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    गंभीर का सबसे कठिन फैसला:संजू को हटाकर वैभव को खिलाया, बोले- उस रात सो नहीं सका; टीम का जीतना जरूरी था

    3 hours ago

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    भारत के हेड कोच गौतम गंभीर ने संजू सैमसन को हटाकर वैभव सूर्यवंशी को खिलाने का फैसला याद किया है। उन्होंने कहा कि इस फैसले के बाद वह पूरी रात सो नहीं सके। इंग्लैंड के खिलाफ जुलाई में हुई 5 मैचों की T20I सीरीज के पहले मुकाबले के बाद सैमसन को टीम से बाहर किया गया था। भारत मैनचेस्टर में वह मैच हार गया था। इसके बाद सैमसन की जगह किशोर बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को T20I डेब्यू का मौका मिला। गंभीर ने कहा कि यह फैसला इसलिए लिया गया, क्योंकि वैभव शानदार फॉर्म में थे और भारत को सीरीज जीतनी थी। गंभीर ने जियोस्टार से भारत के वेस्टइंडीज के खिलाफ घरेलू सीजन से पहले बातचीत की। उन्होंने बताया कि सैमसन भारत की T20 वर्ल्ड कप जीत में प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट रहे थे। गंभीर ने कहा कि इसी वजह से उन्हें सैमसन को बाहर करने का फैसला बेहद मुश्किल लगा। उन्होंने सैमसन से इस बारे में ईमानदारी से बात भी की थी। गंभीर ने क्या कहा गंभीर ने कहा, “मेरे दो साल के सफर में वह इकलौती रात थी, जब मैं सो नहीं सका। मैंने यह बात संजू को भी बताई थी।” उन्होंने कहा, “मुझे पता था कि T20 फॉर्मेट में कोचिंग कार्यकाल के दौरान यह शायद सबसे कठिन फैसला था। जो खिलाड़ी प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट रहा हो, उसे तीन या चार मैचों के बाद बाहर करना आसान नहीं था।” गंभीर ने कहा, “इसका कारण यह था कि वैभव भी शानदार फॉर्म में थे। हमें सीरीज जीतनी थी। जब आप भारत के लिए खेलते हैं या भारत को कोच करते हैं, तो हर सीरीज जीतना चाहते हैं।” उन्होंने बताया, “मैंने संजू से बहुत ईमानदारी से बात की। मैंने उनसे कहा कि वैभव शानदार फॉर्म में हैं। हमें शीर्ष क्रम में रन बनाने वाला खिलाड़ी चाहिए था।” गंभीर ने कहा, “हमें पारी की शुरुआत में एक मजबूत आधार की भी जरूरत थी। संजू ने इस फैसले को समझा और इसे अच्छे तरीके से लिया। यह बातचीत सिर्फ मेरे और संजू के बीच हुई थी।” बाद में भारत ने अफगानिस्तान के खिलाफ घर में 3 मैचों की T20I सीरीज खेली। इस सीरीज में संजू की टीम में वापसी हुई और वैभव को बाहर किया गया। संजू ने वापसी के बाद लगातार 2 अर्धशतक लगाए। भारत ने यह सीरीज 3-0 से जीत ली। गंभीर ने इस फैसले के जरिए यह भी समझाया कि शानदार फॉर्म में चल रहे खिलाड़ी को भी टीम में जगह पक्की नहीं माननी चाहिए। सोशल मीडिया से तय नहीं होती प्लेइंग XI गंभीर ने कहा, “मैं जानता हूं कि यह मुश्किल है। लेकिन मैंने उसे समझाया कि तुम अच्छी फॉर्म में हो। फिर भी लंबे समय से अच्छा करने वाले खिलाड़ियों को कई बार अपने मौके का इंतजार करना पड़ता है।” उन्होंने कहा, “एक और बात है। सोशल मीडिया या बाहर का शोर प्लेइंग XI तय नहीं करता। प्लेइंग XI वह होती है, जिसे ड्रेसिंग रूम, कोच और कप्तान मैच जिताने के लिए सबसे बेहतर मानते हैं।” गंभीर ने कहा, “अगर आज वैभव खेलते हैं, तो मेरे और उस खिलाड़ी के बीच कठिन बातचीत होगी, जिसे बाहर करना पड़ेगा। वह अभिषेक या संजू में से कोई भी हो सकता है।” उन्होंने कहा, “हम उस संयोजन को अचानक नजरअंदाज नहीं कर सकते, जिसने पिछले डेढ़ या दो साल में इतना असर डाला है।” गंभीर ने कहा, “तीन या चार मैचों में नाकामी के बाद हम उन्हें बाहर नहीं कर सकते। उनकी जगह ऐसा युवा खिलाड़ी खेल सकता है, जो काफी प्रतिभाशाली है और अच्छी फॉर्म में है।” उन्होंने कहा, “इसलिए कई बार आपको अपने मौके का इंतजार करना पड़ता है। हम ड्रेसिंग रूम में खिलाड़ियों को सुरक्षा का एहसास देना चाहते हैं।” गंभीर ने कहा, “मेरे लिए लोकप्रिय फैसले लेना आसान है। लेकिन सही फैसले लेना शायद सबसे कठिन काम है। हमने संजू और अभिषेक के साथ बने रहने का सही फैसला लिया है।” वैभव के आने से चयन की चुनौती बढ़ी वैभव सूर्यवंशी के आने से भारत की T20I टीम के चयन की चुनौती बढ़ गई है। उन्होंने मैनचेस्टर में भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय डेब्यू किया था। हालांकि, गंभीर ने कहा कि किसी युवा खिलाड़ी के अच्छा प्रदर्शन करने पर भारत के मौजूदा संयोजन को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। भारत के हालिया प्रदर्शन को देखते हुए गंभीर टीम में निरंतरता बनाए रखना चाहते हैं। उन्होंने लगातार मिली वर्ल्ड कप जीतों के बीच कम समय का भी जिक्र किया। गंभीर ने कहा, “दो साल के बारे में सोचिए। खेलों के इतिहास में कौन-सी टीम एक वर्ल्ड कप से दूसरे वर्ल्ड कप तक अजेय रही और फिर वर्ल्ड कप जीता?” उन्होंने कहा, “इन खिलाड़ियों को दूसरा वर्ल्ड कप जीतने में 17 साल नहीं लगे। तीसरा वर्ल्ड कप जीतने में सिर्फ 17 महीने लगे।” गंभीर ने कहा, “अचानक एक खराब सीरीज या यहां-वहां 3 खराब मैच किसी खिलाड़ी को खराब नहीं बना देते। इससे हमारी टीम भी खराब नहीं हो जाती।” उन्होंने कहा, “इसीलिए हमारे लिए टीम में निरंतरता बनाए रखना बहुत जरूरी था।”
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