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    Ex मुस्लिम सलीम का एड्रेस गूगल मैप से ढूंढा:140 किमी तक CCTV खंगालकर पुलिस आरोपियों तक पहुंची, दोनों के मोबाइल FSL भेजेंगे

    3 hours ago

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    गाजियाबाद में मुस्लिम धर्म छोड़ चुके यूट्यूबर सलीम वास्तिक पर हुए हमले के मामले में एक नया खुलासा सामने आया है। जांच में सामने आया है कि हमला करने से पहले दोनों आरोपियों ने सलीम की लोकेशन का पता लगाया था। आरोपी जीशान और उसका बड़ा भाई गुलफाम पहले से ही सलीम की गतिविधियों पर नजर रख रहे थे। सलीम अपने यूट्यूब चैनल पर वीडियो बनाते समय अक्सर अपने ऑफिस का पता और मोबाइल नंबर भी बता देते थे। इसी जानकारी के आधार पर आरोपियों ने उनकी लोकेशन ट्रेस कर ली। जीशान ने गूगल मैप की मदद से सलीम के ऑफिस का रास्ता खोजा। इसके बाद दोनों आरोपी सीधे उनके ऑफिस पहुंचे और वहां हमला कर दिया। वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों मौके से फरार हो गए। घटना के बाद पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पांच टीमें गठित कीं। आरोपियों की तलाश में करीब 140 किलोमीटर तक के रास्तों पर लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली गई। इसके बाद पुलिस को दोनों आरोपियों के बारे में सुराग मिला। 27 फरवरी को Ex मुस्लिम सलीम वास्तिक पर हमला हुआ था। शरीर पर चाकू के 14 घाव मिले। वे अभी दिल्ली के एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती हैं। दो ऑपरेशन हो चुके हैं, लेकिन स्थिति नाजुक है। पुलिस ने दोनों हमलावर भाई जीशान और गुलफाम को एनकाउंटर में ढेर कर दिया। दो भाइयों के एनकाउंटर के बाद पुलिसिया कार्रवाई पर लोग सवाल उठने लगे। इसके बाद बुधवार को हमले का CCTV वीडियो सामने आया था, जिसमें दोनों भाइयों की बर्बरता दिख रही है। एक भाई कहता है- मारो, डरो मत। वारदात के बाद सीएम योगी ने खुद मामले पर संज्ञान लिया था। उन्होंने कहा था- दोषियों को बख्शेंगे नहीं। अब पढ़िए जानलेवा हमला के बाद आरोपी कहां-कहां गए? 140 किमी तक CCTV में खंगाले गए 27 फरवरी की सुबह 7 बजकर 54 मिनट पर जीशान और उसके बड़े भाई गुलफाम ने सलीम वास्तिक के घर में घुसकर हमला किया। घटना के बाद पुलिस को सलीम के ऑफिस के CCTV से कई अहम सुराग मिले। जांच में पता चला कि हमला करने के बाद बाइक सवार दोनों आरोपी जीशान और गुलफाम वजीराबाद बॉर्डर से दिल्ली में दाखिल हो गए। दिल्ली के रास्ते दोनों आरोपी फिर गाजियाबाद-दिल्ली बॉर्डर के पास खोड़ा के मंगल बाजार तक ट्रेस किए गए, जहां एक गली के CCTV में वे कैद हुए। इसके बाद वे अपने कमरे पर पहुंचे, कपड़े बदले और करीब 6 मिनट रुकने के बाद बैग लेकर फिर निकल गए। इसके बाद दोनों गाजियाबाद के रास्ते दिल्ली-मुरादाबाद-लखनऊ हाईवे से होते हुए हापुड़ की सीमा पार कर ब्रजघाट पहुंच गए। ब्रजघाट से आगे गजरौला होते हुए दोनों अमरोहा के संभल रोड पर CCTV में दिखाई दिए। अमरोहा के हसनपुर इलाके में भी दोनों बदमाश 5 से 10 मिनट तक रुके। इसके बाद वे संभल रोड के रास्ते अपने कस्बे सैद नगली स्थित घर पहुंचे। घर पहुंचने के कुछ घंटे बाद ही जीशान वहां से फरार हो गया, जबकि उसका बड़ा भाई गुलफाम 28 फरवरी को घर से निकला। पुलिस और गाजियाबाद स्वाट व क्राइम ब्रांच की टीमों ने अलग-अलग स्थानों पर हापुड़ सीमा के टोल प्लाजा की भी CCTV फुटेज खंगाली। पुलिस ने करीब 140 किमी के दायरे में 150 से ज्यादा जगहों के CCTV देखे। इसके बाद साफ हो गया कि हमला करने वाले आरोपी अमरोहा जिले के रहने वाले हैं। सलीम के घर से पहले 2 मिनट रुके लोनी इलाके में जहां सलीम वास्तिक का घर और ऑफिस है, वहां से दिल्ली बॉर्डर की दूरी करीब एक किमी है। मुख्य सड़क से करीब 8 फीट नीचे ढलान वाला एक रास्ता जंगल की ओर जाता है। इसी जगह दोनों बदमाशों ने करीब 2 मिनट तक बाइक रोककर इंतजार किया। जांच में जीशान के मोबाइल की लोकेशन से यह भी पता चला कि सलीम के घर से करीब 500 मीटर पहले मुख्य सड़क पर भी जीशान और गुलफाम करीब 2 मिनट तक रुके थे। इसके बाद उन्होंने मोबाइल जेब में रख लिया। गूगल मैप की मदद से ही दोनों सलीम के पड़ोस तक पहुंचे थे। पुलिस यह भी मान रही है कि हो सकता है घर के पास पहुंचकर उन्होंने सलीम का पता भी पूछा हो। हालांकि सलीम के घर के बाहर लगे बोर्ड पर उनका फोटो और मोबाइल नंबर पहले से लिखा हुआ था। मोबाइल फोरेंसिक लैब भेजे जाएंगे एनकाउंटर में मारे गए एक लाख के इनामी बदमाश गुलफाम के पास से पुलिस ने सैमसंग का एक मोबाइल फोन बरामद किया है। इसके अलावा उसके पास से एक पिस्टल, कारतूस, दिल्ली से चोरी की केटीएम बाइक, आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस भी मिला है। पुलिस को एक पिट्ठू बैग भी मिला, जिसमें कुर्ता-पायजामा रखा हुआ था। साथ ही एक गोल टोपी और एक जैकेट भी बरामद की गई है। पुलिस गुलफाम के मोबाइल फोन को फोरेंसिक जांच के लिए लैब भेजेगी। वहीं जीशान के मोबाइल फोन को भी एफएसएल भेजा जाएगा। पुलिस के अनुसार इंस्टाग्राम पर ‘मुस्लिम आर्मी’ नाम से अलग-अलग नामों से कई पेज चल रहे हैं। इन पेजों के जरिए कट्टरपंथी विचारधारा को लेकर लोगों को भड़काने की कोशिश की जाती थी। शुरुआती जांच में सामने आया है कि जीशान भी इस ग्रुप से जुड़ा हुआ था। पहले सलीम पर अटैक का CCTV देखिए- अब वो पढ़िए, जो CCTV में दिखा- सलीम अभी कुछ खा-पी नहीं रहे, बेटा बोला- इलाज के लिए बहुत उधार ले चुके सलीम वास्तिक इस समय दिल्ली के साकेत स्थित मैक्स हॉस्पिटल में भर्ती हैं। वह ICU में हैं और अभी बोल नहीं पा रहे हैं, न ही खाने-पी पा रहे हैं। गले पर जो चाकू लगे थे, डॉक्टरों ने उसकी सर्जरी की है। जबकि पेट में लगे चाकू से लिवर डैमेज होने पर हालत अभी खराब है। सलीम की पत्नी को सुरक्षा की दृष्टि से दूसरी जगह शिफ्ट कर दिया गया है। आशंका है कि उन्हें भी जान का खतरा है। सलीम का इकलौता बेटा उस्मान रिश्तेदारों के साथ हॉस्पिटल में है। लेकिन, बेटे का कहना है कि मुझे पिता से मिलने नहीं दिया जा रहा है। बेटे उस्मान का कहना है- हमारी आर्थिक स्थिति इस समय खराब है। एक