Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    अखिलेश यादव पर बरसे कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर:बोले- सपा राज में दलाल तय करते थे नौकरियां, गरीब युवाओं की मेहनत पर फिरा था पानी

    17 hours ago

    1

    0

    उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर समाजवादी पार्टी (सपा) के शासनकाल में हुई भर्तियों और भ्रष्टाचार का मुद्दा गरमा गया है। योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर सीधा और बेहद तीखा हमला बोला है। राजभर ने सोशल मीडिया पर एक लंबी पोस्ट लिखकर आरोप लगाया कि सपा सरकार के दौरान हुई सरकारी नौकरियों में जमकर बंदरबांट हुई, जिसका सबसे बड़ा शिकार और पीड़ित प्रदेश का अति पिछड़ा समाज हुआ। 'हाथों में छाले क्यों हैं?' लाइन से शुरू की पोस्ट ओम प्रकाश राजभर ने अपनी पोस्ट की शुरुआत एक बेहद भावुक लाइन से की- 'महल खड़े हैं जिन हाथों से, उन हाथों में छाले क्यों हैं?' राजभर ने कहा कि यह सवाल पूरा अति पिछड़ा समाज आज अखिलेश यादव से पूछ रहा है। उन्होंने दावा किया कि सपा शासनकाल में 'ऐतिहासिक नियुक्ति घोटाला' हुआ, जिसने गैर-यादव पिछड़े वर्ग (OBC) के लाखों योग्य युवाओं के भविष्य और उनके सपनों को पूरी तरह बर्बाद कर दिया। 'लालटेन में पढ़े, नौकरी के लिए गहने तक गिरवी रखे' अपने संघर्ष के दिनों को याद करते हुए सुभासपा प्रमुख ने लिखा, "मैं गांव की मिट्टी से निकला हूं, परिवार चलाने के लिए टेंपो तक चलाया है और गरीबी को बहुत करीब से जिया है। मुझे पता है कि अति पिछड़े परिवार अपने बच्चों को सरकारी नौकरी दिलाने के लिए अपने घर के गहने तक गिरवी रख देते थे। गरीब परिवारों के बेटे-बेटियां लालटेन और ढिबरी की रोशनी में रात-रात भर जागकर पढ़ाई करते थे, लेकिन सपा सरकार में उन्हें उनकी मेहनत का न्याय कभी नहीं मिला।" अति पिछड़ी जातियों को छलने का गंभीर आरोप कैबिनेट मंत्री ने सीधे तौर पर कई जातियों का नाम लेते हुए अखिलेश यादव को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा सरकार में: वसूली का खेल: कुशवाहा, राजभर, निषाद, मौर्य, लोहार, कहार, बिंद, प्रजापति, गोंड और कश्यप जैसे समाजों के युवाओं से नौकरियों के नाम पर मोटी रकम वसूली जाती थी। सक्रिय थे दलाल: हर सरकारी विभाग में दलाल और एजेंट घूमते थे, जो 'ऊपर तक पैसा पहुंचाने' का ठेका लेते थे। पैसे डूब गए: एसडीएम से लेकर चपरासी तक की भर्ती में संगठित तरीके से वसूली होती थी। कई गरीब परिवारों का पैसा देने के बाद भी चयन नहीं हुआ और जब वे पैसे वापस मांगने गए, तो उन्हें डरा-धमकाकर भगा दिया गया। थाना-प्रशासन सब मौन थे, तब था जंगलराज अखिलेश सरकार पर कानून-व्यवस्था को लेकर हमला बोलते हुए राजभर ने कहा कि उस समय पीड़ित युवाओं की न थाना सुनता था और न ही प्रशासन। उन्होंने सपा शासनकाल को 'गुंडाराज, जंगलराज और माफियाराज' से जोड़ते हुए कहा कि उस दौर में भ्रष्टाचार इस कदर हावी था कि आम नागरिक पूरी तरह बेबस हो चुका था। राजभर के इस बड़े हमले के बाद उत्तर प्रदेश की सियासत में 'भर्ती और जातिगत राजनीति' पर एक बार फिर नया विवाद छिड़ना तय माना जा रहा है।
    Click here to Read more
    Prev Article
    गाजीपुर से दिल्ली तक सफर का समय आधा हुआ:एक्सप्रेसवे के किनारे बनेंगे इंडस्ट्रियल हब, 2026-27 तक GSDP 39.8 लाख करोड़ पहुंचने का अनुमान
    Next Article
    छात्रा को डार्लिंग कहने वाला प्रोफेसर सस्पेंड:लखनऊ विश्वविद्यालय की हाई कमेटी ने पाया दोषी, 15 दिन में देना होगा जवाब

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment