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    डेढ़ किमी पर ठहरे, लेकिन मुलाकात नहीं हुई:संघ प्रमुख माधवधाम में तो सीएम ने गोरखनाथ मंदिर में किया रात्रि विश्राम

    4 hours ago

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    राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक डा. मोहन भागवत 3 दिनों के प्रवास पर गोरखपुर आए थे। इस दौरान इतने ही दिन सीएम योगी आदित्यनाथ भी यहां रहे। सीएम 13 से 15 फरवरी तक तो संघ प्रमुख 14 से 16 फरवरी तक रहे। 14 फरवरी का दिन ऐसा था, जब दोनों लोगों ने गोरखपुर में रात्रि विश्राम किया। जहां वे ठहरे थे, उसकी दूरी महज डेढ़ किलोमीटर है। सीएम गोरखनाथ मंदिर में रुके थे तो उसी रोड पर स्थित संघ के कार्यालय माधवधाम में संघ प्रमुख का रात्रि विश्राम था। लेकिन इसके बावजूद दोनों लोगों के बीच मुलाकात नहीं हुई। इसको लेकर लोगों में तरह-तरह की चर्चा शुरू है। यह चुनावी वर्ष है। इसलिए माना जा रहा था कि गोरखपुर में सीएम, संघ प्रमुख से मुलाकात कर सकते हैं। इस मुलाकात को गोपनीय रखा जाएगा लेकिन मुलाकात नहीं हुई। आमतौर पर कोई भी प्रभावशाली व्यक्ति गोरखपुर में आता है तो गोरखनाथ मंदिर जरूर जाता है। इसी कारण यह माना जा रहा था कि मंदिर में दर्शन करने संघ प्रमुख भी जा सकते थे। लेकिन ऐसा कुछ नजर नहीं आया। संघ प्रमुख ने कई कार्यक्रमों में हिस्सा लिया लेकिन किसी राजनीतिक व्यक्ति से मुलाकात नहीं की। सामाजिक सद्भाव को लेकर बैठक करने आए थे संघ प्रमुख संघ प्रमुख सामाजिक सद्भाव को लेकर बैठक करने गोरखपुर आए थे। उनके कई कार्यक्रम लगे थे और सभी के लिए एक ही जगह योगिराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह निर्धारित था। वहां आने-जाने का रास्ता गोरखनाथ मंदिर से होकर जाता है। संघ प्रमुख दो दिनों में आने-जाने के बीच 4 बार वहां से गुजरे लेकिन गोरखनाथ मंदिर नहीं गए। जानिए मुलाकात न होने के पीछे क्या कारण हो सकते हैं नाथ पंथ सामाजिक समरसता के लिए जाना जाता है। राम मंदिर आंदोलन में भी ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। यानी संघ जिन विचारों को लेकर चलता है, नाथ पंथ उसके नजदीक खड़ा नजर आता है। इसके बावजूद आखिर वे क्या कारण रहे कि संघ प्रमुख वहां नहीं गए। राजनीतिक मामलों के जानकार बताते हैं कि यदि संघ प्रमुख वहां जाते तो अनावश्यक रूप से एक राजनीतिक चर्चा जन्म लेती। दिल्ली व लखनऊ के बीच टकराव के कयास लंबे समय से लगाए जा रहे हैं, ऐसे में यदि संघ प्रमुख व सीएम की मुलाकात, सीएम के गृह जनपद में होती तो इसको लेकर सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो जातीं। पिछले दौरे पर भी नहीं हुई थी मुलाकात संघ प्रमुख पिछले साल भी वर्ग में शामिल होने के लिए गोरखपुर आए थे। उस समय भी संयोग था कि सीएम योगी भी यहां मौजूद थे। दोनों के बीच मुलाकात के कयास लगाए गए, दावे किए गए लेकिन औपचारिक रूप से उनके मुलाकात की कोई खबर बाहर नहीं आई। संघ से जुड़े लोग बताते हैं कि दोनों लोगों की मुलाकात तब भी नहीं हुई थी। जानिए क्या कहते हैं राजनीतिक विशेषज्ञ राजनीतिक मामलों के जानकार वरिष्ठ पत्रकार कुमार हर्ष कहते हैं ''देखिए मैं इसे कृत्रिम प्रश्न मानता हूं कि गोरखपुर में संघ प्रमुख व सीएम की मुलाकात क्यों नहीं हुई। संघ की कार्यपद्धति में ऐसी अनुष्ठानिक मुलाकातों की कोई परंपरा दिखती भी नहीं। इन दिनों संघ प्रमुख लखनऊ में भी हैं वहां यह प्रश्न नहीं उठ रहा। दिल्ली में रहते हैं तो पीएम से ऐसी मुलाकातें नहीं होती। गोरखपुर में यह सवाल इसलिए उठता है कि 10 साल से यह प्रैक्टिस है कि कोई व्यक्ति आता है तो राजनीतिक या धार्मिक कारण से गोरखनाथ मंदिर जरूर जाता है। संघ वैसे भी इस तरह के संदेश नहीं देता जिससे राजनीतिक कयास बाजियों को बल मिले। उसकी अपनी भिन्न कार्यशैली और आंतरिक संवाद पद्धतियां हैं।''
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