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    इस देश में खाली हो गया US बेस? ईरान से डरकर भागे सैकड़ों सैनिक!

    2 hours from now

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    मिडिल ईस्ट में जंग को 39 दिन पूरे हो चुके हैं। लेकिन गुजरते दिन के साथ युद्ध और ज्यादा भीषण होता जा रहा है। इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर बड़े हमले की धमकी दी बल्कि ईरान को खत्म करने की बात भी कही जिससे पूरी दुनिया में हड़कंप मचा हुआ है। हर कोई सिर्फ यही सोच रहा है कि अमेरिका आखिरकार अब क्या करने वाला है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को धमकी दी है कि अगर उसने डील नहीं की और हुरमुज समुद्री मार्ग नहीं खोला तो ईरान पर इतने हमले करेंगे कि वह पाषाण युग में चला जाएगा। लेकिन कुछ ही घंटे बाद अचानक से सीजफायर का ऐलान हो जाता है। मेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खुद की निर्धारित की हुई समय-सीमा खत्म होने से करीब 90 मिनट पहले घोषणा की कि अमेरिका ने पाकिस्तान के प्रस्ताव पर ईरान के साथ दो सप्ताह के संघर्षविराम पर सहमति जताई है। अमेरिका और ईरान के बीच दो सप्ताह के युद्धविराम पर सहमति बनने की घोषणा के कुछ घंटे बाद बुधवार सुबह बहरीन में मिसाइल अलर्ट के सायरन की आवाज सुनी गई। बहरीन के आंतरिक मंत्रालय ने इसकी पुष्टि की। युद्धविराम समझौते से यह तुरंत स्पष्ट नहीं हो पाया कि लड़ाई कब रुकेगी। घोषणा के बाद ईरान ने खाड़ी अरब देशों और इजराइल पर मिसाइलें दागी हैं।इसे भी पढ़ें: Iran 10 Point Conditions On Ceasefire: ईरान की कौन सी 10 बड़ी शर्तें मान गया अमेरिका? तेहरान ने कहा बड़ी जीत, देखें लिस्टअमेरिका ने पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच एक बड़ा और चौंकाने वाला कदम उठाया है। ट्रंप प्रशासन ने फारस की खाड़ी से सटे बहरीन में तैनात अपने करीब 1500 सैनिकों और उनके परिवारों को गुप्त तरीके से वहां से निकाल लिया है। इस गुपचुप निकासी और बहरीन से नौसैनिकों की तैनाती पर अमेरिकी यू टर्न का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सैनिकों से कहा गया था कि वे अपने साथ केवल उतना ही सामान ले जाएं जितना कि उनके एक बैग पैक में आ सके। इसके साथ ही अमेरिकी सैनिकों को पालतू जानवरों को भी निकालने की इजाजत दी गई थी। मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि उन्हें आदेश दिया गया था कि जो बैग में आ सके उतना ही लेकर तुरंत निकलो। रिपोर्ट्स के मुताबिक यह निकासी ईरान के मिसाइल और ड्रोन खतरों के बीच की गई है। सैनिकों को वहां से निकलने के लिए कोई लंबी तैयारी का समय नहीं मिल सका। उन्हें सिर्फ एक निर्देश मिला बैग पैक करो और निकलो। इसे भी पढ़ें: China ने मनाया तब जाकर माना ईरान, पाकिस्तान नहीं जिनपिंग के दखल से हुआ सीजफायररिपोर्ट्स में कहा गया कि कई लोग सिर्फ कपड़ों जरूरी सामान के साथ ही रवाना हो गए। एक अधिकारी के मुताबिक वे लगभग खाली हाथ लौटे। सिर्फ उतना ही लिया जो बैक पैक में आ सका। फारस की खाली के दक्षिणी तट पर बसा बहरीन सिर्फ एक छोटा द्वीप नहीं बल्कि यहां अमेरिकी सेना की पांचवी फ्लिट का मुख्यालय भी है। जिस पर ईरान युद्ध के बीच मंडराता खतरा बढ़ गया है। यहीं से पूरे पश्चिम एशिया में समुद्री ऑपरेशन कंट्रोल होते हैं। इसके अलावा यह क्षेत्र तेल आपूर्ति और शिपिंग रूट्स के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण है। लेकिन सबसे बड़ा खतरा ईरान है। यह ईरान के तट से मात्र 124 नर्थिकल माइल्स टूर पर है। यानी बहरीन ईरानी मिसाइलों और ड्रोनों की सीधी पहुंच में है। ईरान ने इस महीने की शुरुआत में ही बहरीन में अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं। हाल के घटनाक्रमों में जहां अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान को पाषाण युग में भेजने की धमकी दी है। 
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