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    CSJMU में ICALS-2026 समापन:दलहन की पैदावार बढ़ाने के लिए जीन एडिटिंग पर जोर, युवा वैज्ञानिकों को मिले अवॉर्ड

    11 hours ago

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    छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (CSJMU) के स्कूल ऑफ लाइफ साइंसेज एंड बायोटेक्नोलॉजी द्वारा आयोजित तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस 'आई.सी.ए.एल.एस.-2026' का शनिवार को समापन हो गया। सम्मेलन के आखिरी दिन वैज्ञानिकों ने खेती में आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल और डेटा बैंक बनाने पर चर्चा की। इस दौरान शोधार्थियों को उनके बेहतर प्रदर्शन के लिए सम्मानित भी किया गया। कॉन्फ्रेंस के दौरान प्रो. सुधीर कुमार अवस्थी ने कहा कि आज के दौर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का महत्व बढ़ गया है। उन्होंने स्वदेशी वैज्ञानिक डेटा बैंक बनाने का सुझाव दिया। प्रो. अवस्थी के मुताबिक, इस बैंक में न केवल सफल प्रयोगों बल्कि असफल प्रयोगों के परिणाम भी दर्ज होने चाहिए, ताकि भविष्य में शोध करने वाले छात्रों को सही दिशा मिल सके और उन्हें पुरानी गलतियों से सीखने का मौका मिले। जीन एडिटिंग से बढ़ेगी पैदावार भारतीय दलहन अनुसंधान संस्थान (IIPR) की मुख्य वक्ता डॉ. मीनल राठौर ने चना और अरहर की खेती पर अपना शोध साझा किया। उन्होंने बताया कि बढ़ती आबादी और बदलती जलवायु के बीच दलहन उत्पादन बढ़ाना बड़ी चुनौती है। इसके समाधान के लिए जीन एडिटिंग और आणविक प्रजनन जैसी तकनीकों का उपयोग जरूरी है। इन तकनीकों की मदद से ऐसी फसलें तैयार की जा सकती हैं जो रोगों से लड़ने में सक्षम हों और जिनसे अधिक पैदावार मिल सके। वहीं, द कैटालिस्ट्स ग्रुप के डॉ. अनूप कुमार सिंह ने एनआईआर तकनीक के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कैसे स्मार्ट प्रोसेस कंट्रोल के जरिए औद्योगिक उत्पादन की क्षमता को सुधारा जा सकता है। खेतों तक पहुंचे लैब की रिसर्च समापन समारोह में IIPR के निदेशक डॉ. गिरीश प्रसाद दीक्षित ने युवा वैज्ञानिकों से कहा कि शोध का असली फायदा तभी है जब वह प्रयोगशाला से निकलकर किसानों के खेतों तक पहुंचे। उन्होंने संस्थान द्वारा विकसित नई किस्मों और पेटेंट के उदाहरण देते हुए छात्रों को जमीनी समस्याओं पर काम करने के लिए प्रोत्साहित किया। नीतू सिंह को मिला बेस्ट पोस्टर का अवॉर्ड तीन दिनों तक चले इस सम्मेलन में कुल 16 अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय विशेषज्ञों ने अपनी बात रखी। इसके अलावा शोधार्थियों ने 24 मौखिक प्रस्तुतियां और लगभग 90 शोध पोस्टर पेश किए। बेहतर प्रदर्शन करने वाले छात्रों को पुरस्कार भी दिए गए। दीन दयाल उपाध्याय विश्वविद्यालय, गोरखपुर की नीतू सिंह को 'ओवरऑल बेस्ट पोस्टर प्रेजेंटेशन' का अवॉर्ड दिया गया। साथ ही अलग-अलग विषयों में 6 बेस्ट ओरल और 10 बेस्ट पोस्टर अवॉर्ड भी बांटे गए। इस दौरान प्रो. वर्षा गुप्ता, डॉ. अनुराधा कलानी, डॉ. विनोद कुमार वर्मा, डॉ. राकेश कुमार शर्मा, डॉ. प्रमोद कुमार यादव और डॉ. एकता खरे समेत विश्वविद्यालय के कई शिक्षक और 200 से अधिक छात्र मौजूद रहे।
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