Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    गुजरात में अवैध दवा कारोबार पर सर्जिकल स्ट्राइक! वडोदरा और सूरत में 4 कंपनियों पर गाज, 2 के लाइसेंस परमानेंट रद्द

    1 day ago

    1

    0

    गुजरात के वडोदरा और सूरत जिलों में दवाओं के कथित अवैध भंडारण और बिक्री के मामले में चार कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई की गई तथा करजन में दो कंपनियों के लाइसेंस स्थायी रूप से रद्द कर दिए गए। एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया कि यह कार्रवाई स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल्ल पंशेरिया के निर्देश और खाद्य एवं औषधि नियंत्रण प्रशासन (एफडीसीए) के मार्गदर्शन में शुरू किए गए अभियान के तहत की गई। इसमें कहा गया कि स्वापक नियंत्रण ब्यूरो (एनसीबी) की महाराष्ट्र इकाई से मिली जानकारी के आधार पर वडोदरा जिले के करजन स्थित चामुंडा फार्मा में संयुक्त छापेमारी की गई। इसके अनुसार, ‘‘जांच के दौरान एनडीपीएस अधिनियम के दायरे में आने वाली खांसी की दवा एनरेक्स (कोडीन) की 13,938 बोतलें जब्त की गईं, जिनकी अनुमानित कीमत 27.8 लाख रुपये है। इसके अलावा, करीब 50,000 रुपये मूल्य की ट्रामाडोल की 12,240 गोलियां भी बरामद की गईं।’’ कानून के गंभीर उल्लंघन के कारण चामुंडा फार्मा को तत्काल सील कर दिया गया और औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम के तहत इसका बिक्री लाइसेंस एक अक्टूबर से स्थायी रूप से रद्द कर दिया गया। विज्ञप्ति के अनुसार, करजन स्थित मजीसा मेडिकल स्टोर्स के निरीक्षण के दौरान, एलओमोटिल गोलियों का भंडार पाया गया। इन गोलियों में एनडीपीएस अधिनियम के तहत आने वाला एक घटक मौजूद था। दुकान में पंजीकृत फार्मासिस्ट के उपस्थित न होने और फ्रिज बंद पाए जाने सहित कई अन्य गंभीर कमियां मिलीं है। विज्ञप्ति के अनुसार, ‘‘इन उल्लंघनों को लेकर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया और दवाओं की खुदरा बिक्री के लिए फर्म के लाइसेंस पांच अक्टूबर से स्थायी रूप से रद्द कर दिए गए।’’ इसके अनुसार, एक अक्टूबर को सूरत के वराछा स्थित डर्मेटिक्स इंडिया में भी छापेमारी की गई। जांच के मुताबिक, यह बिना किसी वैध लाइसेंस के अपनी वेबसाइट के जरिये दवाएं बेच रही थी। इसके परिसर से सिल्डेनाफिल , मिनोक्सिडिल और केटोकोनाजोल समेत 11.26 लाख रुपये से अधिक मूल्य की दवाओं का भंडार जब्त किया गया। वहीं, तीन अक्टूबर को सूरत के मोटा वराछा स्थित क्यारा इंटरनेशनल के निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को मीशो जैसे ऑनलाइन मंचों के जरिये केवल एक महीने में 3.60 लाख रुपये मूल्य की दवाओं की अवैध बिक्री के डिजिटल साक्ष्य मिले। ये दवाएं ‘सिल्डेनाफिल आयुर्वेदिक’ के फर्जी नाम से बेची जा रही थीं।
    Click here to Read more
    Prev Article
    Jaipur Literature Festival 2026: 20वें संस्करण में Nobel विजेताओं समेत जुटेंगे दिग्गज
    Next Article
    'जो परिणाम 'जर्सी' में लाए, 'वर्दी' में भी वैसी ही उम्मीद', 470 खिलाड़ियों को पुलिस नियुक्ति पत्र सौंपते हुए बोले CM योगी आदित्यनाथ

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment