Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    घाघरा नदी खतरे के निशान से 35 सेमी ऊपर:गोंडा में 20 गांवों की 15 हजार आबादी प्रभावित, घर छोड़ सुरक्षित ठिकानों की ओर जा रहे ग्रामीण

    7 hours ago

    1

    0

    गोंडा में घाघरा नदी पूरी तरह उफान पर है। लगातार बढ़ते जलस्तर के कारण नदी का रौद्र रूप देखने को मिल रहा है। सोमवार सुबह 8:30 बजे एल्गिन ब्रिज पर घाघरा नदी का जलस्तर 106.420 मीटर दर्ज किया गया। यह खतरे के निशान 106.070 मीटर से 35 सेंटीमीटर ऊपर है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार देर शाम तक जलस्तर खतरे के निशान से करीब 40 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच सकता है। घाघरा में कुल 3,78,800 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इसमें गिरजा बैराज से 1,83,738, शारदा बैराज से 1,90,278 और सरयू बैराज से 4,784 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। पानी का दबाव बढ़ने से तरबगंज तहसील क्षेत्र के कई गांवों में बाढ़ का खतरा गहरा गया है। 20 गांवों की 15 हजार आबादी प्रभावित तरबगंज तहसील क्षेत्र के ऐली परसौली, गढ़ी, जबर नगर, पारस पट्टी पुरवार, पारस पट्टी मझवार और दत्त नगर समेत करीब 20 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। इन गांवों की करीब 15 हजार आबादी पर बाढ़ का असर पड़ा है। गांवों में पानी पहुंचने के बाद ग्रामीण जरूरी सामान लेकर सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर रहे हैं। कई लोग अपने रिश्तेदारों के घर जा रहे हैं। जान जोखिम में डालकर स्कूल जा रहे बच्चे ऐली परसौली, जबर नगर, गढ़ी, पारस पट्टी और दत्त नगर समेत कई गांवों के मुख्य मार्गों पर पानी भर गया है। इससे आवागमन मुश्किल हो गया है। ग्रामीण इसी पानी से होकर घर का जरूरी सामान लाने-ले जाने को मजबूर हैं। बाढ़ के पानी के बीच स्कूली बच्चे भी जान जोखिम में डालकर स्कूल जा रहे हैं। नवाबगंज के दत्त नगर के कई मजरों में संपर्क मार्ग पूरी तरह पानी में डूब गए हैं। 100 बीघा से ज्यादा फसल डूबी, गन्ना खराब बाढ़ के पानी में किसानों की 100 बीघा से अधिक फसल डूबी हुई है। फसलें बर्बाद होने की कगार पर हैं। गन्ने के खेतों में पानी भरने से फसल गिरने लगी है, जिससे किसानों को भारी नुकसान की आशंका है। वहीं, खेतों में पानी भरे होने के कारण पशुओं के लिए भूसे और चारे का संकट भी खड़ा हो गया है। किसानों को अपने पशुओं के लिए पर्याप्त चारा नहीं मिल पा रहा है। फूस के मकानों पर मंडरा रहा खतरा बाढ़ प्रभावित गांवों में फूस के मकानों पर भी खतरा बढ़ गया है। ग्रामीणों को आशंका है कि नदी का कटाव किसी भी वक्त फूस के मकानों को अपने आगोश में ले सकता है। लगातार बढ़ते पानी और कटान से लोगों में दहशत का माहौल है। प्रशासन नाव से पहुंचा रहा राहत सामग्री जिला प्रशासन की ओर से बाढ़ प्रभावित गांवों में राहत पहुंचाई जा रही है। हनुमान रथ और नाव के माध्यम से गांवों में पहुंचकर लंच पैकेट वितरित किए जा रहे हैं। इसके साथ ही दवाइयां भी बांटी जा रही हैं। पशुओं के लिए भूसे और चारे का भी वितरण किया जा रहा है। बाढ़ की स्थिति पर प्रशासन लगातार नजर बनाए हुए है।
    Click here to Read more
    Prev Article
    बारिश की वजह से स्कूलों में छुट्टी:मुरादाबाद में DM ने घोषित किया अवकाश, 12वीं तक के स्कूल बंद
    Next Article
    अमरोहा में शादी का झांसा देकर युवती से दुष्कर्म:दो बार गर्भवती हुई तो दवा देकर गर्भपात कराने की शिकायत

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment