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    'डॉक्टर की कमर पर हाथ रखा, कहा-चलो पार्टी करें':KGMU की पीड़िता बोली- सीनियर डॉक्टर ने चैंबर में बुलाकर गलत तरीके से छुआ

    6 hours ago

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    ‘कुछ दिन पहले पीडियाट्रिक विभाग में गंभीर हालत में एक बच्चे को इलाज के लिए लाया गया था। बच्चे की जान बचाने के लिए क्रिटिकल प्रोसीजर की जरूरत थी। एडिशनल प्रोफेसर के साथ मैं भी उस प्रोसीजर का हिस्सा थी। डॉक्टरों के प्रयास से बच्चे की जान बच गई और वह ठीक हो गया। बच्चे के इलाज के दौरान प्रोफेसर ने कई बार गलत नजरों से देखा। मैं इस बात को इग्नोर करती रही। बाद में बच्चा जब ठीक हो गया तो प्रोफेसर ने मुझे बधाई दी और बोले कि अब आपको पार्टी दूंगा। मैंने कहा हां किसी भी दिन पार्टी कर लेते हैं। इस पर उन्होंने कहा कि नहीं पार्टी अकेले में दूंगा। जब मैंने इससे मना कर दिया तो एक दिन केबिन में बच्चे के केस की पूरी फाइल मंगवाई। मुझसे कहा कि इसे पब्लिश कराने के लिए एक जर्नल में देना है। मैं वहां पहुंची तो प्रोफेसर ने मेरा हाथ पकड़कर गलत नीयत से अपनी तरफ खींचा। मैंने कहा कि सर आप तो मेरे पिता जैसे हैं। मैं आपको उससे इतर कुछ नहीं देख सकती। इस पर उन्होंने कहा कि तुम भी मुझे हिंट दे रही थी। मैंने कहा कि आपको गलतफहमी हुई होगी। मैंने आपके साथ ऐसा कभी नहीं सोचा था।’ यह आपबीती KGMU की महिला डॉक्टर ने विशाखा कमेटी को बताई है। वह विशाखा कमेटी के सामने यह सब बताते हुए रोने भी लगीं। दरअसल, उन्होंने एडिशनल प्रोफेसर संजीव कुमार वर्मा के खिलाफ छेड़छाड़ का आरोप लगाया है। उसके बाद प्रोफेसर को सस्पेंड भी कर दिया गया है। इस मामले में अब तक क्या-क्या हुआ… बुधवार को रेजिडेंट डॉक्टर से छेड़छाड़ का नया मामला सामने आने के बाद कैंपस का माहौल अचानक से एक बार फिर बदल गया। हर तरफ इसी प्रकरण की चर्चा रही। वहीं, गुरुवार लगातार दूसरे दिन विशाखा कमेटी की बैठक हुई। इस दौरान पीडियाट्रिक विभाग के कई डॉक्टर और रेजिडेंट्स के बयान भी दर्ज हुए। करीब 4 घंटे तक चली बैठक में विशाखा कमेटी के 7 सदस्य मौजूद रहे। पीड़ित रेजिडेंट डॉक्टर की शिकायत के जवाब में आरोपी एडिशनल प्रोफेसर की दलीलों पर भी चर्चा हुईं। घटना के चश्मदीद लोगों तक भी विशाखा कमेटी ने पहुंचने का प्रयास किया। हालांकि, सूत्रों की माने तो चैंबर के अंदर की घटना होने के कारण कोई चश्मदीद नहीं मिला है पर इससे जुड़े साक्ष्य पीड़ित रेजिडेंट डॉक्टर के पक्ष में जाते दिखाई दे रहे हैं। अब पढ़िए पीड़िता ने और क्या बताया… मैं चैंबर से बाहर निकलकर रोने लगी पीड़िता डॉक्टर ने आरोप लगाए कि एडिशनल प्रोफेसर ने चैंबर में फाइल लेकर बुलाया। वहां पहुंचते ही मेरा हाथ पकड़ा और उसे जबरन टच करने की कोशिश की। अचानक हुई इस घटना के बाद रेजिडेंट डॉक्टर चैंबर से बाहर निकली और इसकी शिकायत विभाग की फैकल्टी महिला डॉक्टर से की। कुलपति से मिलकर पिता ने एक्शन का बनाया दबाव इसके अगले ही दिन रेजिडेंट डॉक्टर के माता-पिता KGMU कैंपस पहुंचे। कुलपति डॉ. सोनिया नित्यानंद से मुलाकात कर इस मामले पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। इस बीच पीड़िता की लिखित शिकायत पर जांच के लिए विशाखा कमेटी की मीटिंग बुलाई गई। बुधवार को पहली बैठक होती है। इस दौरान पीड़ित रेजिडेंट डॉक्टर और आरोपी एडिशनल प्रोफेसर के बयान दर्ज किए गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए कुलपति की तरफ से आरोपी एडिशनल प्रोफेसर को जांच पूरी होने तक सस्पेंड कर दिया जाता है। विभाग में उनके प्रवेश पर भी रोक लगा दी गई। 11 फरवरी को शिकायत, 12 को एक्शन पीड़ित डॉक्टर (एमडी छात्रा) ने 11 फरवरी को परिवारवालों के साथ पहुंचकर KGMU प्रशासन से शिकायत की थी। डॉक्टर ने आरोप लगाया था कि प्रोफेसर उससे अभद्रता करते हैं। साथ ही मोबाइल पर मैसेज भेजते हैं। इसके बाद कुलपति डॉ. सोनिया नित्यानंद के आदेश पर विशाखा कमेटी ने पीड़ित डॉक्टर के बयान दर्ज किए। एडिशनल प्रोफेसर से पूछताछ की। कमेटी की शुरुआती जांच में आरोप सही पाए गए। इसकी रिपोर्ट के आधार पर आरोपी एडिशनल प्रोफेसर डॉ. संजीव कुमार वर्मा को सस्पेंड कर दिया गया। सस्पेंड रहने के दौरान उन्हें डीन मेडिसिन कार्यालय से अटैच कर दिया गया। चैंबर में बुलाकर हाथ पकड़ा, छेड़खानी की KGMU के प्रवक्ता डॉ. केके सिंह ने बताया- घटना के दिन एडिशनल प्रोफेसर डॉ. संजीव कुमार वर्मा ने रेजिडेंट डॉक्टर को किसी काम के बहाने चैंबर में बुलाया। पहले उसका हाथ पकड़ा और फिर छेड़छाड़ की। इससे रेजिडेंट डॉक्टर हैरान-परेशान हो गई। वो तुरंत चैंबर से बाहर निकली। फिर विभाग की महिला फैकल्टी मेंबर को पूरी बात बताई। पीड़ित डॉक्टर की शिकायत पर तत्काल विशाखा कमेटी बनाई गई। शुरुआती जांच के बाद आरोपी को सस्पेंड कर दिया गया। साथ ही जांच पूरी होने तक डीन ऑफिस से अटैच किया गया है। रमीज को 18 दिन ढूंढती रही पुलिस 23 दिसंबर, 2025 को एमडी पैथोलॉजी की छात्रा ने चौक थाने में शिकायत देकर आरोप लगाया था कि उसके सीनियर डॉ. रमीज ने शादी का झांसा देकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। अबॉर्शन कराया। साथ ही धर्म परिवर्तन का दबाव डाला। पुलिस रमीज को शिकायत के 18 दिन बाद गिरफ्तार कर पाई थी। उस पर 50 हजार का इनाम घोषित कर चुकी थी। वह ठाकुरगंज में रह रहा था। जबकि पुलिस टीमें उसकी तलाश 4 राज्यों यूपी, उत्तराखंड, दिल्ली और हिमाचल प्रदेश में कर रही थी। पुलिस ने लखनऊ, पीलीभीत और खटीमा वाले घरों पर 7 जनवरी को कुर्की का नोटिस चिपकाया था। 5 जनवरी को उसके पिता सलीमुद्दीन और मां खतीजा को गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद 9 जनवरी की रात रमीज पकड़ा गया था। -------------------------------- संबंधित खबर भी पढ़िए… लखनऊ KGMU में महिला डॉक्टर का हाथ पकड़ा : प्रोफेसर ने चैंबर में बुलाकर छेड़छाड़ की, सस्पेंड; बोली- मोबाइल पर मैसेज भेजते थे लखनऊ के KGMU (किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी) में छेड़खानी का नया मामला सामने आया है। 50 दिन में यह तीसरा केस है। अब पीडियाट्रिक विभाग की एमडी की छात्रा (रेजिडेंट डॉक्टर) ने विभाग के एडिशनल प्रोफेसर डॉ. संजीव कुमार वर्मा पर अभद्रता करने का आरोप लगाया है। (पूरी खबर पढ़िए)
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