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    फुफेरा भाई कहता-ये मेरी गर्लफ्रेंड, NEET छात्रा ने जान दी:कानपुर में ब्लैकमेल कर रहा था; मां बोली- किस रिश्ते पर भरोसा किया जाए

    20 hours ago

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    कानपुर में बुधवार सुबह NEET छात्रा ने फांसी लगाकर जान दे दी। शव कमरे में फंदे से लटका मिला। छात्रा अपने 21 साल के फुफेरे भाई से परेशान थी। भाई एकतरफा प्यार करता था। भाई का कहना है कि सुबह करीब 10:30 बजे बहन कपड़े पहनने कमरे में गई थी। लेकिन, काफी देर तक वह बाहर नहीं आई। जाली से झांककर देखा तो वह फंदे से लटकी थी। उन्होंने बुआ के बेटे पर छह महीने से परेशान करने का आरोप लगाया। कहना है, आरोपी मेरी बहन से बात करने का दबाव बनाता था। वह बहन के दोस्तों से कहता था, यह मेरी गर्लफ्रेंड है। परिवार चंदौली का रहने वाला है। अभी परिजनों ने आरोपी के खिलाफ पुलिस से शिकायत नहीं की है। घटना चकेरी थाना क्षेत्र के श्यामनगर स्थित गंगानगर इलाके की है। अब विस्तार से पढ़िए… चंदौली जिले के सकराकारी धानापुर निवासी नरेंद्र प्रताप दिल्ली में प्राइवेट जॉब करते हैं। परिवार में पत्नी नीलम देवी, दो बेटियां खुशबू सिंह (17), खुशी सिंह और बेटा अभिषेक सिंह हैं। सभी कानपुर में चकेरी के श्यामनगर स्थित गंगानगर में किराए के मकान में रहते हैं। खुशबू NEET की तैयारी कर रही थी। भाई अभिषेक ने बताया, सुबह मां पूजा कर रही थीं। बहन खुशबू बाथरूम में नहा रही थी। वह बाहर निकाली और कपड़े पहनने कमरे में चली गई। लेकिन, करीब एक घंटे तक वह बाहर नहीं आई। मैंने उसे आवाज दी, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। तब मैंने खिड़की से कमरे में झांककर देखा तो खुशबू फंदे से लटकी हुई थी। यह देखकर घर में चीख-पुकार मच गई। आवाज सुनकर आसपास के लोग भी मौके पर पहुंच गए। परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। रोते हुए मां बोलीं- ब्लैकमेल कर मेरी बेटी की जिंदगी बर्बाद कर दी बेटी की मौत से मां नीलम देवी बदहवास हैं। उन्होंने रोते हुए बताया कि आरोपी ने मेरी बेटी का इंस्टाग्राम अकाउंट हैक कर लिया था। रिश्ता भाई-बहन का था। इसके बावजूद वह लगातार बेटी को परेशान कर रहा था। ब्लैकमेल करके हमारी बिटिया की जिंदगी बर्बाद कर दी। अब किस रिश्ते पर विश्वास किया जाए? मां ने बताया, पिछले साल आरोपी युवक के पिता ने जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली थी। इसके बाद आरोपी मेरे घर आया और करीब डेढ़ महीने तक यहीं रहा। इसके बाद आरोपी ने खुशबू को परेशान करना शुरू कर दिया। करीब चार महीने पहले एक मामले में जेल से छूटकर आने के बाद उसने दोबारा बेटी को प्रताड़ित करना शुरू कर दिया था। गुजरात में रहता है बुआ का लड़का अभिषेक ने बताया, मेरी बुआ का बेटा गुजरात में रहता है। वह पिछले करीब छह महीने से खुशबू को परेशान कर रहा था। खुशबू को फोन करता था। जबरन बात करता था। 3 महीने पहले हम लोगों ने बुआ से उसकी शिकायत भी की थी। इसके बाद उसने कुछ समय के लिए खुशबू को परेशान करना बंद कर दिया, लेकिन कुछ दिन पहले उसने फिर से खुशबू को परेशान करना शुरू कर दिया था। वह खुशबू के दोस्त को मैसेज करता था। उनसे कहता था कि खुशबू मेरी गर्लफ्रेंड है। इसकी जानकारी मिलने के बाद खुशबू काफी आहत थी। वह डिप्रेशन में थी। उसने खाना-पीना भी कम कर दिया था। अब उसने फंदे से लटककर सुसाइड कर लिया। पुलिस आरोपों की जांच कर रही मामले में चकेरी थाना प्रभारी अजय प्रकाश मिश्र ने बताया, छात्रा के शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। परिवार वालों ने अभी कोई शिकायती पत्र नहीं दिया है। अगर देंगे तो कार्रवाई की जाएगी। पुलिस छात्रा की मौत के कारणों के साथ ही परिजनों की ओर से लगाए गए आरोपों की भी जांच कर रही है। अब नीचे दिए ग्राफिक से समझिए कि बच्चे में दिखने वाले वो कौन से बदलाव और संकेत हैं, जिन्हें हमें बिलकुल इग्नोर नहीं करना चाहिए। सवाल: आखिर बच्चों में डिप्रेशन, एंग्जाइटी किस वजह से होती है? जवाब: इसके लिए बच्चे ही पूरी तरह से जिम्मेदार नहीं होते हैं। बल्कि उनका बचपन, अपब्रिंगिंग, सोशल कनेक्शन समेत कई वजहें जिम्मेदार होती हैं। इन्हें नीचे दिए ग्राफिक से समझिए। सवाल: अगर अपने बच्चे में ऊपर बताए गए संकेत दिखाई दें तो पैरेंट्स क्या करें। माता-पिता इस दुविधा से अपने बच्चे को कैसे बाहर निकालें? जवाब: अगर आपके बच्चे में ऐसे लक्षण दिखाई देते हैं तो बिल्कुल भी परेशान या हाइपर न होएं। जरूरी ये है कि आप समय रहते अपने बच्चे को इससे बाहर निकाल लें। असल में डिप्रेशनग्रस्त बच्चा एक इम्पल्स यानी मनोवेग में आकर सुसाइड करता है। सुसाइडल आइडियाज धीरे-धीरे इग्जीक्यूट होते हैं। मरीज एकदम से कोई कदम नहीं उठाता है। उसका बिहेवियर पहले पैरासुसाइडल होता है। वह खुद को चोट पहुंचाता है। इस स्टेज में डिप्रेस्ड व्यक्ति को सुसाइड करने से बचाया जा सकता है। कैसे बचाना है, इसे एक-एक करके पॉइंट्स में समझने की कोशिश करें। बच्चों को डिप्रेशन-एंग्जाइटी से बाहर निकालें, इन टिप्स को फॉलो करें ----------------------------- ये खबर भी पढ़िए… अबान की कार 130 की स्पीड से टकराई थी:टेक्निकल कमेटी की जांच रिपोर्ट में खुलासा, झांसी में हुई थी अतीक के बेटे की मौत झांसी में हादसे में माफिया अतीक अहमद के बेटे अबान की मौत के मामले में नई जानकारी सामने आई है। टेक्निकल कमेटी की रिपोर्ट के मुताबिक, हादसे के वक्त अबान की क्रेटा कार करीब 130 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही थी। हालांकि, रिपोर्ट में हादसे की निश्चित वजह सामने नहीं आई है। पढ़ें पूरी खबर….
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