले एक साल में यहाँ के शिक्षकों और छात्रों ने 74 अंतरराष्ट्रीय शोध पत्र प्रकाशित किए हैं और 24 पेटेंट हासिल किए हैं, जो संस्थान की वैज्ञानिक प्रगति को दर्शाता है। अत्याधुनिक लैब और नैनोफाइबर जैसी नई तकनीक फार्मेसी विभाग के पास अपनी अत्याधुनिक प्रयोगशालाएं, स्मार्ट क्लासरूम और कंप्यूटर लैब जैसी सुविधाएं मौजूद हैं। यहाँ के वैज्ञानिक घाव भरने के लिए 'नैनोफाइबर' जैसी एडवांस ड्रेसिंग सामग्री और पर्यावरण के अनुकूल 'ग्रीन सिंथेसिस' तकनीक पर काम कर रहे हैं। फार्मेसी की पढ़ाई पूरी करने के बाद छात्रों के पास ड्रग इंस्पेक्टर और क्लिनिकल रिसर्च जैसे सरकारी पदों के अलावा खुद का स्टार्टअप शुरू करने का भी बेहतर विकल्प रहता है।
    Click here to Read more
    Prev Article
    बदायूं में तेज रफ्तार अर्टिगा पलटी:ड्राइवर की मौत, हरदोई निवासी चालक दिल्ली से लौट रहा था घर
    Next Article
    जिलाधिकारी ने राजनीतिक दलों को सौंपी अंतिम मतदाता सूची:कासगंज में भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर हुआ प्रकाशन

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment