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    गाजीपुर से दिल्ली तक सफर का समय आधा हुआ:एक्सप्रेसवे के किनारे बनेंगे इंडस्ट्रियल हब, 2026-27 तक GSDP 39.8 लाख करोड़ पहुंचने का अनुमान

    16 hours ago

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    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश आज देश में इंफ्रास्ट्रक्चर आधारित विकास का सबसे बड़ा और जीवंत उदाहरण बनकर उभरा है। कभी खराब सड़कों और धीमी रफ्तार के लिए पहचाने जाने वाला यूपी आज 'एक्सप्रेसवे स्टेट' के रूप में अपनी नई पहचान बना चुका है। आंकड़ों की बात करें तो वर्ष 2014 में जहां प्रदेश में केवल 93 किलोमीटर नियंत्रित एक्सप्रेसवे (Controlled Expressway) नेटवर्क था, वहीं साल 2026 तक यह 3182 प्रतिशत की अभूतपूर्व वृद्धि के साथ 3052 किलोमीटर तक पहुंच गया है। यह बदलाव केवल सड़कों का नहीं, बल्कि यूपी की आर्थिक तकदीर बदलने का गवाह है। आधा हुआ सफर: पूर्वांचल से दिल्ली तक की राह आसान आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे और बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स ने यूपी में दूरियों को समेट दिया है। समय की बचत: गाजीपुर से दिल्ली तक का सफर, जिसमें पहले 15 से 20 घंटे का समय बर्बाद होता था, अब मात्र 10 घंटे में पूरा हो रहा है। गंगा एक्सप्रेसवे: मेरठ से प्रयागराज को जोड़ने वाला 594 किलोमीटर लंबा गंगा एक्सप्रेसवे भी तेजी से आकार ले रहा है, जो पश्चिमी यूपी से संगम नगरी की यात्रा का समय लगभग आधा कर देगा। सुरक्षा, स्थिरता और गति का 'ट्रिपल एस' मॉडल योगी सरकार ने एक्सप्रेसवे को केवल यात्रा का जरिया नहीं बनाया, बल्कि इन्हें आर्थिक गलियारे के रूप में विकसित किया है। सरकार 'सुरक्षा, स्थिरता और गति' (Triple S Model) के तहत इन रास्तों के किनारे औद्योगिक पार्क और क्लस्टर तैयार कर रही है। बुंदेलखंड डिफेंस कॉरिडोर: बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे आज 'डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर' की रीढ़ बन चुका है। झांसी और चित्रकूट जैसे बुंदेलखंड के पिछड़े इलाकों में रक्षा उत्पादन इकाइयां लग रही हैं, जिससे स्थानीय युवाओं को रोजगार मिल रहा है। ODOP को नई उड़ान: 'वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट' (ODOP) के तहत कन्नौज का इत्र, कानपुर का चमड़ा और पूर्वांचल के हस्तशिल्प अब इन एक्सप्रेसवे के जरिए देश और दुनिया के बाजारों में कम समय और कम लागत में पहुंच रहे हैं। गांवों तक पहुंचा एक्सप्रेसवे का लाभ, किसानों की बढ़ी आय इस एक्सप्रेसवे क्रांति की सबसे बड़ी खूबी यह है कि इसका फायदा सिर्फ महानगरों को नहीं, बल्कि यूपी के गांवों को भी मिल रहा है। संपर्क मार्गों (Link Roads) के जरिए गांवों को एक्सप्रेसवे से जोड़ा गया है। इससे किसान और दुग्ध उत्पादक अपनी फसलों और दूध को खराब होने से पहले बड़े शहरों की मंडियों तक पहुंचा पा रहे हैं, जिससे उनकी आय में सीधी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। 39.8 लाख करोड़ की इकोनॉमी बनने का रास्ता साफ इस मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर के दम पर उत्तर प्रदेश देश की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है। वित्तीय वर्ष 2026-27 तक उत्तर प्रदेश का सकल घरेलू उत्पाद (GSDP) करीब 39.8 लाख करोड़ रुपए तक पहुंचने का अनुमान है। वहीं, राज्य को मिले 50 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव यह साबित करते हैं कि यूपी अब देश में निवेशकों की पहली पसंद बन चुका है।
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