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    West Bengal Politics में भूचाल, ममता बनर्जी के 23 सांसद छोड़ सकते हैं पार्टी का साथ

    1 day ago

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    तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के भीतर चल रही राजनीतिक उथल-पुथल अब पश्चिम बंगाल से बाहर निकलकर संसद तक फैलती नजर आ रही है। सूत्रों ने इंडिया टुडे टीवी को बताया है कि 23 सांसद बागी विधायकों के एक समूह के संपर्क में हैं और आने वाले दिनों में पार्टी के संसदीय विंग में फूट पड़ने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। पश्चिम बंगाल विधानसभा में हुए बड़े विद्रोह के बाद ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पार्टी में आंतरिक कलह गहराती जा रही है। हाल ही में विधानसभा में विधायकों के एक बड़े वर्ग ने ऋतब्रता बनर्जी के नेतृत्व में पार्टी के विधायी विंग से अलग होकर सदन में विपक्ष के नेता पद पर दावा पेश किया है। सूत्रों के मुताबिक, टीएमसी सांसदों में भी असंतोष पनप रहा है, और कई सांसद पार्टी महासचिव अभिषेक बनर्जी से कथित तौर पर नाखुश हैं। नेतृत्व के भीतर बढ़ती बेचैनी के चलते संसद में एक अलग गुट बनाने पर चर्चा शुरू हो गई है।इसे भी पढ़ें: Jharkhand Politics में नया ट्विस्ट, Rajya Sabha सीट पर JMM के दावे से INDIA Alliance में खींचतानसूत्रों के मुताबिक, लोकसभा सांसदों का एक वर्ग अलग गुट बनाने की संभावना तलाश रहा है, और बताया जा रहा है कि एक दर्जन से अधिक सांसद इसके पक्ष में हैं। खबरों के अनुसार, एक वरिष्ठ सांसद इस उभरते हुए बागी गुट का नेतृत्व कर रहे हैं, हालांकि चर्चाएं अभी शुरुआती दौर में हैं। इन आंकड़ों ने औपचारिक विभाजन की अटकलों को और हवा दी है। टीएमसी के पास वर्तमान में लोकसभा में 29 सांसद हैं, जबकि दलबदल विरोधी कानून के प्रावधानों के तहत सदन में एक अलग गुट के रूप में मान्यता प्राप्त करने के लिए कम से कम 22 सांसदों की आवश्यकता होती है। राज्यसभा में पार्टी के 13 सदस्य हैं, जहां मान्यता के लिए नौ सांसदों की न्यूनतम संख्या है। इसे भी पढ़ें: TMC में सियासी भूचाल, Mamata Banerjee के करीबी Firhad Hakim ने Kolkata मेयर पद छोड़ा।हालांकि, बागी नेता ऋतब्रता बनर्जी ने सांसदों के बागी खेमे में शामिल होने की पुष्टि करने से इनकार कर दिया और इसके बजाय धैर्य रखने का आग्रह करते हुए कहा कि आने वाले दिनों में बहुत कुछ हो सकता है। उन्होंने कहा कि मैंने पिछले सात दिनों में किसी भी सांसद से बात नहीं की है, इसलिए मैं यह नहीं कह सकता कि सांसद क्या करेंगे। लेकिन मैं वर्तमान में जी रहा हूं। कोई नहीं कह सकता कि कल क्या होगा। धैर्य रखें। बहुत कुछ हो सकता है। राज्यसभा के वरिष्ठ सांसद सुखेन्दु शेखर रॉय ने सार्वजनिक रूप से संकेत दिया है कि विधानसभा में चल रही अशांति संसद तक फैल सकती है। राज्य विधानसभा में हुए विद्रोह के पैमाने का जिक्र करते हुए रॉय ने कहा कि विद्रोह की गति और तीव्रता पार्टी के भीतर व्यापक अस्थिरता की ओर इशारा करती है।
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