Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    गोरखपुर में बड़े आंदोलन की चेतावनी:निजीकरण के खिलाफ बिजली कर्मियों का कड़ा विरोध, बोले- फैसला वापस नहीं हुआ तो तेज होगा संघर्ष

    4 hours ago

    1

    0

    गोरखपुर में बिजली कर्मियों ने प्रस्तावित निजीकरण के खिलाफ खुलकर विरोध जताया और साफ कहा कि अगर फैसला वापस नहीं लिया गया तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के आह्वान पर प्रदेश भर के बिजली कर्मचारी, अभियंता और अन्य कर्मचारी एक साथ आए। सभी ने पूर्वांचल और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण का विरोध करते हुए कहा कि यह फैसला आम लोगों और कर्मचारियों दोनों के लिए ठीक नहीं है। कर्मचारियों ने कहा कि बिजली जैसी जरूरी सेवा निजी हाथों में जाने से सबसे ज्यादा असर आम उपभोक्ताओं पर पड़ेगा। उनका कहना है कि इससे बिजली महंगी हो सकती है और सेवाएं भी कमजोर पड़ सकती हैं, जिससे लोगों की परेशानियां बढ़ेंगी। सेवाओं और शिकायतों पर असर की आशंका बिजली कर्मियों का मानना है कि निजीकरण होने पर शिकायतों का समाधान सही समय पर नहीं हो पाएगा और व्यवस्था पहले जैसी भरोसेमंद नहीं रहेगी। इससे गांव और शहर दोनों जगह लोगों को दिक्कत हो सकती है। कर्मचारियों ने यह भी कहा कि निजीकरण से उनकी नौकरी और अधिकारों पर असर पड़ेगा। काम करने की शर्तें बदल सकती हैं और कर्मचारियों के साथ सही व्यवहार न होने का खतरा भी बढ़ सकता है। प्रबंधन पर अनदेखी का आरोप संघर्ष समिति गोरखपुर के संयोजक पुष्पेन्द्र सिंह ने आरोप लगाया कि प्रबंधन कर्मचारियों की समस्याओं पर ध्यान नहीं दे रहा है और उन्हें परेशान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की जायज मांगों को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है और बातचीत भी ठीक से नहीं हो रही है। उन्होंने साफ कहा कि अगर कर्मचारियों का उत्पीड़न बंद नहीं हुआ और निजीकरण का फैसला वापस नहीं लिया गया, तो बिजली कर्मी बड़े स्तर पर आंदोलन शुरू करेंगे और किसी भी हाल में पीछे नहीं हटेंगे। सरकार से तुरंत फैसला लेने की मांग समिति के पदाधिकारियों ने सरकार से मांग की कि निजीकरण की प्रक्रिया पर तुरंत रोक लगाई जाए और सभी पक्षों के साथ बातचीत कर हल निकाला जाए, ताकि आम जनता और कर्मचारियों को नुकसान न हो। मई दिवस पर बिजली कर्मियों ने एकजुट होकर यह संकल्प भी दोहराया कि वे जनहित में अपनी लड़ाई जारी रखेंगे और बिजली व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे।
    Click here to Read more
    Prev Article
    गोरखपुर में भगवान बुद्ध की 2570वीं जयंती मनाई गई:शांति और करुणा का दिया संदेश, बड़ी संख्या में लोग हुए शामिल
    Next Article
    बुद्ध जयंती पर आंबेडकर महासभा का आयोजन:एमएलसी डॉ. लालजी प्रसाद निर्मल ने कहा- ‘दुनिया को युद्ध नहीं, बुद्ध के मार्ग की जरूरत’

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment