Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    हिम्मत कैसे हुई? Gilgit-Baltistan में General Elections कराने जा रहे Pakistan को India ने लगाई करारी फटकार, MEA ने कहा- कब्जाए क्षेत्र तुरंत खाली करे पाक

    1 day ago

    2

    0

    भारतीय विदेश मंत्रालय की साप्ताहिक ब्रीफिंग में प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने विभिन्न सवालों के जवाब देते हुए भारत-अमेरिका ट्रेड डील, अवैध प्रवासन, भारत के पड़ोसी देशों के साथ संबंध और वैश्विक साझेदारियों से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर भारत का पक्ष विस्तार से रखा। इसके साथ ही भारत सरकार ने एक बयान जारी कर पाकिस्तान द्वारा अवैध कब्जे वाले भारतीय क्षेत्र गिलगित-बाल्टिस्तान में तथाकथित “जनरल इलेक्शन” कराने की योजना पर कड़ा एतराज जताया है। हम आपको बता दें कि पाकिस्तान 7 जून 2026 को तथाकथित “गिलगित-बाल्टिस्तान विधानसभा” के चुनाव कराने जा रहा है, जिस पर भारत ने तीखी प्रतिक्रिया दर्ज कराई है। भारत सरकार ने स्पष्ट किया है कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के पूरे केंद्रशासित प्रदेश, जिनमें तथाकथित गिलगित-बाल्टिस्तान भी शामिल है, भारत का अभिन्न हिस्सा हैं। सरकार ने दोहराया है कि 1947 में जम्मू-कश्मीर का भारत में विधिसम्मत, पूर्ण और अपरिवर्तनीय विलय हो चुका है।इसे भी पढ़ें: आतंकवाद पर रोक के बिना नहीं मिलेगा एक बूंद पानी, सिंधु जल संधि पर MEA का क्लीयर मैसेजनई दिल्ली ने यह भी कहा कि पाकिस्तान की इस तरह की गतिविधियां वहां हो रहे गंभीर मानवाधिकार उल्लंघनों, राजनीतिक दमन, आर्थिक शोषण और लोगों की स्वतंत्रता के हनन जैसे मुद्दों से ध्यान नहीं भटका सकतीं। भारत ने साफ शब्दों में कहा है कि पाकिस्तान द्वारा अवैध कब्जे वाले क्षेत्रों की स्थिति बदलने की किसी भी कोशिश को पूरी तरह खारिज किया जाता है। भारत सरकार ने जोर देकर कहा है कि पाकिस्तान आज भी अवैध रूप से भारतीय क्षेत्रों पर कब्जा जमाए हुए है और उसे इन्हें तत्काल खाली करना चाहिए।जहां तक प्रेस वार्ता के दौरान प्रवक्ता रणधीर जायसवाल की ओर से दिये गये बयानों की बात है तो आपको बता दें कि उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच अंतरिम व्यापार समझौते तथा द्विपक्षीय व्यापार समझौते को आगे बढ़ाने को लेकर बातचीत सकारात्मक और रचनात्मक रही है। इस संबंध में वाणिज्य मंत्रालय पहले ही प्रेस विज्ञप्ति जारी कर चुका है। जायसवाल ने बताया कि अमेरिका के व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय से मुख्य वार्ताकार अपने दल के साथ भारत आए थे और दोनों पक्षों ने इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई है।वहीं अवैध रूप से भारत में रह रहे विदेशी नागरिकों के मुद्दे पर विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि भारत के पास ऐसे मामलों से निपटने के लिए कानूनी व्यवस्था मौजूद है। रणधीर जायसवाल ने कहा कि यदि कोई विदेशी नागरिक, जिसमें बांग्लादेशी नागरिक भी शामिल हैं, अवैध रूप से भारत में रह रहा है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि निर्वासन की प्रक्रिया के लिए भारत और बांग्लादेश के बीच द्विपक्षीय व्यवस्था लागू है। भारत ऐसे मामलों को बांग्लादेशी पक्ष के पास नागरिकता सत्यापन के लिए भेजता है और पुष्टि होने के बाद निर्वासन की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाती है। उन्होंने यह भी कहा कि इस प्रकार के कई अनुरोध अभी बांग्लादेश की ओर लंबित हैं और भारत चाहता है कि इनका शीघ्र निपटारा हो ताकि अवैध रूप से रह रहे लोगों की वापसी सुचारु ढंग से हो सके।साथ ही जम्मू-कश्मीर के मुद्दे पर भी विदेश मंत्रालय ने अपना स्पष्ट रुख दोहराया। रणधीर जायसवाल ने कहा कि दिल्ली स्थित स्विट्जरलैंड के राजदूत ने हाल में जम्मू-कश्मीर का दौरा किया और वहां कई बैठकें हुईं। उन्होंने कहा कि इस संदर्भ में पाकिस्तान की आपत्तियों का कोई औचित्य नहीं है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है। साथ ही पाकिस्तान द्वारा चिनाब-ब्यास लिंक सुरंग परियोजना को लेकर उठाए गए सवालों पर भी विदेश मंत्रालय ने भारत का रुख स्पष्ट किया। दरअसल पाकिस्तान ने आरोप लगाया है कि भारत चिनाब नदी का पानी ब्यास की ओर मोड़कर सिंधु जल संधि का उल्लंघन कर रहा है और जल को हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रहा है। इस पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने दो टूक कहा कि सिंधु जल संधि फिलहाल स्थगित है और यह तब तक स्थगित रहेगी जब तक पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद को पूरी तरह बंद नहीं करता। भारत का मानना है कि आतंकवाद और बातचीत एक साथ नहीं चल सकते।वहीं नेपाल के विदेश मंत्री की भारत यात्रा पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि नेपाल के साथ भारत का संबंध बहुआयामी है। विकास सहयोग, लोगों के बीच संपर्क, व्यापार और निवेश जैसे विषय दोनों देशों के संबंधों के केंद्र में हैं। उन्होंने कहा कि नेपाल के विदेश मंत्री भारतीय विदेश मंत्री से मुलाकात करेंगे और दोनों देशों के बीच इन सभी विषयों पर व्यापक चर्चा होगी। भारत इस साझेदारी को और मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।इसके अलावा, दिल्ली के मालवीय नगर अग्निकांड पर विदेश मंत्रालय ने गहरा दुख व्यक्त किया। रणधीर जायसवाल ने बताया कि इस हादसे में तेरह विदेशी नागरिकों की मृत्यु हुई। मृतकों में मोजाम्बिक, नाइजीरिया, लाइबेरिया, किर्गिस्तान, उजबेकिस्तान, बांग्लादेश, कांगो और इराक के नागरिक शामिल थे।वहीं अमेरिका से भारतीय नागरिकों के निर्वासन के मुद्दे पर भी विदेश मंत्रालय ने जानकारी दी। जायसवाल ने कहा कि इस वर्ष अब तक एक हजार छिहत्तर भारतीय नागरिकों को अमेरिका से वापस भेजा गया है, जबकि पिछले वर्ष यह संख्या तीन हजार पांच सौ सड़सठ थी। उन्होंने बताया कि भारत और अमेरिका के बीच प्रवासन तथा आवाजाही को लेकर चर्चा जारी है। जायसवाल ने कहा कि दोनों देशों का ध्यान अवैध प्रवासन पर रोक लगाने के साथ-साथ वैध प्रवासन को प्रभावित होने से बचाने पर है।भारत और रूस के रक्षा संबंधों को लेकर पूछे गए सवाल पर रणधीर जायसवाल ने कहा कि दोनों देशों के रक्षा संबंध लंबे समय से मजबूत रहे हैं। सुखोई-57 कार्यक्रम का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इस विषय से जुड़ी विशेष जानकारी रक्षा मंत्रालय से प्राप्त की जा सकती है। उन्होंने कहा कि भारत और रूस के बीच रणनीतिक सहयोग लगातार मजबूत बना हुआ है।
    Click here to Read more
    Prev Article
    West Bengal Politics में भूचाल, ममता बनर्जी के 23 सांसद छोड़ सकते हैं पार्टी का साथ
    Next Article
    TMC में सियासी भूचाल, Mamata Banerjee के करीबी Firhad Hakim ने Kolkata मेयर पद छोड़ा।

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment