Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    इंडो-नेपाल एजुकेशनल समिट संपन्न:अब नेपाल के साथ मिलकर रिसर्च करेगा CSJMU; AI और तकनीक के क्षेत्र में छात्र साझा करेंगे ज्ञान

    3 hours ago

    1

    0

    उच्च शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में भारत और नेपाल के बीच अब एक नया अध्याय शुरू होने जा रहा है। नेपाल की राजधानी काठमांडू में आयोजित दो दिवसीय 'इंडो-नेपाल एजुकेशनल समिट-2026' में दोनों देशों के विश्वविद्यालयों ने शैक्षिक साझेदारी पर अपनी मुहर लगा दी है। इस समिट में मुख्य रूप से कानपुर के छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (CSJMU) और नेपाल के त्रिभुवन विश्वविद्यालय के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया और छात्रों के भविष्य को लेकर कई महत्वपूर्ण फैसले लिए। ​सांस्कृतिक विरासत के साथ तकनीक का तालमेल समिट के दौरान सीएसजेएमयू के प्रतिनिधियों ने नेपाल के विशेषज्ञों के साथ मिलकर इस बात पर चर्चा की कि कैसे दोनों देश अपनी सांस्कृतिक विरासत को संजोते हुए विज्ञान और तकनीक में एक-दूसरे की मदद कर सकते हैं। वार्ता में साहित्य के साथ-साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसे आधुनिक विषयों पर विशेष जोर दिया गया। विशेषज्ञों का मानना है कि इस साझेदारी से दोनों देशों के छात्रों को अंतरराष्ट्रीय स्तर का अनुभव मिलेगा, जो भविष्य में उनके करियर के लिए काफी मददगार साबित होगा। ​अष्टांगिक मार्ग से तनाव मुक्त समाज पर चर्चा शिक्षा के साथ-साथ समिट में छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य और सामाजिक सुधार पर भी मंथन हुआ। चर्चा में बताया गया कि बौद्ध दर्शन के अष्टांगिक मार्ग को अपनाकर किस तरह छात्र तनाव मुक्त जीवन जी सकते हैं और एक स्वस्थ समाज के निर्माण में अपनी भूमिका निभा सकते हैं। इसके अलावा दोनों देशों के बीच धार्मिक और सांस्कृतिक समानता को शिक्षा के माध्यम से और मजबूत करने पर बल दिया गया। ​कानपुर की कई संस्थाओं ने निभाई भूमिका इस अंतरराष्ट्रीय समिट में सीएसजेएमयू परिसर के अलावा कानपुर के कई प्रमुख कॉलेजों जैसे अर्मापुर पीजी कॉलेज, डीएवी, वीएसएसडी, क्राइस्ट चर्च और डीजी पीजी कॉलेज के प्रतिनिधि भी शामिल हुए। कानपुर के इस दल ने त्रिभुवन विश्वविद्यालय के अधिकारियों को विश्वविद्यालय की शैक्षिक और सामाजिक गतिविधियों की जानकारी दी, जिसकी वहां काफी सराहना की गई। नेपाल की त्रिभुवन यूनिवर्सिटी ने कानपुर के प्रयासों को देखते हुए हर संभव सहयोग देने का वादा किया है।
    Click here to Read more
    Prev Article
    ​आज पानी बचाएंगे तो कल सुरक्षित होगा:CSJMU में नेशनल समिट; विशेषज्ञों बोले- हर बूंद कीमती, री-यूज ही एकमात्र विकल्प
    Next Article
    सजेती के बारीपाल में सहायता केंद्र की शुरुआत:डीसीपी साउथ ने ग्रामीण क्षेत्रों में लगाई चौपाल, सुनीं जनता की समस्याएं, त्वरित निस्तारण करने के दिए निर्देश

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment