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    Ex मुस्लिम सलीम पर हमले का CCTV:गाजियाबाद में हेलमेट पहनकर घुसे जीशान-गुलफाम, 14 चाकू मारे, गला रेतकर तड़पाते रहे

    2 hours ago

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    गाजियाबाद में 27 फरवरी की सुबह यूट्यूबर सलीम वास्तिक पर जानलेवा हमले का CCTV सामने आ गया है। इसमें साफ दिख रहा है कि कैसे हमलावर जीशान और गुलफाम Ex-मुस्लिम सलीम को तड़पाते रहे। सबसे चौंकाने वाली बात ये है कि दोनों सगे भाइयों के पास पिस्टल थी, मगर उन्होंने सलीम को गोली नहीं मारी, बल्कि 7 मिनट तक ताबड़तोड़ चाकू बरसाते रहे। गला रेतने की कोशिश करते रहे। सीने और पेट में चाकू घोपते रहे। सलीम की बॉडी पर 14 घाव मिले हैं, उनका दिल्ली के प्राइवेट हॉस्पिटल में इलाज जारी है। 2 ऑपरेशन हो चुके हैं, मगर उनकी स्थिति नाजुक बनी हुई है। पढ़िए रिपोर्ट… पहले Ex मुस्लिम सलीम पर अटैक का CCTV देखिए अब वो पढ़िए, जो CCTV में दिखा हमला करने में जीशान की अंगुली भी कट गई EX मुस्लिम सलीम पर जब जानलेवा हमला किया गया तो वह अपने ऑफिस में अकेले थे, वीडियो में दिख रहा है कि वो ऑफिस के सोफे पर लेटे हुए थे। एक बाइक उनके ऑफिस के बाहर आकर रुकती है। जीशान और गुलफाम इस ऑफिस में दाखिल होते हैं। उनके चेहरों पर हेलमेट लगे थे। जीशान सलीम के बगल में आकर खड़ा हो जाता है। सलीम उन्हें देखकर हमले का अंदेशा भाप जाते हैं, मगर वह उठते इससे पहले जीशान सर्जिकल ब्लेड निकाल लेता है। सलीम उसका हाथ पकड़ते हैं, मगर गुलफाम उनके हाथ पकड़ने का प्रयास करता है। सलीम अपने ऑफिस में फर्श पर गिर पड़ते हैं, जीशान उनके गला काटता है। सलीम खुद को बचाने की जी तोड़ कोशिश करते रहते हैं। गुलफाम और जीशान उनके शरीर पर लगातार वार करते रहते हैं। 7 मिनट 30 सेकेंड तक दोनों भाई उस ऑफिस में रुकते हैं, इस दौरान दोनों भाइयों ने हेलेमट नहीं उतारा था। दोनों भाइयों ने मिलकर सलीम पर गले से लेकर पेट तक 14 बार चाकू मारे, कभी जीशान हाथ पकड़ता तो कभी दूसरा भाई गुलफाम हमला करता था। इस दौरान जीशान की अंगुली भी कट गई और दोनों के कपड़े भी खून से रंग गए। सलीम एक बार फर्श पर लेट गए, फिर बैठे और बेसुध होकर खून से लथपथ हालत में गिर गए। दरअसल, सलीम वास्तिक पर हुए अटैक में रोज नए खुलासे हो रहे हैं, अब पुलिस को पता चला कि सलीम के घर पर अटैक करने पहुंचे जीशान और गुलफाम के पास इटली मेड पिस्टल भी थी, वो चाहते तो सलीम को एक झटके में गोली भी मार सकते थे, मगर उन्होंने ऐसा नहीं किया। पुलिस के मुताबिक, इसकी भी दो वजह हो सकती है। पहली- दोनों सलीम को तड़पाकर मारना चाहते थे, ताकि उसके जैसे इस्लाम के खिलाफ बोलने वाले यूट़्यूबर को सख्त मैसेज दे सकें। दूसरी- गोली की आवाज सुनने के बाद पब्लिक ज्यादा इकट्‌ठा हो जाती। विरोध होता, उन्हें भागने में मुश्किल हो सकती थी। अब गाजियाबाद पुलिस की जांच पढ़िए अब पुलिस की छानबीन 3 लाइन पर चल रही है। पहली- सलीम वास्तिक पर हमले के पीछे का असली मास्टरमाइंड कोई और है। दूसरी- क्या सलीम वास्तिक की तरह इस्लाम के खिलाफ बोलने वाले और भी यूट्यूबर इन लोगों के निशाने पर हैं। तीसरा- जीशान और गुलफाम किस संगठन के लिए काम कर रहे थे? जीशान और गुलफाम के मोबाइल की गूगल सर्च हिस्ट्री से पुलिस को यूट्यूबर के वीडियो की डिटेल मिली है। एक वीडियो ऐसा भी है, जिसमें सलीम वास्तिक कह रहे हैं- कुरान में लिखा है कि अगर मुस्लिम ऐसे मुल्क में हैं, जहां उसको नहीं होना चाहिए। तो मुस्लिम को वो मुल्क छोड़ देना चाहिए। सलीम आगे कहते हैं- मुस्लिमों को भारत को छोड़ देना चाहिए। ऐसे ही वीडियो को देखकर एक तबका भड़का हुआ था। दोनों भाई (जीशान और गुलफाम) गाजियाबाद के खोड़ा के रहने वाले थे। लेकिन, वो दिल्ली के एक मौलाना के संपर्क में रहते थे। पुलिस मान रही है कि दोनों को गाइडेंस मौलाना से मिल रही थी। दिल्ली के मौलाना से होगी पूछताछ जीशान का इंस्टाग्राम अकाउंट पुलिस को मिल चुका है, जिसमें वो मौलाना की तरह इस्लामिक स्पीच देता दिख रहा। यह भी सामने आया है कि सलीम वास्तिक के अटैक से पहले दोनों दिल्ली गए थे। गाजियाबाद क्राइम ब्रांच जल्द मौलाना से पूछताछ कर सकती है, क्योंकि पुलिस जीशान, गुलफाम को मिलने वाले फंड का पीछा कर रही है, मौलाना से लिंक जुड़ रहा है, ऐसे में जल्द कुछ और भी गिरफ्तारियां हो सकती है। पुलिस को गुमराह करने के लिए दिल्ली, गाजियाबाद में मूवमेंट करते रहे पुलिस को ये भी पता चला है कि सलीम पर हमले के बाद जीशान और गुलफाम लोनी बॉर्डर क्रास कर गए थे। वजीराबाद के रास्ते दिल्ली से सीधे गाजियाबाद के खोड़ा में अपने किराए के कमरे पर पहुंचे। यहां भी पुलिस ने CCTV देखी। खोड़ा इलाका यूपी और दिल्ली का बार्डर पर पड़ता है। किराए के कमरे पर 6 मिनट रुकने के बाद दोनों भाई फिर बाइक से निकल लिए। जहां दोनों ने कपड़े बदले और बैग लेकर निकले। फिर अमरोहा पहुंचे। अगले दिन, यानी 28 फरवरी को वहां से निकल गए थे। पुलिस लगातार उनके मूवमेंट को फॉलो कर रही थी, इसलिए 1 मार्च की रात को जीशान और गुलफाम का पुलिस से आमना-सामना हो गया। जीशान तो पुलिस की गोली लगने से वही ढेर हो गया था। मगर गुलफाम भाग निकलने में कामयाब हो गया। इसके बाद उसका बड़ा भाई गुलफाम लगातार लोकेशन बदलता रहा। वह दिल्ली में अपने एक रिश्तेदार के घर पर पहुंचा था, मगर टीवी पर न्यूज देखकर उन्होंने उसको रखने से इनकार कर दिया। इसके बाद वह दिल्ली से गाजियाबाद के इंदिरापुरम इलाके में पहुंचा। यहां पुलिस की घेराबंदी में फंस गया। यहां उसका एनकाउंटर हो गया। हॉस्पिटल में 2 ऑपरेशन होने के बाद भी सलीम वास्तिक की जिंदगी पर खतरा बना हुआ है। उन्हें ICU में निगरानी में रखा गया है। अब पढ़िए जीशान के एनकाउंटर की कहानी… DCP पीयूष सिंह ने बताया- रविवार रात लोनी थाना प्रभारी नितिन चौधरी, देहात स्वाट टीम ने 2 संदिग्धों को बाइक पर आते हुए देखा। उन्हें रोकने का प्रयास किया दोनों पर पिस्टल से पुलिस पर फायरिंग कर दी। दोनों तरफ से करीब 15 मिनट तक 25 से 30 राउंड फायरिंग चली। एसओ लोनी की बुलेट प्रूफ जैकेट में गोली लग गई। एक गोली बदमाश को भी लगी। वह घायल हो गया। उसने पुलिस को बताया- मैंने ही अपने साथी के साथ सलीम पर हमला किया था। निठौरा अंडर पास के पास हुई घटना के बाद पुलिस घायल को 50 सैय्या अस्पताल ले गई, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस को मौके से .32 बोर की मेड इन इटली की पिस्टल, 6 कारतूस, 8 खोखे और स्पलेंडर बाइक बरामद की है। पुलिस जीशान का सोशल मीडिया अकाउंट खंगाल रही है। इंस्टाग्राम पर उसके कई वीडियो मिले हैं। वीडियो में एक व्यक्ति का संदेश भी मिला है। इसमें वो बोल रहा है कि एक दिन सूरज की रोशनी नहीं होगी। तारे टूट जाएंगे। पढ़ के देख लो कुरान। अब गुलफाम के एनकाउंटर की कहानी पढ़िए 6 पॉइंट में एनकाउंटर की पूरी कहानी पढ़िए- अब पूरी घटना को समझ लेते हैं… यूट्यूबर सलीम अहमद उर्फ सलीम वास्तिक (50) दिल्ली के अशोक विहार कॉलोनी में परिवार के साथ रहते हैं। गाजियाबाद के लोनी इलाके में उनका एक और घर है। वहां से सलीम अपना ऑफिस चलाते हैं। उनके बेटे उस्मान ने बताया कि पापा 27 फरवरी को सुबह 9 बजे ऑफिस में अकेले बैठे थे। तभी 2 युवक हेलमेट पहनकर आए और हमला कर दिया। अंदर घुसते ही ताबड़तोड़ चाकू मारे। इससे पिता घायल होकर जमीन पर गिर पड़े। उनके शरीर से खून बहने लगा। इसी बीच दोनों बदमाश भाग गए। उस्मान ने बताया- चीख-पुकार सुनकर पहुंचे पड़ोसियों ने पुलिस को सूचना दी। सलीम को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, जहां से उन्हें दिल्ली के गुरु तेग बहादुर अस्पताल (जीटीबी) रेफर कर दिया गया। उनके शरीर पर सीने, पेट, गर्दन, बाजू और पैर में 14 जख्म हैं। उनकी हालत गंभीर बनी है। बेटे उस्मान ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। इसमें उन्होंने अशफाक, सोनू, शाहरुख नेता, भाटी बिल्डर और एक स्थानीय AIMIM नेता अजगर को नामजद किया था। आरोप था कि इन लोगों ने ही उसके पिता सलीम की हत्या की साजिश रची थी। यूट्यूबर के बारे में भी जान लीजिए… सलीम के यूट्यूब चैनल पर करीब 30 हजार सब्सक्राइबर हैं। 2.2 मिलियन से ज्यादा व्यूज हैं। सलीम अब तक 180 से ज्यादा वीडियो पोस्ट कर चुके हैं। चैनल के बायो में उन्होंने लिखा है- मैं एक पूर्व-मुस्लिम हूं, जिसने वर्षों तक इस्लामी विचारधारा को समझने, परखने के बाद तर्क और प्रमाण के रास्ते पर चलने का निर्णय लिया। यह मंच उन सभी के लिए है, जो सवाल पूछने से नहीं डरते। चाहे वह भगवान के अस्तित्व से जुड़ा हो, इस्लामी ग्रंथों की प्रामाणिकता से या फिर इस्लामी संस्थाओं के सामाजिक प्रभाव से। आखिरी वीडियो हमले से एक दिन पहले यानी 26 फरवरी को अपलोड किया गया। सब्जेक्ट था- “नास्तिक होना क्या है?” वीडियो को अब तक करीब 13 हजार लोग देख चुके हैं। अब जीशान के बारे में जानिए- सैदनगली के सकतपुर रोड पर बुनियाद अली पिछले 46 साल से अपने परिवार के साथ रहते हैं। इससे पहले गजरौला थाना क्षेत्र के गांव चौबारा में रहते थे। परिवार में गुलफाम और जीशान के अलावा पत्नी अफसाना और 5 बेटियां हैं। बेटियों की शादी हो चुकी है। बुनियाद अली लकड़ी के सामान बनाने का काम करते हैं। गुलफाम करीब 10 साल पहले लकड़ी की कारीगरी का काम करने के लिए नोएडा चला गया था। शादी होने के बाद पत्नी को भी साथ ले गया। उसके दो बच्चे भी हैं। पिता ने जीशान को पहले स्थानीय मदरसा में पढ़ने के लिए भेजा था। वहां करीब ढाई साल तक दीनी तालीम हासिल की। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर थी। इसलिए मदरसा छोड़कर जीशान पिता के साथ लकड़ी के काम में हाथ बंटाने लगा। इसी बीच वह स्कूल भी जाने लगा। 2020 में सैदनगली के एक इंटर कॉलेज से 12वीं की परीक्षा पास की। इंटर की पढ़ाई के बाद जीशान बड़े भाई गुलफाम के साथ काम करने के लिए नोएडा चला गया। भाई की शादी के बाद से वह अलग रह रहा था। हालांकि, मदरसे में तालीम हासिल करने के कारण उसका पहनावा कुर्ता, पायजामा और टोपी ही रहता था। वो लंबी दाढ़ी रखता है। -------------------- ये खबर भी पढ़ें - कौन हैं सलीम, जिनके लिए योगी बोले- हमलावरों को बख्शेंगे नहीं:खुद को EX मुस्लिम लिखा, मजहबी कट्‌टरपंथियों ने कई बार धमकी दी गाजियाबाद में यूट्यूबर सलीम वास्तिक पर जानलेवा हमला किया गया। दिल्ली के गुरु तेग बहादुर हॉस्पिटल में उनका ऑपरेशन हुआ है। अब सवाल उठ रहे हैं कि यूट्यूबर को जान से मारने की कोशिश आखिर हुई क्यों? सलीम वास्तिक की पहचान तीन तलाक, हलाला जैसे इस्लामिक रिवाजों पर सवाल उठाने से बनी थी। उन्होंने इस्लाम को ‘विदेशी मजहब’ करार दिया था। रिपोर्ट पढ़िए…
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