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    Yamuna Expressway हादसे में 9 की मौत के बाद FIR, थिनर और बस बनावट की जांच तेज

    2 hours from now

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    यमुना एक्सप्रेसवे पर बस में लगी आग में नौ यात्रियों की मौत हो गई। इसकी शुरुआती जांच में कोई इमरजेंसी एग्जिट न होना, बनावट से जुड़े नियमों का उल्लंघन और सामान रखने की जगह (लगेज कम्पार्टमेंट) में पेंट थिनर का मिलना जैसी मुख्य बातें सामने आई हैं। राज कल्पना ट्रैवल्स की यह बस दिल्ली के कश्मीरी गेट से महोबा जा रही थी, तभी गुरुवार तड़के ग्रेटर नोएडा के जेवर इलाके में 33-किमी माइलस्टोन के पास इसमें आग लग गई।इसे भी पढ़ें: Yamuna Expressway Bus Fire | FIR में बड़ा खुलासा, यात्रियों की चेतावनी के बावजूद स्लीपर बस दौड़ाता रहा ड्राइवर, एक गलती निगल गयी 9 लोगों की जिंदगीसूत्रों के अनुसार, शुरुआती जांच में पता चला है कि इमरजेंसी एग्जिट के ऊपर स्लीपर कम्पार्टमेंट बनाने की वजह से उस तक पहुंचना मुश्किल हो गया था। बनावट से जुड़ी अन्य कमियां भी पाई गई हैं; बस के परमिट और तय सुरक्षा नियमों के पालन की जांच के लिए आगे और भी निरीक्षण किए जाएंगे। अधिकारियों ने कहा कि इमरजेंसी एग्जिट के ऊपर स्लीपर कम्पार्टमेंट बनाए जाने के कारण वह रास्ता बंद हो गया था। शुरुआती जांच में कुछ कमियां मिली हैं। परमिट को लेकर और भी जांच की जाएगी।जांच करने वालों को सामान रखने वाली जगह (लगेज कम्पार्टमेंट) में पेंट थिनर भी मिला है। अधिकारी इस बात की जांच कर रहे हैं कि क्या इसे ले जाना यात्री बसों में ज्वलनशील तरल पदार्थ ले जाने से जुड़े नियमों का उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि सामान रखने की जगह पर पेंट थिनर भी मिला। हम यह देख रहे हैं कि क्या ज्वलनशील तरल पदार्थ ले जाने से जुड़े नियमों का उल्लंघन हुआ है। FIR के मुताबिक, जब बस एक्सप्रेसवे पर चल रही थी, तो यात्रियों को जलने की गंध और धुआं महसूस हुआ। उन्होंने ड्राइवर और हेल्पर को इस बारे में बताया, लेकिन उन्होंने तुरंत कोई कार्रवाई नहीं की।इसे भी पढ़ें: DU Internship: जापानी कंपनी Sprix Learning में मौका, मिलेगा ₹60,000 स्टाइपेंडFIR में यह आरोप भी लगाया गया है कि ड्राइवर और स्टाफ़ ड्राइवर के केबिन में धूम्रपान कर रहे थे। जांच करने वाले अधिकारी आग लगने की परिस्थितियों की जांच कर रहे हैं, जिसमें यह भी शामिल है कि क्या धुएं और गंध से आग लगने का पहले ही पता चल सकता था। मामले में दर्ज जानकारी के अनुसार, बस रात करीब 11:30 बजे नोएडा एक्सप्रेसवे पर आई थी और लगभग 33 किलोमीटर चलने के बाद ड्राइवर के केबिन से धुआं निकलता देखा गया।
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