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    गुरु पूर्णिमा पर गंगा स्नान को पहुंचे 2 लाख श्रद्धालु:संभल में घाटों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम, हर-हर गंगे के जयघोष से गूंजे घाट

    10 hours ago

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    संभल में आषाढ़ माह की शुक्ल पक्ष की गुरु पूर्णिमा पर लगभग 2 लाख श्रद्धालुओं ने मां गंगा में आस्था की डुबकी लगाई। मंगलवार सुबह 4 बजे से ही गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया था। पुलिस-प्रशासन ने जनपद और अन्य जिलों से आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए पुख्ता इंतजाम किए। जनपद संभल की तहसील गुन्नौर के राजघाट गंगा, सिसौना डांडा, श्रीविष्णु देव और हरिबाबा बांध के अलावा अस्थाई असदपुर व सांकराघाट पर श्रद्धालुओं ने स्नान किया। ये श्रद्धालु संभल के अलावा बुलंदशहर, बदायूं, अलीगढ़, बरेली और रामपुर जैसे पड़ोसी जनपदों से आए थे। श्रीविष्णु देव घाट पर जलस्तर अधिक होने और पानी का बहाव तेज होने के कारण पुलिस ने श्रद्धालुओं को स्नान करने से रोक दिया। वहीं, सिसौना डांडा घाट पर प्रशासन ने बैरिकेड लगाकर कम पानी में स्नान करने की व्यवस्था की थी। महंत अश्वनी गिरी के अनुसार, शाम तक 2 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान किया। सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए थाना रजपुरा की टी प्वाइंट पुलिस चौकी प्रभारी राजा रामपाल सिंह और एसआई मोहम्मद रफी अपनी टीम के साथ श्रीविष्णु देव घाट पर मौजूद रहे। इसके अतिरिक्त, जुनावई थाना प्रभारी धीरज सिंह, गुन्नौर थाना प्रभारी संजय कुमार, बबराला थाना प्रभारी लवनीश चौधरी और रजपुरा थाना प्रभारी संदीप चौधरी भी पुलिस बल के साथ गंगा घाटों पर अलर्ट रहे। विकास वर्मा ने कहा कि हमारे वेद, महाभारत के रचयिता वेद व्यास जी का भी आज ही के दिन महर्षि बुद्ध ने अपना प्रथम उपदेश दिया था। आज के दिन का यह गुरु पूर्णिमा के रूप में मनाया जाता है और हमें अपने गुरुओं का आदर करना चाहिए। ऋषभ श्रीवास्तव ने कहा कि आज गुरु पूर्णिमा का दिन है और गंगा में श्रद्धालु स्नान कर रहे हैं। गुरु पूर्णिमा का दिन गुरु के प्रति सम्मान, आभार व्यक्त करने और महर्षि वेद व्यास की जयंती मनाने का एक पवित्र पर्व है। यह आषाढ़ मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है। भारतीय संस्कृति में गुरु को भगवान से भी ऊंचा स्थान दिया गया है। इस दिन दान करना और ध्यान लगाना बहुत शुभ माना जाता है।
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