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    जलभराव से परेशान युवक ने दी आत्मदाह की चेतावनी:इटावा में NHAI टीम पहुंची, दो ट्रक डामर-गिट्टी डालकर किया अस्थायी समाधान

    5 hours ago

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    इटावा के अड्डा भगवान ITI सर्विस रोड पर छह साल से जलभराव की समस्या झेल रहे स्थानीय युवक रवि कुमार ने गुरुवार को आत्मदाह की चेतावनी दी। लगातार शिकायतों के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं होने से वह नाराज था। दैनिक भास्कर में खबर प्रकाशित होने के बाद NHAI की टीम मौके पर पहुंची और जलभराव वाले मार्ग पर दो ट्रक डामर-गिट्टी डलवाकर अस्थायी राहत देने की कोशिश की। NHAI की टीम ने जलभराव वाले हिस्से में दो ट्रक डामर और गिट्टी डलवाई। इससे कुछ समय के लिए लोगों को राहत की उम्मीद जगी, लेकिन स्थानीय लोगों ने इसे खानापूर्ति बताया। उनका कहना है कि सड़क पर पानी जमा होने की मुख्य वजह जलनिकासी की उचित व्यवस्था नहीं होना है। जब तक पानी निकासी का स्थायी इंतजाम नहीं होगा, समस्या बनी रहेगी। रवि कुमार ने बताया कि वह लंबे समय से अपने घर में क्लिनिक खोलना चाहता है, लेकिन जलभराव के कारण ऐसा नहीं कर पा रहा। लगातार पानी और गंदगी जमा रहने से घर के आसपास का माहौल खराब रहता है। उसने बताया कि वह छह साल से समस्या के समाधान के लिए अधिकारियों के चक्कर लगा रहा है, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं हुआ। IGRS पर शिकायत की तो 42 लाख के बजट की मिली जानकारी रवि ने बताया कि जलभराव की समस्या दूर नहीं होने पर उसने आत्मदाह की चेतावनी दी थी। इसके बाद पुलिस भी उसके घर पहुंची और उसके बारे में पूछताछ की। हालांकि, पुलिस के पहुंचने के समय वह घर पर मौजूद नहीं था। रवि का कहना है कि वह लगातार अधिकारियों से समस्या का समाधान कराने की मांग कर रहा है। रवि के मुताबिक, उसने जलभराव की समस्या को लेकर IGRS पर शिकायत की थी। शिकायत के जवाब में उसे जानकारी मिली कि नगर पालिका की ओर से करीब 42 लाख रुपए का बजट स्वीकृत किया गया है। उसका कहना है कि नगर पालिका से संपर्क करने पर पहले क्षेत्रीय लोगों के हस्ताक्षर वाला पत्र लाने को कहा गया। ‘बजट स्वीकृत है तो काम क्यों नहीं शुरू हुआ?’ रवि का सवाल है कि यदि जलभराव की समस्या दूर करने के लिए 42 लाख रुपए का बजट स्वीकृत है तो अब तक स्थायी काम क्यों शुरू नहीं हुआ। स्थानीय लोगों का कहना है कि छह साल से लोग परेशानी झेल रहे हैं। बार-बार शिकायत और आवेदन देने के बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है। 70 वर्षीय महिला बोलीं- कई बार गिरकर घायल हो चुकी हूं क्षेत्र की करीब 70 वर्षीय महिला ने बताया कि जलभराव के कारण वह कई बार गिरकर घायल हो चुकी हैं। उन्होंने कहा कि बच्चे भी आए दिन गंदे पानी में गिर जाते हैं। महिला के मुताबिक घरों के सीवर और नालियों का पानी यहां जमा रहता है। बारिश के दौरान पूरा मार्ग तालाब में बदल जाता है। स्थानीय लोगों के अनुसार हल्की बारिश में ही ITI सर्विस रोड पर पानी भर जाता है। तेज बारिश में सड़क और आसपास का क्षेत्र पूरी तरह जलमग्न हो जाता है। पानी में सड़क के गड्ढे दिखाई नहीं देने से वाहन चालकों और पैदल राहगीरों के लिए हादसे का खतरा बना रहता है। स्कूली बच्चों और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा परेशानी होती है। छह साल से शिकायत, फिर भी नहीं हुआ स्थायी समाधान स्थानीय निवासियों का कहना है कि जिला प्रशासन, नगर पालिका और NHAI अधिकारियों को कई बार प्रार्थना पत्र दिए गए, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ। लोगों का आरोप है कि दूसरी जगह जलभराव को लेकर चक्काजाम होने पर अधिकारी तत्काल मौके पर पहुंच गए, जबकि वे लंबे समय से शांतिपूर्वक शिकायत कर रहे हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि क्या अपनी समस्या के समाधान के लिए सड़क पर उतरकर चक्काजाम करना जरूरी है। उनका कहना है कि समय रहते शिकायतों पर कार्रवाई होती तो छह साल तक जलभराव की समस्या नहीं झेलनी पड़ती। अब लोग स्थायी जलनिकासी व्यवस्था की मांग कर रहे हैं। स्थायी समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन की चेतावनी लोगों के अनुसार लंबे समय तक गंदा पानी जमा रहने से मच्छर और गंदगी बढ़ रही है, जिससे बीमारियां फैलने का खतरा है। पानी और कीचड़ के कारण सड़क भी कई जगह खराब हो चुकी है। लोगों का कहना है कि केवल डामर-गिट्टी डालने के बजाय जलनिकासी की समस्या को स्थायी रूप से खत्म किया जाना चाहिए। स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन, नगर पालिका और NHAI से जलभराव का स्थायी समाधान कराने की मांग की है। उनका कहना है कि दो ट्रक डामर-गिट्टी डालने से अस्थायी राहत मिल सकती है, लेकिन छह साल पुरानी समस्या खत्म नहीं होगी। स्थायी समाधान नहीं हुआ तो स्थानीय लोगों ने आंदोलन और चक्काजाम की चेतावनी दी है।
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