Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    होलिका दहन के 24 घंटे बाद मनेगी होली:काशी के ज्योतिषाचार्यों ने की बैठक, बोले- 2 को होलिका दहन; 4 मार्च को मनाए होली

    2 hours ago

    1

    0

    होली महापर्व को लेकर हो रहे तिथियों के भेद को समाप्त करने के लिए काशी हिंदू विश्वविद्यालय के ज्योतिषाचार्य ने बैठक करके यह बताया है कि इस वर्ष होलिका दहन 2 मार्च को और उसके 24 घंटे बाद 4 मार्च को होली का उत्सव मनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि चंद्र ग्रहण के कारण 3 मार्च को होली नहीं मनाई जाएगी। इसको लेकर उन्होंने विभिन्न राज्यों के ज्योतिषाचार्यों से बात भी की है। प्रोफेसर विनय कुमार पाण्डेय के अनुसार शास्त्रीय विधान स्पष्ट रूप से कहता है— “प्रतिपद उदिते रवौ”, अर्थात जब चैत्र कृष्ण प्रतिपदा तिथि में सूर्योदय हो, उसी दिन वसंतोत्सव अथवा रंगोत्सव मनाया जाना चाहिए। इस वर्ष 4 मार्च को सूर्योदय के समय चैत्र कृष्ण प्रतिपदा तिथि विद्यमान रहेगी। इसलिए शास्त्रीय मर्यादा और लोक परंपरा के अनुसार 4 मार्च को ही पूरे देश में रंगोत्सव के रूप में होली मनाई जाएगी। चंद्रग्रहण होने के कारण ग्रहण नियम लागू होगा प्रोफेसर विनय पाण्डेय ने कहा - तीन मार्च की प्रदोष बेला में होलिका दहन किया जा सकता था लेकिन चंद्रग्रहण होने के कारण ग्रहण नियम लागू होगा। शास्त्र में स्पष्ट है कि यदि चंद्रग्रहण है तो भद्रा रहित पूर्णिमा में रात्रि में होलिका दहन किया जाए। यदि अगले दिन ग्रस्तोदय ग्रहण हो तो पूर्व दिवस में ही भद्रा त्यागकर रात्रि के चतुर्थ याम या विष्टिपुच्छ काल में होलिका दहन करना चाहिए। ऐसे में होलिका दहन तीन मार्च की सुबह 5:29 बजे से लेकर सूर्योदय से पहले तक किया जा सकेगा। दो मार्च को भद्रा शाम 05:56 बजे से शुरू होकर तीन मार्च को सुबह 05:28 बजे तक रहेगी। उन्होंने कहा कि 2 मार्च को होलिका दहन का सही मुहूर्त है। शाम तक रहेगी पूर्णिमा, चार को ही मनेगा रंगोत्सव ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक, होलिका पूजन फाल्गुन मास की पूर्णिमा तिथि की शाम या प्रदोष काल में किया जाता है और रंगोत्सव का पर्व अगले दिन यानी चैत्र कृष्ण प्रतिपदा तिथि को मनाया जाता है। इस बार तीन मार्च को पूर्णिमा तिथि शाम 5:56 बजे तक रहेगी। इसके कारण तीन मार्च को रंगोत्सव नहीं मनाया जाएगा। चार मार्च को चैत्र कृष्ण प्रतिपदा तिथि को ही रंगोत्सव मनाया जाएगा। अब जानिए कब से लगेगा साल का पहला चंद्रग्रहण साल 2026 खगोलीय दृष्टि से काफी खास रहने वाला है। इस साल कुल चार ग्रहण लगेंगे, जिनमें दो सूर्यग्रहण और दो चंद्रग्रहण शामिल हैं। इनमें से 3 मार्च को लगने वाला चंद्रग्रहण भारत में दिखाई देगा। यही वजह है कि इसका असर होली के पर्व पर पड़ रहा है। यह चंद्रग्रहण खग्रास चंद्रग्रहण होगा, यानी चंद्रमा का बड़ा हिस्सा पृथ्वी की छाया में आ जाएगा। भारत समेत इन देशों में दिखेगा चंद्रग्रहण यह खग्रास चंद्रग्रहण भारत के साथ-साथ पूरे एशिया, ऑस्ट्रेलिया, प्रशांत द्वीप समूह और उत्तर व दक्षिण अमेरिका में भी दिखाई देगा। भारतीय समयानुसार चंद्रग्रहण का समय की शुरुआत दोपहर 3:20 बजे से लेकर शाम 6:47 बजे रहेगा। हालांकि भारत में चंद्रोदय शाम 5:59 बजे होगा, इसलिए यहां ग्रहण का अंतिम हिस्सा यानी मोक्ष काल ही दिखाई देगा।
    Click here to Read more
    Prev Article
    डेढ़ किमी पर ठहरे, लेकिन मुलाकात नहीं हुई:संघ प्रमुख माधवधाम में तो सीएम ने गोरखनाथ मंदिर में किया रात्रि विश्राम
    Next Article
    जयाप्रदा अभद्र टिप्पणी मामले में आईओ के बयान दर्ज:मुरादाबाद के पूर्व सपा सांसद एसटी हसन नेमंच से अश्लील टिप्पणी की थी

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment