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    जेलों को भी अपग्रेड करने की जरूरत- राजपाल यादव:बोले- हर सुधार गृह में हो स्मोकिंग एरिया, जेल से रिहा होकर शाहजहांपुर पहुंचे

    13 hours ago

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    राजपाल यादव तिहाड़ जेल से रिहा होने के बाद बुधवार को शाहजहांपुर पहुंचे। जहां परिवार और ग्रामीणों ने उनका जोरदार स्वागत किया। इस दौरान उन्होंने जेल सुधार, कानून व्यवस्था और धूम्रपान को लेकर खुलकर अपनी राय रखी। राजपाल यादव ने कहा कि जब देश की हर व्यवस्था अपग्रेड हो रही है, तो जेलों को भी आधुनिक बनाया जाना चाहिए। साथ ही उन्होंने सुधार गृहों में अलग धूम्रपान क्षेत्र बनाने का सुझाव दिया। वहीं समर्थकों का आभार जताते हुए कहा कि जो लोग खुलकर और जो बिना सोशल मीडिया पर आए उनका साथ देते रहे, वे सभी उनके लिए सम्मान के पात्र हैं। उन्होंने कहा, हम स्मोकिंग को प्रमोट नहीं कर रहे हैं। लेकिन जब देश में इसकी बिक्री होती है और इसका कारोबार चलता है, तो सुधार गृहों में भी इसके लिए अलग स्थान होना चाहिए। हम खुद भी धूम्रपान के शिकार हैं, बहुत कोशिश कर रहे हैं, लेकिन अभी तक पूरी तरह छोड़ नहीं पाए हैं। 600 करोड़ लोग नाम से जानते हैं राजपाल यादव ने कहा, पूरे विश्व में उनके प्रशंसक हैं। 800 करोड़ लोगों की आबादी में से लगभग 600 करोड़ लोग उन्हें नाम से जानते हैं। उन्होंने स्वयं को भारतीय सिनेमा का एक जिम्मेदार अभिनेता बताया, जो कॉमेडी, गंभीर और विविध प्रकार की भूमिकाएं निभाना जानता है। कहा कि कला एक विज्ञान है और वे स्वयं को विज्ञान का विद्यार्थी मानते हैं। उनके लिए आटा, दाल, चावल और खेती-बाड़ी जीवन का आधार रहे हैं। जिस गांव में वे खड़े हैं, उससे उनका बचपन का नाता है। कला को जीने की जो भूख उनके भीतर है, वहीं उनकी असली पूंजी है। पिछले 30 साल में उन्हें कभी काम ढूंढना नहीं पड़ा, क्योंकि वे काम को जीते हैं। जब तक उनके शरीर में सांस है, तब तक यह सब लोगों के आशीर्वाद और साथ का परिणाम है। जेल अवधि को बताया ‘चिंतन शिविर’ उन्होंने कहा, वे एक जिम्मेदारी के साथ यह बात कह रहे हैं कि दिल्ली की तिहाड़ जेल उनके लिए एक चिंतन शिविर रही है। जब देश में हर क्षेत्र में उन्नयन (अपग्रेड) हो रहा है, तो जेलों का भी आधुनिकीकरण होना चाहिए। कानून सबके लिए बराबर है। कानून से बड़ा कोई नहीं है। हम सभी कानून के अधीन हैं। कानून सजा देता है, लेकिन कैदियों के आचरण, व्यवहार और संस्कार को भी देखा जाना चाहिए। उनकी इच्छा है कि कम से कम दस प्रतिशत ऐसे कैदियों को, जो सजायाफ्ता हैं और बार-बार अदालत नहीं जा पाते, उनके अच्छे आचरण और व्यवहार के आधार पर एक नया जीवन जीने का अवसर दिया जाए। ऐसे हजारों लोग समाज की धरोहर बन सकते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे यह नहीं कह रहे कि किसे रिहा किया जाए और किसे नहीं, बल्कि इस विषय पर गंभीरता से विचार होना चाहिए। घृणा पाप से करो, पापी से नहीं उन्होंने कहा कि घृणा पाप से करनी चाहिए, पापी से नहीं। यदि हर जगह, जैसे एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशन पर, स्मोकिंग एरिया बनाए जाते हैं, तो जेलों में भी प्रत्येक वार्ड में एक या दो धूम्रपान क्षेत्र निर्धारित होने चाहिए। ताकि अन्य लोग उसके प्रभाव से बच सकें। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि वे स्वयं धूम्रपान की आदत से ग्रस्त हैं और बहुत प्रयासों के बावजूद इसे छोड़ नहीं पा रहे हैं। क्यों जेल में बंद थे राजपाल यादव? साल 2010 में राजपाल यादव ने फिल्म अता पता लापता बनाने के लिए प्राइवेट कंपनी मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से 5 करोड़ रुपए का कर्ज लिया था। ये फिल्म फ्लॉप रही और राजपाल यादव को आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ा। राजपाल समय रहते कर्ज की रकम नहीं लौटा सके। लोन लेते समय राजपाल ने जो चेक कंपनी को दिए थे वो बाउंस हो गए, जिसके बाद एक्टर के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई गई। दोनों पार्टी के बीच समझौते के बावजूद पूरी पेमेंट नहीं हुई और समय के साथ ब्याज जुड़ता गया, जिससे कुल कर्ज काफी बढ़ गया। साल 2018 में दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट ने राजपाल यादव को दोषी ठहराया और उन्हें छह महीने की जेल की सजा सुनाई। इसके बाद उन्होंने हाई कोर्ट में अपील की, जहां उन्हें कई बार राहत मिली, क्योंकि उन्होंने भुगतान और समझौते का भरोसा दिया था। हालांकि, फरवरी की शुरुआत में दिल्ली हाई कोर्ट ने एक्टर को पूर्व में दी गई रियायतों और समय सीमा को बढ़ाने से इनकार कर दिया था। कोर्ट ने उन्हें 4 फरवरी तक सरेंडर करने का आदेश दिया था, जिसके बाद उन्होंने 5 फरवरी को शाम लगभग 4 बजे आत्मसमर्पण किया। सरेंडर से पहले कहा था- मेरे पास पैसे नहीं हैं सरेंडर करने से पहले राजपाल ने कहा था कि उनके पास लौटाने के लिए पैसे नहीं हैं। जब वो जेल गए तो सोनू सूद ने इंडस्ट्री से एकजुट होकर एक्टर की मदद करने की अपील की। इसके बाद कई लोग राजपाल यादव की मदद के लिए आगे आए। सलमान खान, अजय देवगन, डेविड धवन जैसे कई लोगों ने एक्टर को आर्थिक मदद दी। ------------------------------------------ ये भी पढ़ें… रोहित शेट्‌टी के घर अटैक करने वाले आगरा के मजदूर-वेटर:पिता बोले- बेटा उस रात घर में था, हमारे पास CCTV; गांव में दहशत मुंबई के जुहू में रोहित शेट्‌टी के घर पर 5 राउंड गोली चलाई गई। 31 जनवरी को हुए हमले के बाद 15 फरवरी की आधी रात 1230 Km दूर आगरा से 5 आरोपियों को अरेस्ट किया गया। पुलिस के मुताबिक, ये लड़के लॉरेंस बिश्नोई के लिए काम करने वाले शुभम लोनकर गैंग से जुडे़ थे। उनके अलावा, नोएडा और झज्जर से 1-1 आरोपी पकड़े गए। इन्हें प्लेन से मुंबई ले जाया गया। पढ़ें पूरी खबर…
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