Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    होली की हुड़दंग में 70 लोगों की आंखें जख्मी हुईं:लखनऊ में 5 मरीजों के कॉर्निया पर सीधा असर, करानी पड़ सकती है सर्जरी

    5 hours ago

    1

    0

    लखनऊ के ट्रॉमा सेंटर में होली के हुड़दंग के चलते घायल और चोटिल होकर पहुंचने वाले मरीजों की तादाद काफी ज्यादा रही। इनमें करीब 70 मरीज ऐसे रहे जिन्हें रंग खेलने के दौरान अचानक आंख में परेशानी हो गई। आंख से दिखाई देना बंद हो गया, जिसके चलते उन्हें भर्ती तक कराना पड़ा। हालांकि, राहत की बात ये रही कि इलाज शुरू करते ही उन्हें राहत मिली। दरअसल, होली की सुबह से ही सड़कों पर हुड़दंग और लापरवाही का माहौल देखने को मिला। ऐसे में लखनऊ के KGMU ट्रॉमा सेंटर, बलरामपुर, सिविल, लोहिया, राम सागर मिश्र, लोकबंधु और निजी अस्पतालों की इमरजेंसी में घायलों की लंबी कतार लग गई। कई लोगों के चेहरे और आंख पर गहरी चोटें आई हैं। डॉक्टरों का कहना है कि अधिकांश आंख की समस्या लेकर पहुंचे लोगों को अचानक दिखना बंद हो गया और रंग के चलते उनकी आंख भी खुलनी बंद हो गई। कुछ ऐसे लोग भी रहे जो तेज रफ्तार में बाइक दौड़ाने के बाद जब चोटिल हुए तो आंख भी जख्मी कर बैठे। हालांकि, राहत की बात ये रही कि इनमें कोई ऐसा नहीं रहा जिसकी आंख की रोशनी पूरी तरह प्रभावित हो गई। आंख में रंग जाने से भर्ती करना पड़ा KGMU ट्रॉमा सेंटर के सीएमएस डॉ. प्रेमराज सिंह ने बताया कि होली में 24 घंटे में कुल 248 मरीज इलाज के लिए पहुंचे। करीब 70 आंखों के मरीज ट्रॉमा सेंटर पहुंचे। इनमें से कई लोगों की आंख रंग के चलते खराब होने की नौबत भी आ गई। कुछ मरीजों को गंभीर हालत के चलते भर्ती करना पड़ा। डॉ. प्रेम राज सिंह ने बताया कि रंग-गुलाल उड़ाते समय धूल के महीन कण आंखों में चले जाने से संक्रमण और जलन की समस्या बढ़ी है। जांच में कई मरीजों की पलकों और आंखों के आसपास जख्म पाए गए। पांच ऐसे मरीज सामने आए, जिनकी आंखों में रंग जाने से कॉर्निया पर सीधा असर पड़ा है। इन मरीजों की आंखों में गंभीर संक्रमण पाया गया। एक मरीज की आंख में एसिडनुमा केमिकल युक्त रंग भी मिला है। सर्जरी की पड़ सकती है जरूरत नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. संजय तेवतिया ने बताया कि होली के बाद कर्निया में संक्रमण, आंखों में चोट और केमिकल युक्त रंग जाने के कई मामले सामने आए हैं। ऐसे मरीजों का दवा से इलाज किया जाता है, लेकिन यदि स्थिति गंभीर हुई तो सर्जरी की आवश्यकता भी पड़ सकती है। उन्होंने बताया कि धूल के कण केवल कॉर्निया ही नहीं बल्कि स्केलरा (श्वेतपट्टी) के लिए भी खतरनाक होते हैं। कण आंख में जाने से स्केलरा में छेद तक हो सकता है। इससे आंखों के अंदर मौजूद तरल पदार्थ बाहर निकलने लगता है और समय पर इलाज न मिलने पर दृष्टि प्रभावित होने का खतरा बढ़ जाता है। रंगों से त्वचा पर भी पड़ा असर होली के रंगों का असर केवल आंखों तक सीमित नहीं रहा। कई लोगों को त्वचा संबंधी समस्याओं का भी सामना करना पड़ा। खुजली, दाने, जलन और संक्रमण की शिकायत लेकर 90 से अधिक मरीज अस्पतालों के चर्म रोग विभाग में पहुंचे। सिविल अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक देवेश चंद्र पांडेय ने बताया कि बीते दो दिनों में होली के रंगों से त्वचा प्रभावित होने के कई मरीज इमरजेंसी और OPD में आए।
    Click here to Read more
    Prev Article
    यूपी की बड़ी खबरें:कोर्ट-जजों के खिलाफ फेसबुक पर टिप्पणी की, इलाहाबाद हाईकोर्ट बोला- आरोपी को गिरफ्तार करो
    Next Article
    फतेहपुर में दबंगों ने घर में घुसकर महिलाओं को पीटा:गाली गलौज का विरोध करने पर 5 महिलाएं घायल

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment