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बॉलीवुड क्राइम फाइल्स के अरुण टिक्कू मर्डर केस में अब तक आपने पढ़ा कि 7 अप्रैल 2012 को समर्थ आंगन बिल्डिंग से निकलते हुए एक शख्स अरुण टिक्कू की हत्या होते देखता है और पुलिस को इन्फॉर्म करता है। अरुण टिक्कू की हत्या के बाद उनका बेटा एक्टर अनुज टिक्कू लापता हो जाता है, जिससे पुलिस का उन पर शक बढ़ जाता है। जब अनुज की गिरफ्तारी होती है तो वो बताते हैं कि वो दोस्त करण सूद के साथ गोवा गए थे और उनके पिता रेंटल एग्रीमेंट देखने उसी दिन दिल्ली से मुंबई आए थे। घर में रेनोवेशन चल रहा था। 2 पुताई करने आए शख्स वहां मौजूद थे, जो उनके दोस्त करण सूद के नौकर थे। जांच में सामने आया कि जिस करण सूद को अनुज दोस्त कह रहे थे, वो असल में कुख्यात गैंगस्टर है, जिसे पहले डबल मर्डर के आरोप में उम्रकैद हुई थी। अनुज पुलिस को बताते हैं कि करण से उनकी मुलाकात एक्ट्रेस सिमरन सूद ने करवाई थी। सिमरन से उनसे कहा था कि करण बडे़ होटेलियर हैं और उनके भाई हैं। करण और सिमरन के कहने पर वो अपना फ्लैट एक जर्मन महिला को किराए पर दे रहे थे और पिता रेंट एग्रीमेंट देखने ही मुंबई आए थे। अरुण टिक्कू हत्याकांड के पार्ट-2 में जानिए आगे की कहानी- डबल मर्डर केस में विजय पालांडे को उम्रकैद की सजा हुई थी, जबकि सिमरन को तब छोड़ दिया गया था। करीब 2 साल तक जेल में रहने के बाद विजय पेरोल पर बाहर आए और भाग निकले। विजय पालांडे इस मामले में भी कस्टडी से भागने की नाकाम कोशिश कर चुके थे, जिससे पुलिस ने उन्हें कड़ी निगरानी में रखी और सख्ती से पूछताछ की। 12 अप्रैल को हुई पूछताछ में विजय पालांडे ने बेहद शॉकिंग खुलासे किए, जिससे न सिर्फ अरुण टिक्कू बल्कि एक प्रोड्यूसर की गुमशुदगी के तार भी जुड़े थे। विजय के इकबाल-ए-जुर्म के अनुसार, वो अनुज टिक्कू की प्रॉपर्टी हथियाने के बाद उनकी हत्या करना चाहता था। 2 साल पहले सिमरन ने अनुज से दोस्ती की और फिर विजय को करण सूद बताकर उससे मिलवाया। दोनों ने उन्हें अपनी रईसी की कहानियां सुनाईं और अनुज से गहरी दोस्ती कर ली। वो जिस विदेशी महिला को अनुज का फ्लैट किराए पर दिलवा रहे थे, वो विजय की ही पत्नी थी। प्लान के अनुसार, दोनों अनुज से प्रॉपर्टी के पेपर्स साइन करवाते और फिर उनकी गोवा ले जाकर हत्या करते। लेकिन इसी बीच उन्हें पता चला कि अनुज के पिता अरुण टिक्कू उनकी अचानक बढ़ती दोस्ती पर शक करने लगे थे और रेंटल एग्रीमेंट देखना चाहते थे। विजय ये भी जान चुका था कि अरुण टिक्कू डॉक्यूमेंटेशन के पक्के हैं और उनके रहते प्रॉपर्टी ट्रांसफर करना मुश्किल है। ऐसे में विजय ने अनुज के पिता अरुण को ये कहते हुए मुंबई बुलाया कि उनके बेटे ने बिना किराए के दो लोगों को फ्लैट में ठहराया हुआ है। विजय की बात सुनकर अरुण मुंबई आए थे। प्लान के तहते उसी रोज वो बेटे अनुज को अपने साथ गोवा ले गए और दूसरी तरफ फ्लैट में पिता की हत्या कर दी गई। अनुज टिक्कू पिता की हत्या के बाद उसी फ्लैट में रहे थे। तब तक क्राइम सीन को जस का तस ही रखा गया था। जब अनुज को पूछताछ के बाद छोड़ा गया तो वो उसी घर में रहे और उसी कमरे में सोए जहां पिता का कत्ल हुआ था। इस पर अनुज कहते हैं- घर में घुसते ही सब कुछ उलटा-पुलटा था। फ्रिज गिरा हुआ, मैट्रेस इधर-उधर, सोफे उलटे। बाथरूम में खून, टाइल्स टूटी हुई, दीवारों पर खून के छींटों के निशान। वो पूरा क्राइम सीन था। पुलिस ने जो लड़का मेरे साथ भेजा था, वो ये देखकर भाग गया। उसी क्राइम सीन में मैं रात को सोया। साल 2012 में उस समय के मशहूर क्राइम रिपोर्टर नीरज अग्रवाल केस को कवर कर रहे थे। दैनिक भास्कर से बातचीत में उन्होंने बताया कि इस हत्याकांड के बाद अनुज की स्थिति ठीक नहीं थी। वो कहते हैं- ‘अनुज की हालत इतनी खराब थी कि वह पुलिस से भी ठीक से बात नहीं कर पा रहा था। अनुज एक बहुत ही सीधा‑सादा किस्म का लड़का था। उसकी दुनिया में दोस्त नहीं थे। वह उस तरह का इंसान नहीं था जो दो मिनट में किसी से दोस्ती कर ले। उसकी मानसिक स्थिति को आसानी से मैनिपुलेट किया जा सकता था। आप उसे स्ट्रीट‑स्मार्ट या बहुत दुनियादार भी नहीं कह सकते। यह बात उसके पिता मिस्टर टिक्कू जानते थे, हालांकि वह दिल्ली में रहते थे।’ आगे नीरज कहते हैं, ‘अनुज मुंबई एक्टिंग करने आया था, लेकिन इंडस्ट्री में उसकी नेटवर्किंग बहुत कमजोर थी। फिल्म इंडस्ट्री का उसूल है जितने ज्यादा लोग, उतनी ज्यादा संभावनाएं। यह कमी अनुज में थी, इसलिए उसे काम भी कम मिलता था।’ ‘उसके पास एक नीले रंग की मर्सिडीज कार भी थी, जिसे विजय पालांडे हथियाना चाहता था। उसे यह भी पता चला कि अनुज का अंधेरी में एक 2BHK फ्लैट है, जिसकी वैल्यू उस वक्त करीब ढाई‑तीन करोड़ या उससे ज्यादा थी। प्लान यह था कि फ्लैट किराए पर लेकर, कब्जा करके, फर्जी दस्तावेजों से उसे अपने या सिमरन के नाम ट्रांसफर कर दिया जाए और फिर बेचकर पैसा कमाया जाए।’
अनुज टिक्कू की हत्या वाले दिन किया था एक प्रोड्यूसर का कत्ल अरुण टिक्कू हत्याकांड के कबूलनामे के बाद विजय ने पुलिस बयान में एक और हत्याकांड का भी खुलासा किया, जिसे उसने 7 अप्रैल को ही अंजाम दिया था। दरअसल, 5 अप्रैल को पुलिस को प्रोड्यूसर करण कक्कड़ के गुमशुदा होने की शिकायत मिली थी, जिनकी तलाश जारी थी। करण कक्कड़ एक अमीर बिजनेसमैन थे, जो फिल्मों में पैसे लगाना चाहते थे। इसकी खबर लगते ही सिमरन ने उन्हें टारगेट कर नजदीकियां बढ़ाना शुरू कर दिया। उन्होंने आश्वासन दिया कि वो करण को बतौर प्रोड्यूसर एक फिल्म से जोड़ेंगी। 5 अप्रैल को मीटिंग का झांसा देकर सिमरन और विजय पालांडे उन्हें किराए के एक फ्लैट में ले गए और बंदी बना लिया। दोनों ने करण के अकाउंट से पैसे निकाले और क्रेडिट कार्ड से लाखों की शॉपिंग की। पूरे पैसे निकालने के बाद 7 अप्रैल को दोनों ने मिलकर करण कक्कड़ की गला काटकर हत्या कर दी। पुलिस बयान में विजय ने बताया कि हत्या से पहले उन्होंने करण कक्कड़ से पूछा कि उनका गला होश में काटा जाए या वो नींद की गोलियां खाना चाहेंगे। करण के कहने पर दोनों ने उन्हें 14 नींद की गोलियां खिलाईं और फिर बाथरूम में उनका गला काट दिया। दोनों ने लाश के टुकड़े किए और फिर उसे कुंभरली घाट में फेंक दिया। विजय की निशानदेही में पुलिस ने कुंभरली घाट से करण का कंकाल बरामद किया। विजय पालांडे के कबूलनामे के बाद सिमरन सूद को 12 अप्रैल को गिरफ्तार किया गया। उन्होंने खुद पर लगे सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया था। जब पुलिस ने सिमरन और विजय के जॉइंट बैंक लॉकर की जांच की तो उन्हें वहां अनुज टिक्कू का एक सुसाइड नोट भी मिला। नोट में अनुज की हैंडराइटिंग में उनके सिग्नेचर के साथ लिखा गया था- "I, Anuj Tiku, am not happy with my life and I want to leave my body and go towards moksha. Nobody should be responsible for my death.”
(“मैं अनुज टिक्कू अपने जीवन से निराश हूं और अपनी देह छोड़कर मोक्ष की ओर जाना चाहता हूं। मेरी मौत का कोई जिम्मेदार नहीं है।”) विजय ने बताया कि वो अनुज की हत्या के बाद ये सुसाइड नोट जारी करते, जिससे सबको लगता कि पिता की हत्या के बाद उन्होंने सुसाइड कर लिया है। दैनिक भास्कर से बातचीत में अनुज टिक्कू कहते हैं, ‘इनका प्लान था पहले मुझे मारना और फिर मेरे पिता को। लेकिन पापा के अचानक आ जाने से प्लान बदलना पड़ा। उस समय मेरी हालत ये थी कि मैं थोड़ा बहुत डोप लेता था। ये बात 6 तारीख की रात से कुछ दिन पहले की है। एक दिन उन्होंने मुझे बीयर पिलाई गई, जिसमें नशीली दवा मिलाई थी। मैं कभी बीयर पीकर उल्टी नहीं करता, लेकिन उस दिन मैंने उल्टी की, जबकि मैंने आधी बोतल से ज्यादा नहीं पी थी। वहीं उन्होंने नशे में मेरा हाथ पकड़कर वो लेटर लिखवाया। अगर कोई सच में डिप्रेस्ड होकर सुसाइड नोट लिखता, तो वो कमरे में कहीं पड़ा होता, बैंक लॉकर में क्यों मिलता?’ हीरोइन बनने के लिए मुंबई आईं थीं सिमरन फिर गैंगस्टर से बनी जोड़ी 1995 में सिमरन सूद एक डांस कॉम्पिटिशन के लिए मुंबई आई थीं। वो ये कॉम्पिटिशन तो नहीं जीतीं, लेकिन मॉडलिंग के प्रोजेक्ट्स मिलने के बाद वो मुंबई में ही रहने लगीं। एक पेज-3 पार्टी में सिमरन की मुलाकात विजय पालांडे से हुई और समय के साथ दोनों रिलेशनशिप में आ गए। विजय पालांडे से मुलाकात के बाद सिमरन की जिंदगी में लग्जरी की कोई कमी नहीं थी। वो अपनी ज्यादातर कमाई सिमरन पर खर्च करता था। उसकी कमाई का जरिया थी लूट और दो नंबर के काम। सिमरन ने उस समय कई प्लास्टिक सर्जरी करवाईं। साल 1997 में सिमरन ने बिजनेसमैन कहते हुए विजय की मुलाकात पेरेंट्स से करवाई और शादी की बात की। परिवार इस रिश्ते के खिलाफ था, लेकिन इसके बावजूद दोनों ने 1997 में शादी कर ली। समय के साथ सिमरन भी विजय के प्लान्स में शामिल होने लगीं। डबल मर्डर केस में सिमरन बनीं भागीदार 1998 में विजय पालांडे मुंबई के कॉपर चिमनी रेस्टोरेंट में काम करता था। यहां उसने देखा कि अनूप दास अक्सर रेस्टोरेंट में आते हैं। अनूप एयर इंडिया के इंजीनियर थे, जिन्हें विजय ने टारगेट बनाया। प्लान के तहत विजय ने पहले खुद अनूप से दोस्ती की और फिर सिमरन को बहन बताते हुए उनसे मुलाकात करवाई। सिमरन ने उनसे जल्द ही नजदीकियां बढ़ा लीं, जिससे उनका घर आना-जाना भी बढ़ गया। अनूप के परिवार वाले भी सिमरन से परिचित थे। विजय जानता था कि अनूप की जुहू में प्रॉपर्टी है, जिसपर उनकी नजरें थीं। सिमरन ने एक रोज अनूप से कहा कि उनके पास मुंबई में रहने के लिए घर नहीं है, तो उसने अपना फ्लैट सिमरन को रहने दे दिया। सिमरन उस फ्लैट में विजय पालांडे के साथ रहने लगीं। फ्लैट मिलने के बाद सिमरन और विजय ने अनूप की हत्या की साजिश रची। 26 जनवरी 1998 को दोनों ने अनूप को एक बिजनेस मीटिंग के लिए महाबलेश्वर बुलाया था। अनूप बिना किसी को बताए महाबलेश्वर निकले, लेकिन इसके बाद से ही उनकी कोई खबर नहीं मिली। सिमरन और विजय ने उनका महाबलेश्वर के रास्ते में ही कत्ल कर उनकी लाश ठिकाने लगा थी। अनूप दास के पिता स्वराज रंजन ने बेटे के बारे में पता करने के लिए जब विजय पालांडे को कॉल किया तो जवाब मिला कि अनूप उनके साथ हैं, कुछ दिनों में लौट आएंगे। करीब एक हफ्ते बाद भी जब अनूप नहीं लौटे, तो स्वराज ने फिर विजय को कॉल किया। इस बार विजय ने कहा कि अनूप उनसे मिलना चाहते हैं और उन्हें महाबलेश्वर बुला रहे हैं। सिमरन और विजय का अनूप के घर में इस कदर आना-जाना था कि उनपर कभी किसी को शक नहीं हुआ। विजय से बात करने के तुरंत बाद ही स्वराज रंजन महाबलेश्वर पहुंचे। तब विजय और सिमरन ने बेटे से मिलने के बदले 7 लाख रुपए की डिमांड रख दी। स्वराज ने उन्हें 7 लाख ट्रांसफर भी किए, लेकिन दोनों ने इसके तुरंत बाद उनका भी कत्ल कर दिया। स्वराज रंजन की पत्नी ने उनकी और बेटे की मिसिंग कंप्लेंट दर्ज करवाई थी। जिसकी जांच में विजय पालांडे और सिमरन की गिरफ्तारी हुई। विजय पालांडे ने पुलिस कस्टडी में जुर्म कबूल कर लिया। उन्हें इस केस में उम्रकैद की सजा हुई, जबकि सिमरन को कुछ महीनों बाद ही छोड़ दिया गया था। विजय पालांडे 2 सालों तक जेल में रहा, लेकिन फिर पेरोल से भाग निकला। विजय से अलग होने के बाद सिमरन सूद फिर मॉडलिंग और एक्टिंग करियर में व्यस्त हो गईं। लेकिन 2005 में विजय ने फिर उनसे संपर्क किया। विजय पेरोल से भागने के बाद दुबई जाकर छिप गया। वहां उसने प्लास्टिक सर्जरी के जरिए हुलिया बदल लिया और फिर मुंबई आ गया। सिमरन स्ट्रगल करते हुए चंद रुपयों में गुजारा कर तंग आ चुकी थीं। ऐसे में विजय के लौटते ही उन्होंने फिर उसका साथ दिया। बिजनेसमैन गौतम वोरा की भी हत्या की रची साजिश विजय के मुंबई लौटते ही सिमरन ने 2005 में बिजनेसमैन गौतम वोरा को अपना अगला टारगेट बनाया। सिमरन ने गौतम को शादी के लिए राजी किया। प्लान था कि शादी के बाद सिमरन और विजय गौतम का कत्ल करेंगे, जिससे गौतम की सारी प्रॉपर्टी सिमरन को मिल जाती। हालांकि गौतम की मां इसके खिलाफ थीं, जिससे उनका प्लान टलता जा रहा था। विजय पालांडे ने कबूलनामे में बताया कि अनुज टिक्कू की हत्या के बाद वो गौतम का कत्ल करने वाले थे, लेकिन खुशकिस्मती से समय रहते उनके प्लान का पर्दाफाश हो गया। इस केस पर क्राइम जर्नलिस्ट नीरज अग्रवाल कहते हैं, सिमरन और विजय के बीच एक बहुत ही गजब और कमाल की केमिस्ट्री और हिस्ट्री थी। जब इन्हें घर किराए पर लेना होता था तो ये खुद को पति‑पत्नी बताते थे। और जब इन्हें खुद को मार्केट में प्लेस करना होता था, तो विजय पालांडे सिमरन को अलग‑अलग नामों से कभी सीमा, कभी किसी और नाम से अपनी बहन के रूप में इंट्रोड्यूस करता था। ये दोनों मिलकर बहुत सारे लोगों को ठग चुके थे और उनकी प्रॉपर्टीज हड़पने की योजनाएं बनाते थे। इसी सिलसिले में इनकी मुलाकात टिक्कू साहब के बेटे अनुज से हुई। इनके नेक्सस को कम से कम दस साल हो चुके थे। इनके टारगेट ज्यादातर फिल्म, एंटरटेनमेंट, मॉडलिंग और फैशन इंडस्ट्री से जुड़े लोग होते थे जो वल्नरेबल होते हैं और आसानी से भरोसा कर लेते हैं। मेरी जानकारी के मुताबिक, अगर यह केस 2012 का है, तो इनका नेक्सस कम से कम दस साल या उससे भी ज्यादा पुराना था। ये लोग एक दशक से ज्यादा समय से इसी तरह की हरकतें कर रहे थे। इनका जो टार्गेटेड एरिया और टार्गेटेड पर्सन होते थे, वो ज्यादातर फिल्म इंडस्ट्री, एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री, मॉडलिंग और फैशन से जुड़े लोग होते थे। अगर आपके सामने एक खूबसूरत लड़की बहन, पत्नी या प्रेमिका बनकर बैठी हो, तो कोई भी आसानी से भरोसा कर लेता है। इसी भरोसे का ये लोग फायदा उठाते थे। 14 सालों से जेल में है विजय पालांडे, सजा-ए-मौत की हुई मांग 1998 के डबल मर्डर, प्रोड्यसूर करण कक्कड़ और अरुण टिक्कू की मौत के आरोप में विजय पालांडे आज भी जेल में बंद है। उसके साथी धनंजय शिंदे और मनोज गजकोश भी जेल में हैं, हालांकि सिमरन को 3 साल की सजा के बाद छोड़ दिया गया है। अनुज कहते हैं, मुझे खुशी इस बात की है कि उज्जवल निगम 14 सालों से हमारा केस लड़ रहे हैं। वो डेथ पेनाल्टी की मांग कर रहे हैं। मुझे उम्मीद है कि विजय पालांडे को डेथ पेनल्टी मिलेगी और तभी मुझे लगेगा कि मेरे पिता को इंसाफ मिला है। केस पर क्राइम जर्नलिस्ट नीरज अग्रवाल कहते हैं, यह पूरा मामला एक सुनियोजित साजिश का उदाहरण है, जिसमें सिस्टम की कमजोरियां भी साफ नजर आती हैं। सबसे दुखद पहलू यही है कि इतने सबूत, गवाह और डॉक्यूमेंटेशन होने के बावजूद, सालों बाद भी मिस्टर टिक्कू और अनुज टिक्कू को पूरा न्याय नहीं मिल पाया। यह केस सिर्फ एक मर्डर मिस्ट्री नहीं, बल्कि हमारी व्यवस्था पर भी बड़ा सवाल खड़ा करता है। (नोटः ये खबर एक्टर अनुज टिक्कू और मशहूर क्राइम जर्नलिस्ट नीरज अग्रवाल के इंटरव्यू और रिसर्च के आधार पर लिखी गई है।) लेखक- ईफत कुरैशी रिपोर्टर- वर्षा राय …………………………………………………………….. पार्ट-1, एक्टर अनुज टिक्कू के घर में हुआ पिता का कत्ल:बाथरूम में खून से सनी लाश छोड़कर भागे कातिल, एक्ट्रेस-गैंगस्टर से जुड़े तार 7 अप्रैल 2012 की बात है … मुंबई के लोखंडवाला में एक हाईराइज अपार्टमेंट है, जिसका नाम समर्थ आंगन है। कई मंजिलों वाली इस इमारत में हजारों लोग रहते हैं। उस रात करीब 11 बजकर 30 मिनट पर हरंगद सिंह माइनी नाम के बिल्डिंग में रहने वाले शख्स अपने पिता के लिए दवाई लेने निकले थे। जैसे ही उन्होंने पार्किंग में खड़ी अपनी कार का दरवाजा खोला, तो उनकी नजर पहली मंजिल की खिड़की पर गई। एक हट्टा-कट्टा आदमी एक बुजुर्ग शख्स पर चाकू से हमला कर रहा था। बुजुर्ग खुद को बचाने की कोशिश में खिड़की से मदद मांग रहा था, तभी खिड़की के पर्दे की रॉड टूटकर गिरी। पूरी खबर पढ़िए… ……………………………………………………………….. पार्ट-1, फांसी के फंदे पर लटकी मिलीं तुनिषा शर्मा:एक्स बॉयफ्रेंड शीजान की हुई गिरफ्तारी, आरोप- इस्लाम कबूल करवाना चाहते थे 22 दिसंबर 2022 टीवी शो अलीबाबाःदास्तान ए काबुल चैप्टर-1 के सेट पर सभी शूटिंग शुरू करने की तैयारी कर रहे थे। शो की लीड एक्ट्रेस तुनीषा शर्मा भी तैयार थीं। कुछ देर बाद वो को-एक्टर और एक्स शीजान खान के मेकअप रूम में स्थित वॉशरूम गई। करीब 15 मिनट बीते, लेकिन तुनीषा बाहर नहीं आईं। शूटिंग में देर हो रही थी, तो सेट पर मौजूद लोगों ने मेकअप रूम में खटखटाना शुरू कर दिया। कोई जवाब नहीं मिल रहा था। जब दरवाजा तोड़ा गया तो तुनीषा की लाश फंदे पर लटकी मिली। एक्टर शीजान उन्हें गोद में उठाकर हॉस्पिटल पहुंचे, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। तुनीषा की मौत के बाद उनकी मां ने एक्टर शीजान पर आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप लगाए, जिसके बाद उनकी गिरफ्तारी हुई। आरोप ये भी थे शीजान उन्हें जबरदस्ती इस्लाम कबूल करवाना चाहते थे। पूरी कहानी पढ़िए अगले मंगलवार-बुधवार, बॉलीवुड क्राइम फाइल्स के केस-5 तुनीषा शर्मा डेथ केस में।
…………………………………………………………………….. भास्कर की नई सीरीज बॉलीवुड क्राइम फाइल्स की ये कहानियां भी पढ़िए- पार्ट-1, बालिका वधु एक्ट्रेस प्रत्युषा बोलीं- मैं बिकने नहीं आई:आखिरी कॉल में मां-बाप को गालियां दीं, फिर फंदे पर लटकी मिलीं 1 अप्रैल 2016, दोपहर करीब 12 बजे… प्रत्युषा बनर्जी, बॉयफ्रेंड एक्टर-प्रोड्यूसर राहुल राज के साथ मुंबई के गोरेगांव की हार्मनी बिल्डिंग की सातवीं मंजिल पर स्थित फ्लैट नंबर 703 में रहती थीं। दोपहर में राहुल अपने काम से लोखंडवाला गए थे। कुछ देर बाद ही उन्होंने प्रत्युषा को कॉल किया तो वो जोर-जोर से रो रही थीं। थोड़ी कहासुनी होने के बाद प्रत्युषा ने कहा- वोह, राहुल राज, इगो अपने पास रखो, क्योंकि कुछ ही घंटों में, शायद मिनटों में, किसी को इगो दिखाने के लिए नहीं बचेगा। राहुल ने जवाब दिया- देखो, मैं तुमसे बस इतना बोल रहा हूं, खाली सुनो। प्रत्युषा ने बात काटते हुए कहा- मैं तुमसे इतना बोल रही हूं…. मैंने तुमसे बहुत प्यार किया है। पूरी कहानी पढ़िए… पार्ट-2, मौत से पहले प्रत्युषा बनर्जी ने करवाया अबॉर्शन:बॉयफ्रेंड की एक्स ने की थी मारपीट, पोस्टमॉर्टम में शरीर में मिली 100ml शराब प्रत्युषा बनर्जी के दोस्तों ने जिस सलोनी शर्मा पर उनसे मारपीट के आरोप लगाए थे, उन्होंने पुलिस बयान में कबूला कि उन्होंने एक्ट्रेस को थप्पड़ मारा था, लेकिन साथ ही उन्होंने कहा कि वो और राहुल राज एक समय में रिलेशनशिप में थे, लेकिन प्रत्युषा की वजह से राहुल ने उन्हें छोड़ दिया। पूरी कहानी पढ़िए ………………………………………………………………………. पार्ट-1, एक्ट्रेस के घर से लापता हुए कास्टिंग डायरेक्टर नीरज ग्रोवर: एक कॉल से पुलिस ने सुलझाई गुत्थी, कातिलों ने लाश के सामने बनाए शारीरिक संबंध मई 2008 की बात है उस दौर की सबसे मशहूर क्राइम रिपोर्टर जिग्ना वोरा के पास अमरनाथ ग्रोवर का कॉल आया। उन्होंने घबराती हुई आवाज में कहा, ‘जिग्ना जी, मैं अमरनाथ बोल रहा हूं, मेरा बच्चा गुम हो गया है, क्या आप इस पर स्टोरी करेंगी?’ जिग्ना जो बड़े-बड़े केस की रिपोर्टिंग करती थीं, उनके लिए ये कोई बड़ी बात नहीं थी। उन्होंने जवाब दिया- ‘सर, ऐसे कई बच्चे गुम हो जाते हैं, लेकिन हम सब पर स्टोरी थोड़ी कर सकते।’ पूरी खबर पढ़िए… पार्ट-2, लाश के सामने एक्ट्रेस ने बनाए शारीरिक संबंध: मॉल से खरीदी चाकू, लाश के टुकड़े थैलियों में भरकर जंगल में जलाए, जानिए कैसे हुए हत्याकांड का खुलासा मारिया की बिल्डिंग के गार्ड ने पूछताछ में बताया कि मारिया 7 मई 2008 की शाम कुछ भारी बैग्स ले जाती दिखी थीं, उस समय उनके बॉयफ्रेंड जेरोम मैथ्यू भी साथ थे, जबकि पूछताछ में जेरोम ने कहा था कि वो मारिया की बिल्डिंग गए ही नहीं थे। नीरज की गुमशुदगी के करीब 2 हफ्ते बाद सख्ती करने पर मारिया ने कहा कि नीरज की हत्या हो चुकी है। जेरोम ने नीरज का कत्ल किया, फिर उन्होंने लाश के सामने एक्ट्रेस का रेप किया। इसके बाद दोनों ने मिलकर लाश के टुकड़े किए और उन्हें ठिकाने लगाया। पूरी कहानी पढ़िए… ……………………………………………………………. पार्ट-1, फार्महाउस गया एक्ट्रेस का परिवार अचानक हुआ लापता: एक साल बाद खुदाई में सड़ते मिले 6 कंकाल, आतंकी बम ब्लास्ट से हुआ हत्याकांड का खुलासा छुट्टी मनाने पूरा परिवार साथ जा रहा था। हंसी-खेल का माहौल था, सबने फार्महाउस में होने वाले मनोरंजन, गानों और कुछ न कुछ करने का पहले से मन बना रखा था। घर के 7 लोग, लैला, लैला की मां सेलिना, बहनें जारा, आफरीन (अजमीना), कजिन रेशमा और भाई इमरान और सौतेले पिता परवेज टाक 2 गाड़ियों में भरकर फार्महाउस के लिए रवाना हुए। पूरी खबर पढ़िए... पार्ट-2, जमीन खोदकर निकाले गए एक्ट्रेस के परिवार के 6 कंकाल: एक साल पहले कुत्ते के साथ दफनाया, कातिल तसल्ली होने तक सिर कुचलता रहा लैला खान छुट्टी मनाने फार्महाउस गईं और अचानक लापता हो गईं। जांच में सामने आया कि सिर्फ लैला ही नहीं, उनके परिवार के 6 और लोग लापता हैं। एक साल तक लैला की कोई खबर नहीं मिली और फिर कश्मीर में एक बम ब्लास्ट हुआ, उस जगह के पास ही लैला की मां के नाम पर रजिस्टर्ड कार मिली। जांच में एक्ट्रेस लैला खान के सौतेले पिता परवेज टाक की गिरफ्तारी हुई। परवेज जांच टीम को फार्महाउस ले गया, जहां एक-एक कर 6 कंकाल बरामद किए गए। इनमें परिवार के पालतू कुत्ते का भी कंकाल था। 10 जुलाई 2012 को परवेज टाक को सदर्न मुंबई किला कोर्ट में पेश कर क्राइम ब्रांच ने कस्टडी ली। मामला गंभीर था, तो जांच टीम सख्ती करने से नहीं चूकी। हाथ-पैर बांधकर परवेज टाक को तबीयत से पीटा गया, जिसके बाद उसकी निशानदेही पर फार्महाउस से कंकाल निकाले गए। इससे पहले ही उसने फरवरी 2011 की रात की पूरी कहानी सुना दी थी। पूरी खबर पढ़िए...