लाख रुपए मेरठ के नेता अमित जानी ने इलाज के लिए दिए थे। करीब 3 से 4 लाख रुपए अभी तक खर्चा आ चुका है और बहुत पैसे उधार भी ले चुके हैं। आरोपियों के पास पिस्टल थी, फिर चाकू से हमला क्यों? सलीम वास्तिक पर हुए अटैक में रोज नए खुलासे हो रहे हैं। पुलिस का दावा है कि सलीम के घर पर अटैक करने पहुंचे जीशान और गुलफाम के पास इटली मेड पिस्टल भी थी, वो चाहते तो सलीम को एक झटके में गोली भी मार सकते थे, मगर उन्होंने ऐसा नहीं किया। इसकी दो वजह समझ आ रही है। अब जानिए गाजियाबाद पुलिस की जांच कहां तक पहुंची- 3 एंगल से मामले की पड़ताल हो रही पहली- सलीम वास्तिक पर हमले के पीछे का असली मास्टरमाइंड कोई और है। दूसरी- क्या सलीम वास्तिक की तरह इस्लाम के खिलाफ बोलने वाले और भी यूट्यूबर इन लोगों के निशाने पर हैं। तीसरा- जीशान और गुलफाम किस संगठन के लिए काम कर रहे थे? जीशान-गुलफाम के मोबाइल की गूगल हिस्ट्री में मिले यूट्यूब वीडियो जीशान और गुलफाम के मोबाइल की गूगल सर्च हिस्ट्री से पुलिस को यूट्यूबर के वीडियो की डिटेल मिली है। एक वीडियो ऐसा भी है, जिसमें सलीम वास्तिक कह रहे हैं- कुरान में लिखा है कि अगर मुस्लिम ऐसे मुल्क में हैं, जहां उसको नहीं होना चाहिए। तो मुस्लिम को वो मुल्क छोड़ देना चाहिए। दिल्ली के मौलाना के संपर्क में रहते थे सलीम आगे कहते हैं- मुस्लिमों को भारत को छोड़ देना चाहिए। ऐसे ही वीडियो को देखकर एक तबका भड़का हुआ था। दोनों भाई (जीशान और गुलफाम) गाजियाबाद के खोड़ा के रहने वाले थे। लेकिन, वो दिल्ली के एक मौलाना के संपर्क में रहते थे। पुलिस मान रही है कि दोनों को गाइडेंस मौलाना से मिल रही थी। अटैक से पहले दोनों भाई दिल्ली गए थे जीशान का इंस्टाग्राम अकाउंट पुलिस को मिल चुका है, जिसमें वो मौलाना की तरह इस्लामिक स्पीच देता दिख रहा। यह भी सामने आया है कि सलीम वास्तिक के अटैक से पहले दोनों दिल्ली गए थे। गाजियाबाद क्राइम ब्रांच जल्द मौलाना से पूछताछ कर सकती है, क्योंकि पुलिस जीशान, गुलफाम को मिलने वाले फंड का पता कर रही है, मौलाना से लिंक जुड़ रहा है, ऐसे में जल्द कुछ और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं। पुलिस को गुमराह करने के लिए दिल्ली, गाजियाबाद में मूवमेंट करते रहे 2 पॉइंट में पढ़िए जीशान और गुलफाम के एनकाउंटर की कहानी… अब पूरी घटना को समझ लेते हैं… यूट्यूबर सलीम अहमद उर्फ सलीम वास्तिक (50) दिल्ली के अशोक विहार कॉलोनी में परिवार के साथ रहते हैं। गाजियाबाद के लोनी इलाके में उनका एक और घर है। वहां से सलीम अपना ऑफिस चलाते हैं। उनके बेटे उस्मान ने बताया कि पापा 27 फरवरी को सुबह 9 बजे ऑफिस में अकेले बैठे थे। तभी 2 युवक हेलमेट पहनकर आए और हमला कर दिया। अंदर घुसते ही ताबड़तोड़ चाकू मारे। उस्मान ने बताया- पिता घायल होकर जमीन पर गिर पड़े। उनके शरीर से खून बहने लगा। इसी बीच दोनों बदमाश भाग गए। चीख-पुकार सुनकर पहुंचे पड़ोसियों ने पुलिस को सूचना दी। सलीम को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, जहां से उन्हें दिल्ली के गुरु तेग बहादुर अस्पताल (जीटीबी) रेफर कर दिया गया। उनकी हालत गंभीर बनी है। बेटे उस्मान ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। इसमें अशफाक, सोनू, शाहरुख नेता, भाटी बिल्डर और एक स्थानीय AIMIM नेता अजगर को नामजद किया था। FIR में 2 अज्ञात लोगों का जिक्र था। आरोप था कि इन लोगों ने ही उसके पिता सलीम की हत्या की साजिश रची थी। यूट्यूबर के बारे में भी जान लीजिए… सलीम के यूट्यूब चैनल पर करीब 30 हजार सब्सक्राइबर हैं। 2.2 मिलियन से ज्यादा व्यूज हैं। सलीम अब तक 180 से ज्यादा वीडियो पोस्ट कर चुके हैं। चैनल के बायो में उन्होंने लिखा है- मैं एक पूर्व-मुस्लिम हूं, जिसने वर्षों तक इस्लामी विचारधारा को समझने, परखने के बाद तर्क और प्रमाण के रास्ते पर चलने का निर्णय लिया। यह मंच उन सभी के लिए है, जो सवाल पूछने से नहीं डरते। चाहे वह भगवान के अस्तित्व से जुड़ा हो, इस्लामी ग्रंथों की प्रामाणिकता से या फिर इस्लामी संस्थाओं के सामाजिक प्रभाव से। आखिरी वीडियो हमले से एक दिन पहले यानी 26 फरवरी को अपलोड किया गया। सब्जेक्ट था- “नास्तिक होना क्या है?” वीडियो को अब तक करीब 13 हजार लोग देख चुके हैं। अब जीशान और गुलफाम के बारे में भी जानिए- सैदनगली के सकतपुर रोड पर बुनियाद अली पिछले 46 साल से अपने परिवार के साथ रहते हैं। इससे पहले गजरौला थाना क्षेत्र के गांव चौबारा में रहते थे। परिवार में गुलफाम और जीशान के अलावा पत्नी अफसाना और 5 बेटियां हैं। बेटियों की शादी हो चुकी है। बुनियाद अली लकड़ी के सामान बनाने का काम करते हैं। गुलफाम करीब 10 साल पहले लकड़ी की कारीगरी का काम करने के लिए नोएडा चला गया था। शादी होने के बाद पत्नी को भी साथ ले गया। उसके दो बच्चे भी हैं। पिता ने जीशान को पहले स्थानीय मदरसा में पढ़ने के लिए भेजा था। वहां करीब ढाई साल तक दीनी तालीम हासिल की। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर थी। इसलिए मदरसा छोड़कर जीशान पिता के साथ लकड़ी के काम में हाथ बंटाने लगा। इसी बीच वह स्कूल भी जाने लगा। 2020 में सैदनगली के एक इंटर कॉलेज से 12वीं की परीक्षा पास की। इंटर की पढ़ाई के बाद जीशान बड़े भाई गुलफाम के साथ काम करने के लिए नोएडा चला गया। भाई की शादी के बाद से वह अलग रह रहा था। हालांकि, मदरसे में तालीम हासिल करने के कारण उसका पहनावा कुर्ता, पायजामा और टोपी ही रहता था। वो लंबी दाढ़ी रखता है। -------------------- ये खबर भी पढ़ें - कौन हैं सलीम, जिनके लिए योगी बोले- हमलावरों को बख्शेंगे नहीं:खुद को EX मुस्लिम लिखा, मजहबी कट्‌टरपंथियों ने कई बार धमकी दी गाजियाबाद में यूट्यूबर सलीम वास्तिक पर जानलेवा हमला किया गया। दिल्ली के गुरु तेग बहादुर हॉस्पिटल में उनका ऑपरेशन हुआ है। अब सवाल उठ रहे हैं कि यूट्यूबर को जान से मारने की कोशिश आखिर हुई क्यों? सलीम वास्तिक की पहचान तीन तलाक, हलाला जैसे इस्लामिक रिवाजों पर सवाल उठाने से बनी थी। उन्होंने इस्लाम को ‘विदेशी मजहब’ करार दिया था। रिपोर्ट पढ़िए…
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