Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    इस बार खास होगा जानकी महल का रामोत्सव:मिथिला परंपरा का अनुपम संगम, नागपुर की सांस्कृतिक मंडली अनहद की होगी प्रस्तुति

    2 hours ago

    1

    0

    मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम की पावन नगरी अयोध्या एक बार पुनः भक्ति, श्रद्धा और सांस्कृतिक उल्लास से आलोकित हो उठी है। रामजन्मभूमि मंदिर निर्माण के उपरांत यहाँ श्रद्धालुओं की संख्या में निरंतर वृद्धि हो रही है, जिससे सम्पूर्ण अयोध्या आध्यात्मिक ऊर्जा से स्पंदित हो रही है। इसी क्रम में अयोध्या स्थित प्रसिद्ध जानकी महल, जिसे माता सीता (जानकी) के मायके के रूप में मान्यता प्राप्त है।विशेष रूप से चर्चा का केंद्र बना हुआ है। यहाँ की सभी धार्मिक परंपराएँ मिथिला शैली में सम्पन्न होती हैं, जिससे यह स्थल अद्वितीय सांस्कृतिक सेतु का कार्य करता है। तथापि, रामजन्मोत्सव का उत्साह भी यहाँ उतनी ही श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाता है, जितना कि जानकी विवाह महोत्सव। नगर की सांस्कृतिक गरिमा का विस्तार हो जानकी महल ट्रस्ट के ट्रस्टी आदित्य सुल्तानिया ने बताया कि अयोध्या को मथुरा, वृंदावन तथा हरिद्वार की तर्ज पर प्रत्येक मंदिर में विशिष्ट आयोजन करने की आवश्यकता है, जिससे श्रद्धालु केवल श्री राम जन्मभूमि तक सीमित न रहकर समस्त अयोध्या के मंदिरों में दर्शन-पूजन कर सकें और नगर की सांस्कृतिक गरिमा का विस्तार हो। इस वर्ष रामजन्मोत्सव के उपलक्ष्य में जानकी महल में विशेष अनुष्ठान आयोजित किए जा रहे हैं। चैत्र शुक्ल प्रतिपदा (नव संवत्सर) से 51 ब्राह्मणों द्वारा अखंड ‘नव पारायण’ प्रारंभ किया गया है। संध्या समय बधाई गीतों की मधुर ध्वनि वातावरण को भक्तिरस से परिपूर्ण कर रही है। संगीतमय प्रस्तुति से श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध करेगा “अनहद” 27 मार्च को भगवान श्री राम का जन्मोत्सव अत्यंत हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा, जिसमें प्रसाद वितरण एवं विविध धार्मिक कार्यक्रम सम्पन्न होंगे।इसी श्रृंखला में 25 मार्च को सांस्कृतिक रंग भी जुड़ने जा रहा है। नागपुर-आधारित संगीत मंडली द अनहद जिसकी स्थापना वर्ष 2024 में युवा कलाकारों—रिशी, ध्रुव, दर्शन एवं योगेश—द्वारा की गई, अपने संगीतमय प्रस्तुति से श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध करेगी। “अनहद” अर्थात शाश्वत नाद की अवधारणा पर आधारित यह बैंड पारंपरिक भक्ति और आधुनिक संगीत का सुंदर समन्वय प्रस्तुत करता है। 26 मार्च को विठु माऊली वाद्य पथक द्वारा ढोल-ताशा की भव्य प्रस्तुति इसके अतिरिक्त 26 मार्च को विठु माऊली वाद्य पथक द्वारा ढोल-ताशा की भव्य प्रस्तुति दी जाएगी। महाराष्ट्र की वीरतापूर्ण परंपरा से जुड़ा यह वाद्य समूह विशेष वेशभूषा में सुसज्जित होकर सामूहिक ऊर्जा और आध्यात्मिक आनंद का अद्वितीय अनुभव कराएगा। ढोल-ताशा की यह परंपरा, जिसका उद्गम पुणे में हुआ, आज सम्पूर्ण भारत में उत्साह और एकता का प्रतीक बन चुकी है। इस प्रकार अयोध्या में धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक विविधता और संगीतमय उत्सव का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है, जो न केवल श्रद्धालुओं को आकर्षित कर रहा है, बल्कि भारतीय संस्कृति की समृद्ध परंपरा को भी नवीन आयाम प्रदान कर रहा है। भगवान के जन्मोत्सव के बाद 6 दिन तक मंदिर में और उत्सव मनाया जाएगा और छठवें दिन भगवान की छुट्टी मनाई जाएगी उसके बाद उत्सव का समापन होगा।
    Click here to Read more
    Prev Article
    मांट में निर्माणाधीन मकान की छत गिरी, राजमिस्त्री की मौत:मलबे में दबकर आधा दर्जन मजदूर घायल, दो की हालत गंभीर
    Next Article
    वित्तमंत्री ने सांसद संग मॉडल कंपोजिट विद्यालय का शिलान्यास किया:24 करोड़ 67 लाख की लागत, सांसद बोले-बच्चों का भविष्य सुनहरा होगा

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment